जिस ‘वास्को डी गामा’ ने धर्म न बदलने पर हमारे पूर्वजों के लोहे से तोड़े ‘नाखून’, आज उसी के नाम के ‘शहर’ और ‘ट्रेनें’ चला रहा हमारा देश, अपने ही हत्यारों को सिर-आंखों पर बिठाने की हमारी ये कैसी सड़ी हुई मानसिकता
सच बताऊं तो जब भी मैं अपने देश के सिस्टम को देखता हूँ, तो कई बार समझ ही नहीं आता की हम आज़ाद हुए भी हैं या आज भी मानसिक गुलामी की उसी सड़ी हुई जंजीर से बंधे हैं! हमें किताबों में पढ़ाया गया की “वास्को डी गामा एक बहुत महान खोजकर्ता (Explorer) था, जिसने […]









