Blog

केशव बलिराम हेडगेवार: विचार से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तक का सफर

भारत के आधुनिक इतिहास में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में उभरते हैं, जिन्होंने केवल एक संगठन की स्थापना नहीं की, बल्कि एक ऐसी विचारधारा को जन्म दिया जिसने समाज को एक नई दिशा दी। उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और संगठन शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि किसी […]

केशव बलिराम हेडगेवार: विचार से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तक का सफर Read More »

अमरसिंह राठौर: मुगलों के खिलाफ विद्रोह की कहानी

राजस्थान की वीर भूमि ने ऐसे योद्धा पैदा किए हैं जिनकी कहानियाँ केवल इतिहास तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि पीढ़ियों तक प्रेरणा बनती हैं। अमरसिंह राठौर उन्हीं महान वीरों में से एक थे, जिनका जीवन स्वाभिमान, साहस और विद्रोह का प्रतीक बन गया। उनका संघर्ष केवल एक व्यक्ति का नहीं था, बल्कि उस सोच का

अमरसिंह राठौर: मुगलों के खिलाफ विद्रोह की कहानी Read More »

मुस्लिम भीड़ द्वारा DIG की खौफनाक लिंचिंग, सबूत मिटा कर आरोपियों को मुलायम-अखिलेश ने बचाया, अब योगी राज में मिली उम्रकैद

मुस्लिम भीड़ द्वारा DIG की खौफनाक लिंचिंग, सबूत मिटा कर आरोपियों को मुलायम-अखिलेश ने बचाया, अब योगी राज में मिली उम्रकैद

यूपी में एक वक्त ऐसा भी था जब खाकी वर्दी, जो आम आदमी की सुरक्षा और कानून का सबसे बड़ा प्रतीक है, उसे भी मुस्लिम भीड़ के आगे घुटने टेकने पड़ते थे। 6 जुलाई 2011 को मुरादाबाद के मैनाठेर में जो हुआ वो कोई आम दंगा नहीं था। वो एक कट्टरपंथी भीड़ का सीधे-सीधे देश

मुस्लिम भीड़ द्वारा DIG की खौफनाक लिंचिंग, सबूत मिटा कर आरोपियों को मुलायम-अखिलेश ने बचाया, अब योगी राज में मिली उम्रकैद Read More »

बंगाल चुनाव: 57 सीटें, 8 हजार से कम का अंतर — क्यों यही गणित तय करेगा सत्ता का भविष्य

बंगाल चुनाव: 57 सीटें, 8 हजार से कम का अंतर — क्यों यही गणित तय करेगा सत्ता का भविष्य

पश्चिम बंगाल की राजनीति हमेशा से जटिल, बहुस्तरीय और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी रही है। यहाँ चुनाव केवल राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला नहीं होता, बल्कि यह सामाजिक समीकरणों, क्षेत्रीय संतुलन, स्थानीय नेतृत्व, विचारधाराओं और भावनात्मक मुद्दों का भी संगम होता है। हाल के चुनावी आंकड़ों को ध्यान से देखने पर एक बेहद महत्वपूर्ण तथ्य सामने आता

बंगाल चुनाव: 57 सीटें, 8 हजार से कम का अंतर — क्यों यही गणित तय करेगा सत्ता का भविष्य Read More »

ध्रुवदेव: कश्मीर के हिंदू स्वर्णकाल के महान शासक

कश्मीर का इतिहास सिर्फ पहाड़ों, झीलों और प्राकृतिक सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे गौरवशाली अतीत की कहानी भी है जहाँ हिंदू शासन, संस्कृति और ज्ञान का गहरा प्रभाव रहा है। इसी इतिहास में एक महत्वपूर्ण नाम आता है — ध्रुवदेव। ध्रुवदेव का नाम आज आम लोगों में ज्यादा प्रसिद्ध नहीं है,

ध्रुवदेव: कश्मीर के हिंदू स्वर्णकाल के महान शासक Read More »

मार्तंड सूर्य मंदिर: कश्मीर की खोई हुई सनातन धरोहर की गाथा

कश्मीर की शांत और मनमोहक वादियों के बीच स्थित मार्तंड सूर्य मंदिर (अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर) भारत की उस महान सभ्यता का प्रतीक है, जहाँ धर्म, विज्ञान, कला और स्थापत्य का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि एक ऐसी ऐतिहासिक धरोहर है, जो भारत के गौरवशाली अतीत की कहानी

मार्तंड सूर्य मंदिर: कश्मीर की खोई हुई सनातन धरोहर की गाथा Read More »

कर्णदेव वाघेला: गुजरात के अंतिम हिंदू राजा की अनसुनी वीरगाथा

13वीं शताब्दी का गुजरात… समुद्री व्यापार से चमकता, सोमनाथ जैसे विशाल मंदिरों से पवित्र, राजपूत वीरों की तलवारों से सुरक्षित और समृद्धि से लबालब भरा एक शानदार राज्य। फिर अचानक दिल्ली से एक महत्वाकांक्षी और क्रूर सुल्तान की नजर इस धन-धान्य वाले प्रदेश पर पड़ी — अलाउद्दीन खिलजी। उसका सपना था गुजरात का खजाना लूटना,

कर्णदेव वाघेला: गुजरात के अंतिम हिंदू राजा की अनसुनी वीरगाथा Read More »

इफ्तार पर सरकारी पैसा, दिवाली-होली-नवरात्रि पर चुप्पी; CM योगी अपने पैसे से कन्या पूजन कर रहे तो वामपंथियों को क्या दिक्कत?

कल सुबह 27 मार्च 2026, नवमी और राम नवमी के दिन, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ‘मिशन शक्ति 6.0’ के अंतर्गत कन्या पूजन करेंगे। नौ देवियों का रूप मानी जाने वाली छोटी-छोटी बच्चियों की पूरे भक्ति-भाव से पूजा होगी, उन्हें प्रसाद खिलाया जाएगा और ढेरों आशीर्वाद के साथ विदा किया जाएगा।  हज़ारों साल पुरानी हमारी

इफ्तार पर सरकारी पैसा, दिवाली-होली-नवरात्रि पर चुप्पी; CM योगी अपने पैसे से कन्या पूजन कर रहे तो वामपंथियों को क्या दिक्कत? Read More »

भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु से कांपते थे अंग्रेज, हंसते-हंसते चढ़ गए फांसी; 23 मार्च बना अमर बलिदान का दिन

भारत के स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास अनेक वीरों की कुर्बानियों से भरा पड़ा है, लेकिन जब भी शहादत, साहस और देशभक्ति की बात होती है, तो भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का नाम सबसे पहले लिया जाता है। इन तीनों क्रांतिकारियों का बलिदान केवल एक घटना नहीं, बल्कि एक ऐसी चिंगारी था जिसने पूरे देश

भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु से कांपते थे अंग्रेज, हंसते-हंसते चढ़ गए फांसी; 23 मार्च बना अमर बलिदान का दिन Read More »

Chaitra Navratri 2026: माँ स्कंदमाता — मातृत्व, शक्ति और मोक्ष का दिव्य संगम

जब संसार में केवल शक्ति ही नहीं, बल्कि करुणा, संरक्षण और मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है, तब आदिशक्ति एक ऐसे रूप में प्रकट होती हैं, जो जीवन को संभालने और सही दिशा देने वाला होता है। यही स्वरूप है माँ स्कंदमाता — वह दिव्य माता, जिनकी गोद में स्वयं भगवान कार्तिकेय विराजमान हैं। नवरात्रि का

Chaitra Navratri 2026: माँ स्कंदमाता — मातृत्व, शक्ति और मोक्ष का दिव्य संगम Read More »

Scroll to Top