मुस्लिम कुरीतियों और कट्टरपंथ के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने वाले पूर्व मुस्लिम सलीम उर्फ सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। रविवार (1 मार्च 2026) की रात गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में मुख्य आरोपी जीशान मारा गया। इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि आरोपी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह लगातार फरार चल रहा था।
मुठभेड़ कैसे हुई?
पुलिस के अनुसार, हमले के बाद से ही आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई थी। शनिवार को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान कर ली गई थी। इसके बाद विभिन्न टीमों को सक्रिय किया गया और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी।
रविवार रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी लोनी क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें जीशान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिसकर्मी भी हुए घायल
मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायल जवानों की हालत अब स्थिर है।
घटनास्थल से क्या मिला?
पुलिस ने मौके से एक पिस्टल, कई जिंदा कारतूस, वारदात में इस्तेमाल किया गया सर्जिकल ब्लेड और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। मोटरसाइकिल का उपयोग हमले के दौरान किया गया था। बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
हमले की पृष्ठभूमि
बताया जा रहा है कि सलीम उर्फ सलीम वास्तिक लंबे समय से मुस्लिम समाज की कुरीतियों और कट्टरपंथ के खिलाफ सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर अपनी राय रखते रहे हैं। इसी कारण उन्हें पहले भी धमकियां मिलने की बात सामने आई थी।
पुलिस के मुताबिक, जीशान ने अपने भाई गुलफाम के साथ मिलकर इस हमले की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। दोनों भाइयों पर एक कट्टरपंथी संगठन से जुड़े होने का आरोप है। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत जांच अभी जारी है।
आरोपी की पृष्ठभूमि
27 वर्षीय जीशान अमरोहा जिले के नंगला चौकी थाना क्षेत्र का निवासी था। जानकारी के अनुसार, वह एक यूट्यूब चैनल भी चलाता था और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहता था। पुलिस उसके डिजिटल रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हमले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।
दूसरा आरोपी अब भी फरार
हमले में शामिल दूसरा आरोपी गुलफाम अभी फरार है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों ने की समीक्षा
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जांच जारी
पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ की पूरी घटना की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी। साथ ही हमले की साजिश, फंडिंग और संभावित सहयोगियों की भी जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
फिलहाल, इस मामले की जांच जारी है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है।
