नेहरू की वो एक ‘ऐतिहासिक गलती’ जिसने देश को बनाया ‘परमानेंट दंगों’ का अड्डा, जब पाकिस्तान के ‘पॉपुलेशन एक्सचेंज’ ऑफर को ठुकराकर नेहरू ने भारत में ही रोक लिए सारे जिहादी और दंगाई शांतिदूत
आज जब मैं अखबारों में दिल्ली से लेकर मेवात तक पत्थरबाज़ी, दंगों और हमारी शोभा यात्राओं पर होने वाले हमलों की खबरें पढ़ता हूं, तो मेरा खून खौल जाता है। हम दिन-रात इन जिहादियों को कोसते हैं, उनके कट्टरपंथ को गालियां देते हैं, लेकिन इनके पीछे का असली गुनहगार तो कोई और ही है। ये […]









