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कित्तूर का गौरव: रानी चेन्नम्मा का संघर्ष और बलिदान

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की कहानी केवल 1857 से शुरू नहीं होती। उससे बहुत पहले भी इस धरती पर ऐसे साहसी योद्धा और वीरांगनाएँ हुईं जिन्होंने विदेशी सत्ता के सामने झुकने से इंकार कर दिया था। दक्षिण भारत की धरती पर जन्मी रानी चेन्नम्मा ऐसी ही एक महान वीरांगना थीं। उन्होंने उस समय अंग्रेजों को चुनौती […]

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पुलवामा हमला: 7वीं बरसी पर शहीदों को नमन, आज भी नम है देश की आँखें

14 फरवरी 2019… यह तारीख भारत के इतिहास में एक ऐसे दिन के रूप में दर्ज है, जिसे देश कभी भूल नहीं सकता। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आत्मघाती हमले ने पूरे राष्ट्र को झकझोर कर रख दिया था। उस दिन सीआरपीएफ के जवानों का काफिला श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजर रहा था, तभी

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महाराजा जसवंत सिंह: मारवाड़ की शक्ति और पराक्रम का स्वर्णिम अध्याय

राजस्थान की वीरभूमि मारवाड़ का इतिहास शौर्य, स्वाभिमान और बलिदान की अनगिनत गाथाओं से भरा हुआ है। इस धरती ने ऐसे कई वीर शासकों को जन्म दिया जिन्होंने अपने राज्य की आन-बान और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने जीवन को समर्पित कर दिया। उन्हीं महान शासकों में एक अत्यंत महत्वपूर्ण नाम है महाराजा जसवंत

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12 फरवरी: महाराष्ट्र के ‘चाणक्य’ नाना फडणवीस की जन्मजयंती — जिनकी कूटनीति से कांपते थे निज़ाम, टीपू और मुगल

भारतीय इतिहास में कई योद्धा तलवार के दम पर अमर हुए, लेकिन कुछ ऐसे भी हुए जिन्होंने अपनी बुद्धि, धैर्य और कूटनीति से इतिहास की दिशा बदल दी। मराठा साम्राज्य के इतिहास में नाना फडणवीस ऐसा ही एक नाम है। उन्हें महाराष्ट्र का ‘चाणक्य’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि जिस समय मराठा साम्राज्य अंदरूनी संकटों,

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11 फरवरी: हिंदुत्व पुनरुत्थान के अग्रदूत पंडित दीनदयाल उपाध्याय का बलिदान दिवस

भारतीय राजनीतिक और वैचारिक इतिहास में कुछ ऐसे व्यक्तित्व हुए हैं जिन्होंने केवल सत्ता की राजनीति नहीं की, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। ऐसे महान व्यक्तित्वों में पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम अत्यंत सम्मान और श्रद्धा के साथ लिया जाता है। वे केवल एक राजनीतिक नेता नहीं थे, बल्कि

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मारवाड़ की अस्मिता और हिंदू स्वराज्य के प्रहरी राजा चंद्रसेन राठौड़ की अमर गाथा

भारतीय इतिहास वीरता, स्वाभिमान और त्याग की असंख्य गाथाओं से भरा हुआ है। इस भूमि ने ऐसे अनेक वीर योद्धाओं को जन्म दिया जिन्होंने अपने राज्य, संस्कृति और सम्मान की रक्षा के लिए जीवन तक समर्पित कर दिया। राजस्थान की वीरभूमि मारवाड़ भी ऐसी ही परंपरा का प्रतीक रही है। इसी धरती पर जन्म हुआ

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घूसखोर पंडत’ वेब सीरीज: ब्राह्मण छवि पर बॉलीवुड का नैरेटिव — संयोग या सोची-समझी रणनीति?

घूसखोर पंडत’ वेब सीरीज: ब्राह्मण छवि पर बॉलीवुड का नैरेटिव — संयोग या सोची-समझी साजिश?

भारतीय मनोरंजन उद्योग पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदल रहा है। ओटीटी प्लेटफॉर्म, डिजिटल कंटेंट और वेब सीरीज के बढ़ते प्रभाव ने कहानी कहने की शैली को पूरी तरह बदल दिया है। नई वेब सीरीज सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को पहले से अधिक खुलकर दिखाने लगी हैं। इसी बदलाव के बीच “घूसखोर पंडत” जैसी

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महागुरु चाणक्य — अपमान से अखंड भारत निर्माण तक का संघर्ष

महागुरु चाणक्य — अपमान से अखंड भारत निर्माण तक का संघर्ष भारतीय इतिहास में कई ऐसे महापुरुष हुए हैं जिन्होंने तलवार से नहीं, बल्कि बुद्धि, नीति और संकल्प से इतिहास की दिशा बदल दी। ऐसे ही महान व्यक्तित्व थे महागुरु चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है। चाणक्य केवल एक

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6 फरवरी: 9 वीर जवानों के साथ 250 दुश्मनों को मारकर अमर हुए परमवीर नायक यदुनाथ सिंह

भारतीय सैन्य इतिहास उन अमर गाथाओं से भरा हुआ है, जिनमें साहस, त्याग, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम दिखाई देता है। जब भी भारत की सीमाओं पर संकट आया, तब इस भूमि ने ऐसे वीर सपूतों को जन्म दिया जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर राष्ट्र की रक्षा की। परमवीर चक्र विजेता नायक यदुनाथ

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मारवाड़ का वो शेर जिसने औरंगज़ेब को चैन से नहीं बैठने दिया

मारवाड़ का वो शेर जिसने औरंगज़ेब को चैन से नहीं बैठने दिया

भारतीय इतिहास केवल साम्राज्यों, युद्धों और राजाओं की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन वीरों की गाथा भी है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने स्वाभिमान, धर्म और मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष किया। ऐसे ही अद्भुत पराक्रमी योद्धा थे दुर्गादास राठौड़। मारवाड़ की धरती पर जन्मे इस वीर ने मुगल सम्राट औरंगज़ेब जैसी

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