राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक संगठनात्मक विस्तार, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित में समाज की सकारात्मक शक्ति को सक्रिय करने के संकल्प के साथ सम्पन्न हुई। बैठक के अंतिम दिन संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए संगठन की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
शाखाओं और गतिविधियों में तेजी से बढ़ोतरी
दत्तात्रेय होसबाले ने बताया कि पिछले एक वर्ष में संघ के कार्य में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। देशभर में संघ की शाखाओं की संख्या लगभग छह हजार बढ़कर अब 88 हजार से अधिक हो चुकी है। इसी तरह शाखाओं के संचालन वाले स्थान भी बढ़कर 55 हजार से अधिक हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि संघ की साप्ताहिक मिलन और मंडलियों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। यह विस्तार केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, लेह और दूरदराज के जनजातीय क्षेत्रों तक भी संघ की शाखाएं सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।
संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के दौरान यह विस्तार और भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
समाज में सकारात्मक परिवर्तन पर जोर
संघ का लक्ष्य केवल संगठन का विस्तार करना ही नहीं है, बल्कि समाज में गुणवत्ता और सकारात्मकता को भी बढ़ाना है। इसी उद्देश्य से संघ ‘पंच परिवर्तन’ के माध्यम से समाज को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित कर रहा है।
होसबाले ने कहा कि भारतीयता या हिन्दुत्व केवल एक विचारधारा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक शैली है। इसके माध्यम से समाज में नैतिकता, अनुशासन और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि समाज की सज्जन शक्ति को एकत्र करना और ‘पावर ऑफ गुड’ को राष्ट्रहित में सक्रिय करना आज की आवश्यकता है।
गौसेवा और ग्राम विकास पर भी जोर
प्रतिनिधि सभा में आगामी वर्ष के प्रशिक्षण वर्गों की भी जानकारी दी गई। संघ के 11 क्षेत्रों में प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाएंगे और नागपुर में एक विशेष वर्ग होगा। इस प्रकार कुल 96 प्रशिक्षण वर्ग संचालित किए जाने की योजना है।
बैठक में गौसेवा और ग्राम विकास को बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाओं पर विचार किया गया। लोगों को प्रेरित किया जाएगा कि वे अपने घर की छतों पर सब्जियां उगाएं और उसमें देसी गोबर तथा गौमूत्र से बनी जैविक खाद का उपयोग करें। इससे न केवल स्वास्थ्यवर्धक भोजन मिलेगा, बल्कि गौसंवर्धन को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके साथ ही “हरित घर” की अवधारणा को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसमें घरों में पॉलीथीन का कम से कम उपयोग, जल संरक्षण और पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया जाएगा।
संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की तैयारी
संघ की संगठनात्मक संरचना में भी महत्वपूर्ण बदलाव की तैयारी की जा रही है। होसबाले ने बताया कि संघ में विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए नई संरचना पर विचार किया गया है।
इस प्रस्ताव के तहत वर्तमान प्रांत व्यवस्था की जगह छोटी इकाई ‘संभाग’ बनाने की योजना है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो संघ के 46 प्रांतों की जगह 80 से अधिक संभाग बनाए जाएंगे।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में भी संगठनात्मक ढांचे में बदलाव प्रस्तावित है। यहां अभी छह प्रांतों की व्यवस्था है, जिसे बढ़ाकर दस संभागों में विभाजित करने पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य संगठनात्मक कार्य को अधिक प्रभावी और स्थानीय स्तर पर मजबूत बनाना है।
जातिगत विभाजन समाप्त करने की अपील
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में होसबाले ने कहा कि समाज में जातिगत विभाजन को समाप्त करने के लिए मीडिया की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सुझाव दिया कि चुनावों के दौरान मतदाताओं की संख्या का जाति के आधार पर विश्लेषण और प्रचार बंद होना चाहिए, क्योंकि इससे समाज में अनावश्यक विभाजन बढ़ता है।
वैश्विक परिस्थितियों पर भी टिप्पणी
वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा राष्ट्रहित में किए जा रहे कूटनीतिक प्रयास सराहनीय हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व में शांति, सहयोग और विकास का समर्थक है और भारत को वैश्विक स्तर पर सकारात्मक भूमिका निभाते हुए देखना चाहता है।
