योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम लिखी अपनी चिट्ठी में कहा है कि सुशासन, पारदर्शिता और समावेशी नीतियों के बल पर उत्तर प्रदेश आज देश के शीर्ष तीन राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। उन्होंने बीते नौ वर्षों को परिवर्तन और नव निर्माण की अवधि बताते हुए कहा कि राज्य ने कानून-व्यवस्था, विकास और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
मुख्यमंत्री ने लिखा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की छवि कमजोर कानून-व्यवस्था और सीमित निवेश अवसरों के कारण प्रभावित थी, लेकिन सख्त प्रशासनिक निर्णयों और अपराध के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से सुरक्षा का वातावरण स्थापित किया गया। इससे उद्योगों और उद्यमियों का विश्वास बढ़ा तथा रोजगार के अवसर सृजित हुए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध अनुमोदन प्रणाली और एकल खिड़की व्यवस्था के माध्यम से उद्योगों को प्रोत्साहन दिया।
कृषि क्षेत्र को राज्य की अर्थव्यवस्था का आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड खरीद, फसल बीमा, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से सहायता दी जा रही है। गन्ना किसानों के भुगतान और खाद्यान्न खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, आवास और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जिससे जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने मिशन शक्ति अभियान, स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहयोग और बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने का उल्लेख किया। युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम, नवाचार प्रोत्साहन नीति और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए चिकित्सा महाविद्यालयों, अस्पतालों और विद्यालयों के उन्नयन का भी जिक्र किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का लक्ष्य एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनना है और इसके लिए बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नए तीव्रगति मार्ग, हवाई अड्डे और औद्योगिक गलियारे प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जोड़ रहे हैं। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत वृद्ध, दिव्यांग और निराश्रित वर्गों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता दी जा रही है।
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से सहयोग और सहभागिता की अपील करते हुए कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश का सपना जनता के साथ मिलकर ही साकार होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से राज्य आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का प्रमुख केंद्र बनेगा।
