उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में बकरीद के दिन हुई एक सनसनीखेज हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया। 17 वर्षीय सूर्या प्रताप उर्फ सूर्या चौहान की उसके ही परिचित युवकों द्वारा कथित तौर पर चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया है और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
परिजनों के अनुसार, मुख्य आरोपी असद ने सूर्या को फोन कर मिलने के लिए बुलाया था। बताया जा रहा है कि सूर्या अपने दोस्तों के साथ नवनीत विहार इलाके में पहुंचा, जहां पहले से मौजूद आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि हमले से पहले आरोपियों ने कथित तौर पर “बकरा हलाल होते देखा है?” जैसी भयावह बात कही और फिर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए।
घटना 28 मई की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे की बताई जा रही है। सूर्या गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। शोर सुनकर परिवार के लोग और स्थानीय निवासी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। घायल सूर्या को तत्काल नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक के परिवार का कहना है कि सूर्या और असद पहले एक-दूसरे को जानते थे। कुछ महीने पहले दोनों के बीच कहासुनी और झगड़ा हुआ था, लेकिन बाद में मामला शांत हो गया था। परिवार का आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर ही इस हमले की साजिश रची गई।
इस हत्याकांड के बाद खोड़ा इलाके में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, परिजनों की शिकायत के आधार पर कई नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
इस मामले ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और युवाओं में बढ़ती हिंसा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर भी घटना को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर मामूली विवाद इतनी भयावह हत्या तक कैसे पहुंच गया। कई लोगों ने दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और सख्त सजा की मांग की है।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। सूर्या की मां ने कहा कि उनका बेटा किसी से दुश्मनी नहीं रखता था और उसे धोखे से बुलाकर मार डाला गया। परिवार ने सरकार और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। कई संगठनों और स्थानीय नेताओं ने इस मामले को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के भीतर बढ़ती कटुता, हिंसा और अविश्वास का भी संकेत मानी जा रही है। त्योहारों के बीच हुई इस वारदात ने लोगों को झकझोर दिया है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और अदालत की कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर सूर्या को इंसाफ कब और कैसे मिलेगा।
