KGMU धर्मांतरण केस; रमीज का जाकिर नाइक से कनेक्शन! मोबाइल से मिली संदिग्ध चैट्स, दिल्ली बम धमाकों से भी जुड़े तार

लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से जुड़े कथित धर्मांतरण मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियों को मुख्य आरोपी रमीज़ के मोबाइल फोन से ऐसी संदिग्ध चैट्स और डिजिटल इनपुट मिले हैं, जिनसे उसका संबंध कट्टरपंथी विचारधाराओं और विवादित प्रचारकों तक जाता हुआ दिख रहा है। शुरुआती जांच में रमीज़ का नाम जाकिर नाइक से जुड़े कंटेंट और संपर्कों के संदर्भ में सामने आया है, जिसने मामले की गंभीरता और बढ़ा दी है।

मोबाइल डेटा से खुले नए सुराग

जांच एजेंसियों के अनुसार, रमीज़ के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में कई डिलीट की गई चैट्स, ऑडियो क्लिप्स और लिंक रिकवर किए गए हैं। इनमें ऐसे वीडियो, भाषणों के अंश और मैसेज शामिल हैं, जो जाकिर नाइक की विचारधारा से मेल खाते बताए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन चैट्स के माध्यम से धर्मांतरण से जुड़े नैरेटिव, प्रशिक्षण सामग्री और वैचारिक दिशा-निर्देश साझा किए गए थे।

दिल्ली बम धमाकों से जुड़े संदर्भ

जांच का एक और संवेदनशील पहलू यह है कि मोबाइल डेटा में कुछ ऐसे कीवर्ड, लोकेशन टैग्स और संपर्क नंबर मिले हैं, जिनका संदर्भ पहले हुए दिल्ली बम धमाकों की जांच में सामने आए नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह संबंध प्रत्यक्ष है या वैचारिक/डिजिटल स्तर तक सीमित, लेकिन एजेंसियाँ इसे संभावित लिंक मानकर गहराई से खंगाल रही हैं।

नेटवर्किंग और संपर्कों की परतें

अधिकारियों का मानना है कि रमीज़ अकेला काम नहीं कर रहा था। उसके मोबाइल से मिले डेटा में एक संगठित नेटवर्क की झलक मिलती है—जिसमें विभिन्न शहरों के संपर्क, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स और नियमित संवाद के संकेत हैं। इन संपर्कों की भूमिका, उद्देश्य और फंडिंग से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच एजेंसियाँ डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक वैधता, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और इंटर-स्टेट लिंक पर विशेष ध्यान दे रही हैं। जरूरत पड़ने पर अन्य केंद्रीय एजेंसियों से भी सहयोग लिया जा सकता है। KGMU प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परिसर की प्रतिष्ठा और छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है, और किसी भी अवैध गतिविधि पर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।

आगे की जांच का फोकस

जांच का अगला चरण तीन बिंदुओं पर केंद्रित है—
पहला, मोबाइल डेटा में मिले कंटेंट और संपर्कों की प्रामाणिकता और उद्देश्य
दूसरा, कथित धर्मांतरण गतिविधियों में वैचारिक प्रेरणा और संचालन का तरीका।
तीसरा, दिल्ली बम धमाकों से जुड़े संदर्भों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध

निष्कर्ष

KGMU धर्मांतरण केस अब केवल एक स्थानीय अपराध का मामला नहीं रह गया है। मोबाइल से मिले डिजिटल सुरागों ने इसे वैचारिक नेटवर्क, संभावित कट्टरपंथी प्रभाव और राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ से जोड़ दिया है। जांच एजेंसियाँ सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्य-आधारित कार्रवाई कर रही हैं। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे फॉरेंसिक रिपोर्ट्स और पूछताछ आगे बढ़ेगी, इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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