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80 घाव, अडिग स्वाभिमान — धर्मरक्षक राणा सांगा की पुण्यतिथि पर शत-शत नमन

80 घाव, अडिग स्वाभिमान — धर्मरक्षक राणा सांगा की पुण्यतिथि पर शत-शत नमन

भारत के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जो केवल किसी एक कालखंड तक सीमित नहीं रहते, बल्कि सदियों तक राष्ट्र की चेतना को दिशा देते हैं। ऐसे ही अमर योद्धा थे मेवाड़ के महाराणा सांगा, जिनका जीवन शौर्य, बलिदान, स्वाभिमान और धर्मरक्षा का जीवंत उदाहरण है। शरीर पर 80 से अधिक युद्ध-घाव, एक आँख, […]

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UGC एक्ट का सच: 20 साल तक कारावास झेलने वाले निर्दोष विष्णु तिवारी की कहानी

UGC एक्ट का सच: 20 साल तक कारावास झेलने वाले निर्दोष विष्णु तिवारी की कहानी

भारत में कानून का मकसद इंसाफ देना है, न कि किसी निर्दोष को डर और सज़ा के साए में जीने के लिए मजबूर करना। कानून इसलिए बनाए जाते हैं ताकि समाज में रहने वाला हर नागरिक सुरक्षित महसूस कर सके और जिनके साथ अत्याचार होता है, उन्हें न्याय मिल सके। लेकिन जब कानून बिना सही

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लाला लाजपत राय जयंती: वह शेर जिसने अंग्रेज़ी लाठियों के आगे भारत को झुकने नहीं दिया

भारत का स्वतंत्रता संग्राम केवल तारीख़ों, आंदोलनों और राजनीतिक प्रस्तावों का इतिहास नहीं है। यह उन व्यक्तित्वों की कहानी है, जिन्होंने अपने जीवन को दाँव पर लगाकर गुलामी की जड़ों को हिलाया। लाला लाजपत राय ऐसे ही व्यक्तित्व थे—स्पष्ट सोच, अडिग साहस और राष्ट्र के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले नेता। उन्हें “पंजाब केसरी” यूँ

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सुभाष चंद्र बोस जयंती: आज़ादी के सबसे निर्भीक सेनानी को नमन

भारत के स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास अनेक महान व्यक्तित्वों से भरा है, लेकिन जिन नामों में साहस, तेज़ निर्णय और निडर राष्ट्रवाद एक साथ दिखाई देता है, उनमें सुभाष चंद्र बोस का स्थान सर्वोच्च है। नेताजी केवल एक नेता नहीं थे—वे विचार थे, चेतना थे और उस भारत का सपना थे जो किसी भी शक्ति

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कश्मीर में पंडितों-सिखों का कत्लेआम: 19 जनवरी 1990 की वह काली रात कब ढलेगी?

19 जनवरी 1990 को कश्मीर घाटी में जो हुआ, वह केवल एक घटना नहीं थी — वह भारत के संवैधानिक लोकतंत्र, बहुलता और नागरिक सुरक्षा की संस्थागत परीक्षा थी। उस रात नहीं केवल घाटी के हिंदू-सिख अल्पसंख्यक समुदाय के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए यह यादगार काला अध्याय बन गया। यह लेख उसी रात

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मेवाड़ की अस्मिता: रानी कर्णावती का संघर्ष और बलिदान

रानी कर्णावती का नाम भारतीय इतिहास में केवल एक शासिका के रूप में नहीं, बल्कि राजपूती स्वाभिमान, नारी नेतृत्व, सांस्कृतिक अस्मिता और आत्मबलिदान के प्रतीक के रूप में अंकित है। उनका जीवन उस कालखंड का प्रतिनिधित्व करता है, जब भारत की धरती पर सत्ता से अधिक संस्कार, और जीवन से अधिक सम्मान को महत्व दिया

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ट्रंप की क्रिप्टो कंपनी, मार्केट पाकिस्तान, शहबाज-मुनीर मेजबान… सवाल अरबों डॉलर के ‘खेल’ का

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पाकिस्तान के फाइनेंशियल सिस्टम में दिलचस्पी लगातार गहराती जा रही है। हाल ही में पाकिस्तान ने ट्रंप की फैमिली से जुड़ी क्रिप्टो कंपनी World Liberty Financial के साथ एक अहम बिजनेस डील साइन की है। पाकिस्तान सरकार का दावा है कि इस समझौते का उद्देश्य क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट को आसान, तेज़

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KGMU धर्मांतरण केस में बड़ा खुलासा… आरोपी रमीज के PFI कनेक्शन उजागर, मोबाइल डेटा से नेटवर्क बेनकाब

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से जुड़े धर्मांतरण और शोषण के मामले में जांच अधिकारी एक बड़ा खुलासा कर चुके हैं। मुख्य आरोपी डॉक्टर रमीज़ मलिक के मोबाइल डेटा की पड़ताल में उसके PFI (Popular Front of India) से संलिप्तता के संकेत मिले हैं। इससे केस की गंभीरता और नेटवर्क की विस्तृत रूपरेखा

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13 जनवरी: मुसलमानों की बराबरी के लिए गांधी का आमरण अनशन, जिसके परिणाम आज राष्ट्र के सामने

13 जनवरी 1948 भारतीय इतिहास की वह तारीख़ है, जिसने स्वतंत्र भारत की दिशा, बहस और राजनीति—तीनों पर गहरी छाप छोड़ी। इसी दिन महात्मा गांधी ने दिल्ली में आमरण अनशन शुरू किया। घोषित उद्देश्य था—देश के मुसलमानों को सुरक्षा और बराबरी का अधिकार दिलाना, साम्प्रदायिक हिंसा को रोकना और विभाजन के बाद उपजी अविश्वास की

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गर्व से कहो हम हिंदू हैं – स्वामी विवेकानंद जी

भारत के आधुनिक इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे हैं जो केवल अपने समय तक सीमित नहीं रहते। वे काल, परिस्थितियों और पीढ़ियों को पार कर चेतना बन जाते हैं। स्वामी विवेकानंद ऐसे ही व्यक्तित्व थे। वे केवल एक संत, संन्यासी या वक्ता नहीं थे—वे हिंदू चेतना का निर्भीक स्वर, आत्मगौरव की ज्वाला और गुलामी की

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