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सत्ता का मोह या बंगाल से द्रोह? ममता के राज में 'मां, माटी और मानुष' क्यों हुए बेहाल

सत्ता का मोह या बंगाल से द्रोह? ममता के राज में ‘मां, माटी और मानुष’ क्यों हुए बेहाल

ममता बनर्जी ने 15 साल के राज में बंगाल का क्या हाल कर दिया है ये जानने के लिए आपको कोलकाता के बाहरी इलाके से निकलने वाली किसी लोकल ट्रेन में बैठना पड़ेगा। आप पाएंगे की रेलवे लाइन के दोनों तरफ झोपड़ियां और ढांचे खड़े कर दिए गए हैं। ये बस्तियां उन बंगाली हिंदुओं की […]

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असम से दक्षिण तक NDA की बढ़त, बंगाल में भी सत्ता परिवर्तन की आहट: ‘The Logsabha’ Opinion Desk का चौंकाने वाला अनुमान

देश के पांच बड़े चुनावी रण—असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी—अब सिर्फ क्षेत्रीय सत्ता की लड़ाई नहीं रहे, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के भविष्य का रोडमैप तय करने जा रहे हैं। Logsabha Opinion Desk के विस्तृत विश्लेषण, ग्राउंड फीडबैक और विभिन्न सर्वे एजेंसियों के डेटा को मिलाकर जो तस्वीर सामने आ रही है, वह स्पष्ट

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बागपत बन रहा पाकिस्तान? दलित प्रोफेसर की मुस्लिम ससुरालियों ने पीट-पीटकर की हत्या, सारे राजनीति दल के नेता चुप

गाज़ियाबाद के बाहरी इलाके में गेहूं का एक खेत है, जिसे एक नौजवान अपनी ज़िंदगी में शायद ही कभी भूल पाए। 30 मार्च 2026 की उस अंधेरी रात में, वह लंबी-लंबी फसलों के बीच छिपा कांप रहा था। बस कुछ ही मीटर की दूरी पर उसके भाई का बेरहमी से कत्ल किया जा रहा था,

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युवा वोट से बनती हैं सरकारें, फिर संसद में शिक्षित युवाओं की आवाज क्यों कुचल दी जाती है?

भारत एक युवा देश है। यहां की आधी से ज़्यादा (करीब 65%) आबादी 35 साल से कम उम्र की है। और औसत उम्र सिर्फ 28 साल है। आज स्टार्टअप्स हों, व्यावसायिक ऑफिस हों या फिर क्रिकेट का मैदान- हर जगह हमारे युवा दुनिया को टक्कर दे रहे हैं और जीत भी रहे हैं। लेकिन ज़रा

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2022 में ब्राह्मण वोट मांगने वाली सपा का असली चेहरा बेनकाब? छात्र को जाति पूछकर मारा थप्पड़

2 अप्रैल 2026 की सुबह बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) में रोज़ की तरह ही शुरू हुई थी। लड़के-लड़कियां अपने-अपने डिपार्टमेंट की तरफ जा रहे थे, क्लास शुरू होने वाली थीं और कैंपस में पढ़ाई-लिखाई का वही पुराना माहौल था। लेकिन हिंदी विभाग में कुछ ऐसा होने वाला था जो बेहद शर्मशार करने वाला था।  प्रशांत

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1967 में चीन को खदेड़ा, 1971 में पाकिस्तान के किए दो टुकड़े — भारत के प्रथम फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ को नमन

दुनिया में कुछ शहर ऐसे हैं जो संतों को जन्म देते हैं, कुछ कवियों को और कुछ दार्शनिकों को। लेकिन 3 अप्रैल 1914 को अमृतसर के शहर ने भारतीय उपमहाद्वीप को कुछ ऐसा दिया जो उसकी रूह में हमेशा के लिए छप जाने वाला था- एक असली योद्धा। उनका पूरा नाम ‘सैम होर्मुसजी फ्रामजी जमशेदजी

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छत्रपति शिवाजी महाराज पुण्यतिथि: हिंदवी स्वराज के महान संस्थापक को नमन

भारत के गौरवशाली इतिहास में छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम एक ऐसे युग निर्माता के रूप में दर्ज है, जिन्होंने केवल एक साम्राज्य की स्थापना नहीं की, बल्कि “हिंदवी स्वराज” जैसे महान विचार को साकार किया। उनकी पुण्यतिथि केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं है, बल्कि यह उस संघर्ष, रणनीति और दूरदर्शिता को समझने का दिन

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केशव बलिराम हेडगेवार: विचार से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तक का सफर

भारत के आधुनिक इतिहास में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में उभरते हैं, जिन्होंने केवल एक संगठन की स्थापना नहीं की, बल्कि एक ऐसी विचारधारा को जन्म दिया जिसने समाज को एक नई दिशा दी। उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और संगठन शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि किसी

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अमरसिंह राठौर: मुगलों के खिलाफ विद्रोह की कहानी

राजस्थान की वीर भूमि ने ऐसे योद्धा पैदा किए हैं जिनकी कहानियाँ केवल इतिहास तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि पीढ़ियों तक प्रेरणा बनती हैं। अमरसिंह राठौर उन्हीं महान वीरों में से एक थे, जिनका जीवन स्वाभिमान, साहस और विद्रोह का प्रतीक बन गया। उनका संघर्ष केवल एक व्यक्ति का नहीं था, बल्कि उस सोच का

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मुस्लिम भीड़ द्वारा DIG की खौफनाक लिंचिंग, सबूत मिटा कर आरोपियों को मुलायम-अखिलेश ने बचाया, अब योगी राज में मिली उम्रकैद

मुस्लिम भीड़ द्वारा DIG की खौफनाक लिंचिंग, सबूत मिटा कर आरोपियों को मुलायम-अखिलेश ने बचाया, अब योगी राज में मिली उम्रकैद

यूपी में एक वक्त ऐसा भी था जब खाकी वर्दी, जो आम आदमी की सुरक्षा और कानून का सबसे बड़ा प्रतीक है, उसे भी मुस्लिम भीड़ के आगे घुटने टेकने पड़ते थे। 6 जुलाई 2011 को मुरादाबाद के मैनाठेर में जो हुआ वो कोई आम दंगा नहीं था। वो एक कट्टरपंथी भीड़ का सीधे-सीधे देश

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