अक्षरधाम मंदिर हमले से लेकर मालेगांव ब्लास्ट तक, जिहादियों का कोर्ट केस लड़ने और ज़मानत दिलाने में सबसे आगे ‘जमीयत उलेमा-ए-हिंद’, इस खतरनाक संगठन पर परमानेंट बैन आखिर कब
जब देश के किसी कोने में कोई भयंकर बम ब्लास्ट होता है, जब निर्दोष हिन्दू मारे जाते हैं, और सुरक्षा एजेंसियां जान की बाज़ी लगाकर खूंखार जिहादी आतंकवादियों को गिरफ्तार करती हैं… तो क्या होता है? उन पकड़े गए आतंकियों और कत्ल करने वालों को बचाने के लिए रातों-रात सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के […]









