गौ-संरक्षण पर CM योगी की अहम बैठक, मथुरा कांड की भी हुई चर्चा, पशु तस्करों की खैर नहीं

उत्तर प्रदेश में गौ-संरक्षण और अवैध पशु तस्करी पर लगाम कसने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में न केवल प्रदेशभर में गौवंश की सुरक्षा को लेकर रणनीति तैयार की गई, बल्कि हाल ही में सामने आए मथुरा कांड पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि पशु तस्करी में लिप्त तत्वों के खिलाफ अब और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मथुरा कांड ने बढ़ाई सख्ती की जरूरत

मथुरा में सामने आए हालिया मामले ने प्रशासन को झकझोर दिया है। इस घटना ने गौ-तस्करी और पशु क्रूरता के मुद्दे को फिर से केंद्र में ला दिया। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाई जाए और दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

CM योगी का स्पष्ट संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि गौ-संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि गौशालाओं की स्थिति में सुधार किया जाए और वहां रहने वाले गौवंश के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

अवैध पशु तस्करी पर कड़ा प्रहार

बैठक में यह तय किया गया कि प्रदेशभर में पशु तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। पुलिस और प्रशासन को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि तस्करी के नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके। सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी रखने की भी योजना बनाई गई है।

टेक्नोलॉजी का होगा इस्तेमाल

गौ-संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए सरकार आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी जोर दे रही है। सीसीटीवी निगरानी, ट्रैकिंग सिस्टम और डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

गौशालाओं की स्थिति सुधारने पर जोर

बैठक में गौशालाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गौशालाओं में साफ-सफाई, भोजन और चिकित्सा सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके साथ ही स्थानीय निकायों और स्वयंसेवी संगठनों को भी इस कार्य में शामिल करने की बात कही गई।

सरकार ने साफ कर दिया है कि यदि किसी भी क्षेत्र में गौ-तस्करी या पशु क्रूरता की घटना सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इससे प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित होगी और कार्यप्रणाली में सुधार आएगा।

योगी सरकार का यह कदम स्पष्ट करता है कि प्रदेश में गौ-संरक्षण को लेकर नीति और कार्रवाई दोनों स्तरों पर सख्ती बरती जा रही है। मथुरा कांड के बाद उठाए गए ये कदम न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत करेंगे, बल्कि पशु तस्करी जैसे गंभीर अपराधों पर भी प्रभावी रोक लगाने में मदद करेंगे।

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