जब ‘डोलियों’ में सज कर आई मौत, भेष बदल कर खिलजी की जिहादी फौज को उनके ही कैंप में घुसकर काटने वाले ‘गोरा और बादल’, रानी पद्मिनी की रक्षा के लिए दो हिंदू शेरों का महा-तांडव
साल 1303 ईसवी में दिल्ली के तख्त पर एक ऐसा खूंखार और अय्याश सुल्तान बैठा था, जिसकी हवस और दरिंदगी के किस्से सुनकर ही लोगों की रूह कांप जाती थी, और वो था अलाउद्दीन खिलजी! ये कोई ऐसा राजा नहीं था जो सिर्फ अपने साम्राज्य की सीमाएं बढ़ाना चाहता हो, बल्कि ये वो जिहादी भेड़िया […]









