वो शक्तिशाली हिंदू योद्धा जिसके घोड़े पीते थे ‘तीन समुद्रों’ का पानी, खूंखार ‘शकों’ और ‘यूनानियों’ से पश्चिम भारत को आज़ाद करके ‘वैदिक धर्म’ का साम्राज्य खड़ा करने वाले अजेय ‘गौतमीपुत्र शातकर्णी’
आज मैं आपको उस दौर में ले जा रहा हूँ जब भारत पर एक ऐसा खौफनाक संकट मंडरा रहा था, जिसका अगर उसी वक्त इलाज नहीं किया जाता, तो शायद आज हमारी संस्कृति का नामोनिशान ही मिट चुका होता। बात पहली शताब्दी (लगभग 106 ईस्वी) के आसपास की है। मध्य एशिया और यूनान की तरफ […]









