AI Impact Summit Delhi 2026: दिल्ली में AI का महाकुंभ! 800 से ज्यादा स्टार्टअप्स और 2.5 लाख लोगों का मेला, पीएम मोदी ने दी बधाई

दिल्ली ने एक बार फिर तकनीकी इतिहास रच दिया। AI Impact Summit Delhi 2026 देश का अब तक का सबसे बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आयोजन बनकर सामने आया, जहाँ 800 से अधिक स्टार्टअप्स और लगभग 2.5 लाख प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन सिर्फ एक सम्मेलन नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल भविष्य की झलक था।

इस भव्य समिट में देश-विदेश के तकनीकी विशेषज्ञ, निवेशक, उद्योगपति, छात्र और नीति-निर्माता एक मंच पर आए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत को दुनिया के सामने मजबूती से पेश किया गया।

पीएम मोदी का संदेश: “AI भारत की विकास यात्रा का अहम हिस्सा”

इस अवसर पर Narendra Modi ने समिट को बधाई देते हुए कहा कि AI भारत के विकास, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने स्टार्टअप्स और युवा नवाचारकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि भारत AI के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

800+ स्टार्टअप्स: आइडिया से इनोवेशन तक

समिट में हेल्थकेयर, फिनटेक, एग्रीटेक, साइबर सिक्योरिटी, एजुकेशन और गवर्नेंस जैसे कई क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप्स ने अपने AI आधारित समाधान प्रस्तुत किए।

  • हेल्थ सेक्टर में AI से रोग पहचान और डायग्नोस्टिक सिस्टम

  • खेती में स्मार्ट डेटा एनालिटिक्स और ड्रोन तकनीक

  • शिक्षा में पर्सनलाइज्ड लर्निंग प्लेटफॉर्म

  • साइबर सुरक्षा में रियल-टाइम थ्रेट डिटेक्शन

इन स्टार्टअप्स को निवेशकों से जुड़ने और वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिला।

2.5 लाख लोगों की भागीदारी: टेक्नोलॉजी का उत्सव

इस आयोजन में छात्रों, डेवलपर्स और टेक प्रेमियों की भारी भीड़ देखने को मिली। वर्कशॉप, पैनल डिस्कशन, लाइव डेमो और नेटवर्किंग सेशंस ने इसे एक जीवंत टेक फेस्टिवल का रूप दे दिया।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर AI को लेकर जागरूकता और भागीदारी भारत को टेक्नोलॉजी महाशक्ति बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

भारत का AI विज़न: वैश्विक मंच पर मजबूती

AI Impact Summit 2026 ने साफ संकेत दिया कि भारत अब केवल टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता और नवाचार का केंद्र बन रहा है। सरकार की नीतियाँ, स्टार्टअप इकोसिस्टम और युवाओं की भागीदारी मिलकर एक नई डिजिटल क्रांति की नींव रख रही हैं।

यह समिट सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह संदेश था कि भारत AI की दौड़ में पीछे नहीं, बल्कि आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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