अयोध्या: राम मंदिर परिसर की सुरक्षा में चूक, दक्षिणी परकोटे पर नमाज़ पढ़ते युवक को हिरासत में लिया गया

अयोध्या में राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। गुरुवार सुबह मंदिर परिसर के दक्षिणी परकोटे के पास एक युवक को नमाज़ पढ़ते हुए पकड़ा गया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत उसे रोककर हिरासत में ले लिया। घटना के सामने आते ही प्रशासन हरकत में आ गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

राम मंदिर जैसे अत्यंत संवेदनशील धार्मिक स्थल में इस तरह की घटना को हल्के में नहीं लिया जा रहा। शुरुआती जानकारी के मुताबिक युवक किसी तरह सुरक्षा घेरा पार कर परकोटे तक पहुंच गया, जो अपने आप में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

कैसे सामने आई घटना

सुबह के समय नियमित सुरक्षा गश्त के दौरान तैनात जवानों की नजर दक्षिणी हिस्से में एक युवक पर पड़ी। जब सुरक्षाकर्मियों ने पास जाकर देखा तो युवक नमाज़ अदा कर रहा था। सुरक्षा नियमों के मुताबिक मंदिर परिसर के भीतर किसी भी तरह की अनधिकृत धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं है।

जवानों ने तुरंत उसे रोका और पूछताछ शुरू की। युवक ने विरोध नहीं किया, लेकिन उसके मंदिर परिसर तक पहुंचने के तरीके को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। कुछ ही देर में स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

राम मंदिर परिसर में पहले से ही बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है। प्रवेश से पहले कई स्तरों पर जांच होती है, CCTV निगरानी रहती है और हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है। इसके बावजूद युवक का दक्षिणी परकोटे तक पहुंच जाना यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं निगरानी में चूक हुई है।

अब यह जांच का विषय है कि युवक ने किस रास्ते से प्रवेश किया, क्या उसने किसी तरह की मदद ली या सुरक्षा प्रक्रिया में कोई तकनीकी या मानवीय चूक हुई।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल युवक से पूछताछ की जा रही है। उसकी पहचान, पृष्ठभूमि और उद्देश्य की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में यह किसी संगठित साजिश जैसा नहीं लग रहा, लेकिन प्रशासन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर पहलू की जांच कर रहा है।

अधिकारियों ने साफ कहा है कि राम मंदिर की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की घटनाओं को भविष्य में रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जाएगी।

राम मंदिर न सिर्फ एक धार्मिक स्थल है, बल्कि देशभर की भावनाओं से जुड़ा विषय भी है। ऐसे में किसी भी तरह की अनधिकृत गतिविधि को लेकर प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। अधिकारियों ने अपील की है कि इस घटना को सांप्रदायिक नजरिए से न देखा जाए और जांच पूरी होने तक किसी भी तरह के निष्कर्ष से बचा जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों पर नियमों का पालन सभी के लिए समान होना चाहिए। किसी भी समुदाय या व्यक्ति द्वारा नियमों के उल्लंघन को कानून के दायरे में ही देखा जाना चाहिए, न कि भावनात्मक या राजनीतिक रंग देकर।

यह पहली बार नहीं है जब राम मंदिर परिसर की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हों। पिछले कुछ समय में कई बार संदिग्ध गतिविधियों के मामले सामने आए हैं, जिनमें बिना अनुमति फोटो खींचने या तय सीमा से आगे बढ़ने की कोशिशें शामिल रही हैं।

हर बार प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की है, लेकिन बार-बार ऐसी घटनाओं का सामने आना यह बताता है कि सुरक्षा व्यवस्था को लगातार अपडेट और मजबूत रखने की जरूरत है।

इस घटना के बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा ऑडिट पर विचार किया जा रहा है। प्रवेश बिंदुओं, निगरानी कैमरों और सुरक्षा गश्त के पैटर्न की समीक्षा की जा सकती है। साथ ही ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को और सख्त निर्देश दिए जाने की संभावना है।

प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मंदिर की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।

दक्षिणी परकोटे पर नमाज़ पढ़ते युवक की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह याद दिला दिया है कि राम मंदिर जैसे संवेदनशील स्थल पर सुरक्षा में जरा-सी चूक भी बड़ी बहस का कारण बन सकती है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि जांच में क्या सामने आता है और प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top