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27 दिसंबर: जब धर्मनिरपेक्ष पर्सिया इस्लामिक ईरान बना—तब शरणार्थियों को मिला हिंदू राजाओं का सहारा

27 दिसंबर की तारीख पश्चिम एशिया के इतिहास में अक्सर एक जटिल बहस के साथ जोड़ी जाती है—पर्सिया से ईरान तक के सफ़र की। सोशल मीडिया और जन-चर्चा में यह दावा बार-बार सामने आता है कि 27 दिसंबर 1934 को धर्मनिरपेक्ष पर्सिया को “इस्लामिक ईरान” में बदल दिया गया। लेकिन ऐतिहासिक रिकॉर्ड इस कहानी को […]

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मुगलों की सत्ता को चुनौती देने वाले जाट योद्धा महाराजा सूरजमल की वीरता की कहानी

जाट चेतना का उदय और महाराजा सूरजमल का प्रारंभिक जीवन भारतीय इतिहास में 18वीं शताब्दी वह दौर था जब मुगल साम्राज्य ऊपर से विशाल लेकिन भीतर से खोखला हो चुका था। दिल्ली की सत्ता कमजोर थी, सूबेदार निरंकुश हो चुके थे और हिंदू समाज—विशेषकर ग्रामीण भारत—लगातार अत्याचार, भारी कर और धार्मिक अपमान झेल रहा था।

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24 दिसंबर: भोपाल का युद्ध — जब मराठा शौर्य के आगे निज़ाम-मुग़ल गठजोड़ की 70 हज़ार की फौज ढह गई

भारतीय इतिहास में कुछ तारीख़ें ऐसी हैं जिन्हें जानबूझकर हल्का कर दिया गया। 24 दिसंबर 1737 उन्हीं में से एक है। यह वह दिन था जब भारतीय मराठा शक्ति ने यह साफ़ कर दिया कि इस देश की धरती पर सिर्फ़ विदेशी सल्तनतों का राज नहीं चलेगा। भोपाल की धरती पर मराठाओं ने अकेले दम

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राजा मेदिनी राय — एक भूला-बिसरा हिंदू योद्धा

भारतीय इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जिनका उल्लेख होते ही साहस, स्वाभिमान और स्वतंत्रता की छवि उभर आती है। महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज या राणा सांगा जैसे शासक आज भी जनमानस में जीवित हैं। लेकिन इसी इतिहास में कई ऐसे हिंदू योद्धा भी हैं, जिन्होंने उतना ही दृढ़ प्रतिरोध किया, उतना ही बड़ा

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Vijay Diwas 2025: 13 दिन, 93 हजार सैनिक और एक ऐतिहासिक जीत – विजय दिवस की पूरी कहानी

हर वर्ष 16 दिसंबर को भारत विजय दिवस मनाता है। यह दिन केवल एक सैन्य जीत की याद नहीं है, बल्कि साहस, बलिदान, मानवीय संवेदना और ऐतिहासिक न्याय का प्रतीक है। वर्ष 1971 में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जो निर्णायक विजय हासिल की, उसने न केवल दक्षिण एशिया का भू-राजनीतिक नक्शा बदल दिया, बल्कि

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नितिन नबीन कौन हैं, जिन्हें बीजेपी ने बनाया राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष

नितिन नबीन कौन हैं, जिन्हें बीजेपी ने बनाया राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष

भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर एक अहम और दूरगामी राजनीतिक फैसला लेते हुए बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही थीं और जेपी नड्डा

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शौर्य दिवस: 6 दिसंबर — आज के ही दिन ढहा दिया गया था बाबरी ढांचा और पवित्र हुई थी श्रीराम की नगरी

सदियों का अपमान — श्रीराम जन्मभूमि का संघर्ष (1528–1992)- 6 दिसंबर की कहानी की जड़ें 6 दिसंबर 1992 की घटना किसी अचानक उपजी स्थिति का परिणाम नहीं थी। यह वह दिन था जिसने 464 वर्षों के निरंतर अपमान, संघर्ष और प्रतीक्षा को एक ऐतिहासिक निष्कर्ष तक पहुँचाया। जिस क्षण 6 दिसंबर आया, उसकी नींव 1528

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1 दिसंबर : कहानी मेजर शैतान सिंह की, पेट फटा, अंतड़ियां बाहर आईं, फिर भी दुश्मन से लड़ते रहे

भारत के इतिहास में कुछ ऐसे क्षण हैं जो सिर्फ किताबों में दर्ज नहीं होते, बल्कि पीढ़ियों के दिलों पर हमेशा के लिए उकेर दिए जाते हैं। 1 दिसंबर का दिन ऐसा ही एक दिन है—एक ऐसी तारीख, जो साहस, बलिदान और अदम्य देशभक्ति की पहचान बन चुकी है। इस दिन हम याद करते हैं

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26/11 के पाँच वीर, जिन्होंने मुंबई को बचाने के लिए जान कुर्बान कर दी

26 नवंबर 2008 — वह तारीख, जिसे भारत कभी भूल नहीं सकता। मुंबई की सामान्य-सी लगने वाली शाम कुछ ही घंटों में भय, चीखों और गोलियों की आवाज़ों में बदल गई। यह वह रात थी जब पाकिस्तान से आए 10 आतंकियों ने देश की आर्थिक राजधानी को आतंक के अंधेरे में धकेल दिया। ताज होटल,

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Ram Mandir Dhwajarohan 2025: राम मंदिर पर धर्मध्वज का क्या है धार्मिक महत्व, क्यों खास है 44 मिनट का शुभ मुहूर्त, जानिए

योध्या आज एक ऐतिहासिक क्षण की दहलीज पर खड़ी है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के संपूर्ण निर्माण के बाद पहली बार मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजारोहण होने जा रहा है। सदियों की प्रतीक्षा के बाद मंदिर का वैभव अब धर्मध्वज के आरोहण के साथ पूर्णता को प्राप्त करेगा। राम मंदिर का शिखर जब भगवा रंग

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