उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकारी भूमि को अतिक्रमण-मुक्त कराने की मुहिम तेज़ कर दी गई है। इसी क्रम में देहरादून और उसके आसपास सरकारी जमीन पर बनी अवैध मजारों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, प्रदेशभर में अब तक 573 ऐसी अवैध मजारों को हटाया जा चुका है, जहां अंधविश्वास के नाम पर अवैध गतिविधियों की शिकायतें सामने आई थीं।
घंटाघर क्षेत्र में देर रात कार्रवाई
बीती रात नगर प्रशासन, एमडीडीए और नगर निगम की संयुक्त टीम ने घंटाघर के पास एचएनबी कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में स्थित एक अवैध संरचना को ध्वस्त कर दिया। बुलडोजर से निर्माण हटाकर टीन शेड और मलबा साफ किया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
कानूनी प्रक्रिया के बाद ध्वस्तीकरण
नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर पहले निर्माण का सर्वे कराया गया था। एमडीडीए की ओर से भूमि और निर्माण से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किए गए। दस्तावेजों की जांच में वैधता सिद्ध न होने पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
राज्यव्यापी अभियान जारी
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर पूरे राज्य में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान चल रहा है। अब तक लगभग 11 हजार एकड़ सरकारी जमीन अवैध कब्जों से मुक्त कराई जा चुकी है। इसी अभियान के तहत अवैध रूप से बनी मजारों को भी हटाया गया है। कुछ मामलों में इन निर्माणों को वक्फ बोर्ड में दर्ज कराने के प्रयासों की भी जांच की जा रही है।
बिना भेदभाव कार्रवाई का संदेश
पहले से जारी नोटिस के आधार पर गुरुवार देर रात की गई इस कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। जहां भी अवैध निर्माण पाया जाएगा, उसे बिना किसी भेदभाव के हटाया जाएगा।
