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वो नेता जिनको जनता ने बुलाया ‘सड़क वाले CM’, दूर-दराज के पहाड़ी गांवों में सड़क पहुंचाकर लोगों का दिल जीतने से लेकर क्रिकेट जमीन घोटाले में घिरने वाले हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री ‘प्रेम कुमार धूमल’

पहाड़ की सियासत का मिज़ाज भी बिल्कुल वहां के मौसम की तरह होता है। कब कौन सी हवा चले और तख्तापलट हो जाए, कोई नहीं जानता। अगर आप 90 के दशक के हिमाचल की राजनीति को देखें, तो वहां सिर्फ एक ही नाम की गूंज हुआ करती थी- ‘राजा साहब’ यानी वीरभद्र सिंह। वो राजघराने […]

वो नेता जिनको जनता ने बुलाया ‘सड़क वाले CM’, दूर-दराज के पहाड़ी गांवों में सड़क पहुंचाकर लोगों का दिल जीतने से लेकर क्रिकेट जमीन घोटाले में घिरने वाले हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री ‘प्रेम कुमार धूमल’ Read More »

जब एक खूंखार डाकू कठोर तप से बन गया संस्कृत का ‘आदि कवि’, भगवान श्रीराम के जीवन पर सबसे पहला और महान महाकाव्य ‘रामायण’ लिखने वाले ‘महर्षि वाल्मीकि’ को जयंती पर कोटि-कोटि प्रणाम

दुनिया में अक्सर कहा जाता है की इंसान अपने बीते हुए कल का कैदी होता है। जो एक बार बुराई के दलदल में फंस गया, उसका वापस लौटना नामुमकिन सा लगता है। लेकिन जब बात सनातन धर्म और ‘राम नाम’ की जादुई ताकत की आती है, तो दुनिया के सारे नियम टूट जाते हैं। क्या

जब एक खूंखार डाकू कठोर तप से बन गया संस्कृत का ‘आदि कवि’, भगवान श्रीराम के जीवन पर सबसे पहला और महान महाकाव्य ‘रामायण’ लिखने वाले ‘महर्षि वाल्मीकि’ को जयंती पर कोटि-कोटि प्रणाम Read More »

जिस जमीनी नेता ने पहली बार गुजरात में बनाई BJP की पूर्ण बहुमत सरकार, ‘गोकुल ग्राम’ से गांवों की सूरत बदलने, लेकिन प्रशासन संभालने में नाकामी से सत्ता गंवाने वाले गुजरात के पूर्व CM ‘केशुभाई पटेल’

आज जब भी हम देश की राजनीति की बात करते हैं, तो गुजरात का ज़िक्र सबसे ऊपर आता है। आज गुजरात में भारतीय जनता पार्टी का एक ऐसा अभेद्य किला खड़ा है, जिसे पिछले तीन दशकों से कोई भी विरोधी दल भेद नहीं पाया है। लोग अक्सर इस अजेय किले का सारा श्रेय आज के

जिस जमीनी नेता ने पहली बार गुजरात में बनाई BJP की पूर्ण बहुमत सरकार, ‘गोकुल ग्राम’ से गांवों की सूरत बदलने, लेकिन प्रशासन संभालने में नाकामी से सत्ता गंवाने वाले गुजरात के पूर्व CM ‘केशुभाई पटेल’ Read More »

भारत की वो बेटी जो बंटवारे के शरणार्थियों की जान बचाने वाली डॉक्टर भी बनीं और ब्रिटिश हुकूमत की काल भी, ‘रानी झाँसी रेजीमेंट’ की महान क्रांतिकारी ‘लक्ष्मी सहगल’ को जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि

इतिहास के पन्नों में वैसे तो कई तारीखें दर्ज़ हैं, लेकिन आज 24 अक्टूबर का दिन हर उस हिंदुस्तानी के लिए खास है जिसके सीने में अपने देश के लिए अथाह प्रेम छलकता है। दुनिया में ऐसे बहुत कम लोग हुए हैं जिनके एक हाथ में इंसानियत की जान बचाने वाला स्टेथोस्कोप हो, और दूसरे

भारत की वो बेटी जो बंटवारे के शरणार्थियों की जान बचाने वाली डॉक्टर भी बनीं और ब्रिटिश हुकूमत की काल भी, ‘रानी झाँसी रेजीमेंट’ की महान क्रांतिकारी ‘लक्ष्मी सहगल’ को जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि Read More »

नॉर्थ-ईस्ट को भारत से अलग करने की खुल्ली धमकी और दिल्ली को शमशान बनाने का सपना, देश तोड़ने वाले उमर खालिद और शरजील इमाम को ताउम्र सलाखों के पीछे सड़ाना बेहद जरुरी

एक बात बताओ… क्या हमारे देश में ‘अभिव्यक्ति की आज़ादी’ (Freedom of Speech) का मतलब ये हो गया है की आप सरेआम मंच पर खड़े होकर देश के टुकड़े करने की धमकी दे दो? क्या ‘शांतिपूर्ण विरोध’ का चोला ओढ़कर किसी को इस बात की छूट दी जा सकती है की वो देश की राजधानी

नॉर्थ-ईस्ट को भारत से अलग करने की खुल्ली धमकी और दिल्ली को शमशान बनाने का सपना, देश तोड़ने वाले उमर खालिद और शरजील इमाम को ताउम्र सलाखों के पीछे सड़ाना बेहद जरुरी Read More »

‘जब BJP जाएगी तब मैं भारत आऊंगा’, मलेशिया में छिपे भगोड़े और आतंकी उपदेशक ‘जाकिर नाइक’ को सत्ता बदलने का इंतजार

अमूमन होता ये है की जब कोई मुजरिम या फ्रॉड कानून की नज़रों से भागता है, तो वो भगवान से बस यही दुआ करता है की पुलिस उसका केस फाइल किसी ठंडे बस्ते में डाल दे और उसे हमेशा के लिए भूल जाए। लेकिन भारत का ये मोस्ट वांटेड भगोड़ा ‘जाकिर नाइक’ (Zakir Naik) तो

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जिस बिहार पर आज बनते चुटकुले, वो था कभी उद्योगों का सरताज, स्वतंत्र भारत में बिहार को देश का सबसे बेहतर प्रशासित और उन्नत राज्य बनाने वाले बिहार के पहले मुख्यमंत्री ‘डॉ. श्रीकृष्ण सिंह’

आज जब भी सोशल मीडिया या टीवी पर बिहार का नाम आता है, तो ज़्यादातर लोगों के ज़हन में क्या तस्वीर बनती है? गरीबी, पलायन, मज़दूरी, चोरी और राजनीति के वही पुराने घिसे-पिटे चुटकुले। बाहर के राज्यों में लोग अक्सर बिहार के नाम पर मज़ाक उड़ाते हुए मिल जाते हैं। हमारी आज की पीढ़ी ने

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वो आदिवासी योद्धा जिसने ‘जंगोम सेना’ बनाकर अंग्रेजों की तोपों का गुरूर अपने तीर-कमान से तोड़ा, 1857 के ‘प्रथम स्वतंत्रता संग्राम’ के महान क्रांतिकारी ‘वीर बाबूराव शेडमाके’ को पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि

जब भी 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की बात आती है, तो हमारे ज़हन में मंगल पांडे, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे जैसे महान शूरवीरों का नाम सबसे पहले आता है। लेकिन हमारे देश में उस वक़्त ऐसे भी माटी के लाल थे, जिन्होंने जंगलों और पहाड़ों से अंग्रेजों की नींदें हराम कर

वो आदिवासी योद्धा जिसने ‘जंगोम सेना’ बनाकर अंग्रेजों की तोपों का गुरूर अपने तीर-कमान से तोड़ा, 1857 के ‘प्रथम स्वतंत्रता संग्राम’ के महान क्रांतिकारी ‘वीर बाबूराव शेडमाके’ को पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि Read More »

जिस विज़नरी नेता ने बेंगलुरु को बनाया भारत की अपनी ‘सिलिकॉन वैली’, IT कंपनियों को भारत लाने, लेकिन ग्रामीण कर्नाटक को अनदेखा कर सत्ता गंवाने वाले कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री ‘S. M. Krishna’

हमारे देश की सियासत भी बड़ी अजीब और दिलचस्प चीज़ है। यहाँ कब कौन सा नेता जनता की आँखों का तारा बन जाए और कब वही जनता उसे सत्ता से बेदखल कर दे, इसका कोई फिक्स फॉर्मूला नहीं है। जब भी हम किसी टिपिकल भारतीय राजनेता के बारे में सोचते हैं, तो हमारे दिमाग में

जिस विज़नरी नेता ने बेंगलुरु को बनाया भारत की अपनी ‘सिलिकॉन वैली’, IT कंपनियों को भारत लाने, लेकिन ग्रामीण कर्नाटक को अनदेखा कर सत्ता गंवाने वाले कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री ‘S. M. Krishna’ Read More »

शरीर में लगी गोली और खत्म हो गया गोला-बारूद, फिर भी ‘जो बोले सो निहाल’ के जयकारे से 1962 के युद्ध में दर्जनों चीनियों को मौत की नींद सुलाने वाले ‘परमवीर चक्र’ योद्धा ‘सूबेदार जोगिंदर सिंह’

जब भी 1962 के भारत-चीन युद्ध का ज़िक्र आता है ना, तो अक्सर लोग मायूस हो जाते हैं। दिल्ली में बैठे नेताओं की उस वक़्त की गलतियों, खराब नीतियों और हार की ही चर्चा ज़्यादा होती है। लेकिन सच कहूँ तो, ये उस युद्ध का सिर्फ एक अधूरा पहलू है। युद्ध कभी भी सिर्फ हथियारों

शरीर में लगी गोली और खत्म हो गया गोला-बारूद, फिर भी ‘जो बोले सो निहाल’ के जयकारे से 1962 के युद्ध में दर्जनों चीनियों को मौत की नींद सुलाने वाले ‘परमवीर चक्र’ योद्धा ‘सूबेदार जोगिंदर सिंह’ Read More »

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