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जब 'पश्चिम' के गोरे लोग जंगलों में घूमते थे पहनकर 'पत्ते', तब इस हिंदू सम्राट ने उड़ने वाले 'विमानों' का लिख दिया था पूरा 'विज्ञान', 1000 साल पहले ही 'रोबोटिक्स' की नींव रखने वाले महान 'राजा भोज'

जब ‘पश्चिम’ के गोरे लोग जंगलों में घूमते थे पहनकर ‘पत्ते’, तब इस हिंदू सम्राट ने उड़ने वाले ‘विमानों’ का लिख दिया था पूरा ‘विज्ञान’, 1000 साल पहले ही ‘रोबोटिक्स’ की नींव रखने वाले महान ‘राजा भोज’

हम भारत के लोग बहुत बड़ी गलतफहमी में जीते हैं। हम सोचते हैं की दुनिया में जो भी विज्ञान है, जो भी मशीनें हैं, वो सब उन ‘पश्चिम के गोरों’ की देन हैं। ये दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे गंदा सफेद झूठ है! 11वीं सदी का वो दौर याद कीजिए। जब यूरोप के वो […]

जब ‘पश्चिम’ के गोरे लोग जंगलों में घूमते थे पहनकर ‘पत्ते’, तब इस हिंदू सम्राट ने उड़ने वाले ‘विमानों’ का लिख दिया था पूरा ‘विज्ञान’, 1000 साल पहले ही ‘रोबोटिक्स’ की नींव रखने वाले महान ‘राजा भोज’ Read More »

जिस आधुनिक आतंकवाद के जनक 'यासिर अराफात' के खौफ से कांपती थी दुनिया, उसे 'बड़ी बहन' बनकर पालती थीं 'इंदिरा गांधी', खून से रंगे हाथों को गाँधी परिवार ने बांटे देश के 'शांति पुरस्कार'

जिस आधुनिक आतंकवाद के जनक ‘यासिर अराफात’ के खौफ से कांपती थी दुनिया, उसे ‘बड़ी बहन’ बनकर पालती थीं ‘इंदिरा गांधी’, खून से रंगे हाथों को गाँधी परिवार ने बांटे देश के ‘शांति पुरस्कार’

सच कहूं तो इस देश के इतिहास की जब भी कोई पुरानी और दबी हुई फाइल खुलती है, तो अंदर से सिर्फ और सिर्फ गद्दारी की बदबू आती है। बचपन से लेकर आज तक हमारे दिमाग में क्या ठूंसा गया? हमें यही रटाया गया ना की गाँधी और कांग्रेस परिवार तो चरखा चलाने वालों का

जिस आधुनिक आतंकवाद के जनक ‘यासिर अराफात’ के खौफ से कांपती थी दुनिया, उसे ‘बड़ी बहन’ बनकर पालती थीं ‘इंदिरा गांधी’, खून से रंगे हाथों को गाँधी परिवार ने बांटे देश के ‘शांति पुरस्कार’ Read More »

महाराष्ट्र का मालेगांव या 'मिनी पाकिस्तान'? बुर्के वाली मेयर, हिन्दुओं की घटती आबादी और रोहिंग्याओं के फर्जी 'बर्थ सर्टिफिकेट', वीर मराठाओं की जमीन में खुल्लम खुला चलता 'दारुल इस्लाम' मॉडल

महाराष्ट्र का मालेगांव या ‘मिनी पाकिस्तान’? बुर्के वाली मेयर, हिन्दुओं की घटती आबादी और रोहिंग्याओं के फर्जी ‘बर्थ सर्टिफिकेट’, वीर मराठाओं की जमीन में खुल्लम खुला चलता ‘दारुल इस्लाम’ मॉडल

महाराष्ट्र! ये वो पवित्र ज़मीन है जिसे छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने खून पसीने से सींचा था। ये वो धरती है जहाँ से मुगलों और जिहादी लूटेरों का सीना चीर कर ‘हिंदू पद पादशाही’ का भगवा झंडा पूरे भारत में लहराया गया था। लेकिन आज उसी वीर मराठाओं की ज़मीन पर क्या हो रहा है?

महाराष्ट्र का मालेगांव या ‘मिनी पाकिस्तान’? बुर्के वाली मेयर, हिन्दुओं की घटती आबादी और रोहिंग्याओं के फर्जी ‘बर्थ सर्टिफिकेट’, वीर मराठाओं की जमीन में खुल्लम खुला चलता ‘दारुल इस्लाम’ मॉडल Read More »

'700' मराठा सैनिकों के साथ '10,000' मुगलों की ईंट से ईंट बजाकर गाड़ा हिंदू स्वराज्य का झंडा, 'पुरंदर' की मिट्टी मुगल सेना के खून से लाल करने वाला अजेय हिन्दू कमांडर 'मुरारबाजी देशपांडे'

‘700’ मराठा सैनिकों के साथ ‘10,000’ मुगलों की ईंट से ईंट बजाकर गाड़ा हिंदू स्वराज्य का झंडा, ‘पुरंदर’ की मिट्टी मुगल सेना के खून से लाल करने वाला अजेय हिन्दू कमांडर ‘मुरारबाजी देशपांडे’

साल 1665 का वो खौफनाक दौर याद करिए जब दिल्ली के लाल किले में बैठा क्रूर औरंगजेब छत्रपति शिवाजी महाराज के बढ़ते ‘हिंदू स्वराज्य’ के नाम से ही थर-थर कांपता था। मुगलों की रातों की नींद हराम हो चुकी थी। मराठों को कुचलने और सनातन के इस उभरते सूरज को बुझाने के लिए औरंगजेब ने

‘700’ मराठा सैनिकों के साथ ‘10,000’ मुगलों की ईंट से ईंट बजाकर गाड़ा हिंदू स्वराज्य का झंडा, ‘पुरंदर’ की मिट्टी मुगल सेना के खून से लाल करने वाला अजेय हिन्दू कमांडर ‘मुरारबाजी देशपांडे’ Read More »

13 जुलाई- आज के ही दिन कश्मीर में शुरू हुआ हिन्दुओं की बर्बादी का पहला खौफनाक पन्ना, 'कश्मीरी पंडितों' के खिलाफ 'नरसंहार' की रखी गयी थी नींव

13 जुलाई- आज के ही दिन कश्मीर में शुरू हुआ हिन्दुओं की बर्बादी का पहला खौफनाक पन्ना, ‘कश्मीरी पंडितों’ के खिलाफ ‘नरसंहार’ की रखी गयी थी नींव

आज 13 जुलाई है! ये वो तारीख है जिसे इस देश के गद्दार राजनेताओं, कश्मीर के उन अलगाववादी परिवारों और पूरे के पूरे इस्लामिक इकोसिस्टम ने दशकों तक हमारे मुंह पर ‘शहीद दिवस’ (Martyrs’ Day) का ठप्पा लगाकर मारा। सालों तक इस दिन कश्मीर में सरकारी छुट्टी मनाई जाती रही, खून बहाने वालों की कब्रों

13 जुलाई- आज के ही दिन कश्मीर में शुरू हुआ हिन्दुओं की बर्बादी का पहला खौफनाक पन्ना, ‘कश्मीरी पंडितों’ के खिलाफ ‘नरसंहार’ की रखी गयी थी नींव Read More »

भारत के इतिहास का सबसे खौफनाक 'सीक्रेट ऑपरेशन', जब 20 हज़ार हिन्दू और सिख बेटियों को 'नापाक' जिहादियों से बचाने के लिए पाकिस्तान घुसे 'RSS' के स्वयंसेवक

भारत के इतिहास का सबसे खौफनाक ‘सीक्रेट ऑपरेशन’, जब 20 हज़ार हिन्दू और सिख बेटियों को ‘नापाक’ जिहादियों से बचाने के लिए पाकिस्तान घुसे ‘RSS’ के स्वयंसेवक

हर साल 15 अगस्त को हम आज़ादी का जश्न मनाते हैं, ढोल-नगाड़े बजाते हैं और मिठाइयां बांटते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं की उस तथाकथित ‘शांतिपूर्ण’ आज़ादी की कीमत इस देश की किन मां-बहनों ने अपने खून और अपनी आबरू से चुकाई थी। अगस्त 1947 का वो महीना हिंदू और सिख इतिहास का

भारत के इतिहास का सबसे खौफनाक ‘सीक्रेट ऑपरेशन’, जब 20 हज़ार हिन्दू और सिख बेटियों को ‘नापाक’ जिहादियों से बचाने के लिए पाकिस्तान घुसे ‘RSS’ के स्वयंसेवक Read More »

ना कवच ना कपड़े, फिर भी पहुंचाया 'अहमद अब्दाली' की खूंखार फौज को जहन्नुम, जब 'गोकुलनाथ मंदिर' पर हमला करने आए 40 हज़ार 'अफगानी जिहादियों' का काल बने 4000 'नागा साधु'

ना कवच ना कपड़े, फिर भी पहुंचाया ‘अहमद अब्दाली’ की खूंखार फौज को जहन्नुम, जब ‘गोकुलनाथ मंदिर’ पर हमला करने आए 40 हज़ार ‘अफगानी जिहादियों’ का काल बने 4000 ‘नागा साधु’

आज मैं इतिहास के उस पन्ने की धूल झाड़ने जा रहा हूं जिसमें हमारे सनातनी साधुओं के हाथों जिहादियों की वो ज़िल्लत भरी हार दर्ज है, जिसे पढ़कर आज भी उनके वंशजों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। बात मार्च 1757 की है। भारत पर उस खूंखार और वहशी अफगानी लुटेरे ‘अहमद शाह अब्दाली’ का

ना कवच ना कपड़े, फिर भी पहुंचाया ‘अहमद अब्दाली’ की खूंखार फौज को जहन्नुम, जब ‘गोकुलनाथ मंदिर’ पर हमला करने आए 40 हज़ार ‘अफगानी जिहादियों’ का काल बने 4000 ‘नागा साधु’ Read More »

चोल राजाओं के 'वैभव' और हमारी 'सनातन धरोहर' की ऑस्ट्रेलिया से 'घर वापसी', नंदी जी, भगवान कार्तिकेय और माता भद्रकाली के त्रिशूल वापस लौट रहे अपने 'धाम'

चोल राजाओं के ‘वैभव’ और हमारी ‘सनातन धरोहर’ की ऑस्ट्रेलिया से ‘घर वापसी’, नंदी जी, भगवान कार्तिकेय और माता भद्रकाली के त्रिशूल वापस लौट रहे अपने ‘धाम’

हमारे पूर्वजों ने हज़ारों साल पहले ऐसे-ऐसे भव्य मंदिर और ऐसी अद्भुत मूर्तियां गढ़ी थीं, जिन्हें देखकर आज के बड़े-बड़े विदेशी इंजीनियर और वैज्ञानिक भी दांतों तले उंगलियां दबा लेते हैं। लेकिन सदियों तक विदेशी लूटेरों, अंग्रेजों और आज के इन अंतरराष्ट्रीय स्मगलरों ने हमारी इसी आस्था को सरेआम लूटा। उन्होंने हमारे मंदिरों के ताले

चोल राजाओं के ‘वैभव’ और हमारी ‘सनातन धरोहर’ की ऑस्ट्रेलिया से ‘घर वापसी’, नंदी जी, भगवान कार्तिकेय और माता भद्रकाली के त्रिशूल वापस लौट रहे अपने ‘धाम’ Read More »

'बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी' में शांतिदूतों को 'ताजिया' जुलूस की पूरी आजादी, लेकिन 'AMU' और 'जामिया' में 'रामनवमी शोभायात्रा' पर 'नो-एंट्री', भाईचारे के नाम पर अपने ही संस्थानों का 'इस्लामीकरण' करता मूर्ख हिंदू समाज

‘बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी’ में शांतिदूतों को ‘ताजिया’ जुलूस की पूरी आजादी, लेकिन ‘AMU’ और ‘जामिया’ में ‘रामनवमी शोभायात्रा’ पर ‘नो-एंट्री’, भाईचारे के नाम पर अपने ही संस्थानों का ‘इस्लामीकरण’ करता मूर्ख हिंदू समाज

दुनिया का कोई भी समाज इतना मूर्ख और आत्मघाती नहीं हो सकता जितना आज का हमारा ये सोया हुआ हिंदू समाज बन चुका है। हमने ‘सर्वधर्म समभाव’ और भाईचारे की ऐसी ज़हरीली अफीम खा रखी है की हमें अपनी ही बर्बादी का जश्न मनाने की आदत पड़ गई है। आज़ाद भारत का इससे भयानक और

‘बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी’ में शांतिदूतों को ‘ताजिया’ जुलूस की पूरी आजादी, लेकिन ‘AMU’ और ‘जामिया’ में ‘रामनवमी शोभायात्रा’ पर ‘नो-एंट्री’, भाईचारे के नाम पर अपने ही संस्थानों का ‘इस्लामीकरण’ करता मूर्ख हिंदू समाज Read More »

अंग्रेजों के खिलाफ बगावत की सबसे पहली और खौफनाक चिंगारी जलाने वाले हिन्दू शेर 'पुली थेवर', भारत माता का वो सपूत जिसने अकेले ही 'नवाबों' और 'अंग्रेजों' की खोदी कब्र

अंग्रेजों के खिलाफ बगावत की सबसे पहली और खौफनाक चिंगारी जलाने वाले हिन्दू शेर ‘पुली थेवर’, भारत माता का वो सपूत जिसने अकेले ही ‘नवाबों’ और ‘अंग्रेजों’ की खोदी कब्र

दोस्तों इतिहास के पन्नों में एक ऐसा धधकता हुआ सच छुपा है जिसे सुनकर हर सच्चे हिंदुस्तानी का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। 1857 की अंग्रेजों के खिलाफ क्रांति से पूरे सौ साल पहले ही, दक्षिण भारत की पवित्र माटी पर एक ऐसे हिंदू शेर ने जन्म ले लिया था, जिसने अंग्रेजों और उनके

अंग्रेजों के खिलाफ बगावत की सबसे पहली और खौफनाक चिंगारी जलाने वाले हिन्दू शेर ‘पुली थेवर’, भारत माता का वो सपूत जिसने अकेले ही ‘नवाबों’ और ‘अंग्रेजों’ की खोदी कब्र Read More »

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