कानून के रखवाले या वर्दी वाले ‘सुपारी किलर’? सरेंडर करते ‘निहत्थे’ भरत तिवारी के फर्जी एनकाउंटर पर ‘बिकाऊ’ बिहार पुलिस की बखिया खदेड़ते ये 5 सीधे सवाल
क्या हो जब रक्षा करने वाले ही भक्षक बन जाएं? क्या हो जब न्याय की कसम खाने वाली पुलिस ही सरेआम सड़कों पर जज और जल्लाद दोनों बन जाए? जब एक आम आदमी के टैक्स से खरीदी गई गोलियां उसी आम आदमी के सीने में बेदर्दी से उतार दी जाएं, तो समझ लीजिए की उस […]









