Blog

रानी लक्ष्मीबाई जयंती विशेष : स्वतंत्रता संग्राम की महान और अद्भुत नायिका, जिसने बदल दिया इतिहास

19वीं सदी का वो दौर जिसमें एक सामान्य लड़की ने अपनी असाधारण प्रतिभा से दुनिया के सबसे बड़े तानाशाह देश को अपनी नीतियों को बदलने पर मजबूर कर दिया। देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम, वीरता, साहस, शिक्षा और परम्पराओं को सहेजकर महिला सशक्तिकरण की अनूठी मिशाल बनकर, 21वीं सदी को राह दिखाती क्रांतिकारी महिला जो झांसी की रानी […]

रानी लक्ष्मीबाई जयंती विशेष : स्वतंत्रता संग्राम की महान और अद्भुत नायिका, जिसने बदल दिया इतिहास Read More »

“मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक चोट ब्रिटिश सरकार के ताबूत की कील बनेगी” स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धा लाला लाजपत राय जी के बलिदान दिवस पर नमन

लाला लाजपत राय जी के बलिदान दिवस पर नमन “मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक चोट ब्रिटिश सरकार के ताबूत की कील बनेगी” स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धा: लाला लाजपत राय भारत के स्वतंत्रता संग्राम में लाला लाजपत राय का नाम बड़े गर्व और सम्मान के साथ लिया जाता है। उनका जन्म 28 जनवरी 1865 को

“मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक चोट ब्रिटिश सरकार के ताबूत की कील बनेगी” स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धा लाला लाजपत राय जी के बलिदान दिवस पर नमन Read More »

आज की तारीख: सूरज निकलने से पहले ही अंबाला जेल में दी गई नाथूराम गोडसे को फांसी: आखिरी शब्द थे- 'अखंड भारत'

आज की तारीख: सूरज निकलने से पहले ही अंबाला जेल में दी गई नाथूराम गोडसे को फांसी: आखिरी शब्द थे- ‘अखंड भारत’

आज 15 नवंबर का दिन भारतीय इतिहास में कई घटनाओं के लिए याद किया जाता है, लेकिन खासकर इस दिन का ज़िक्र उस शख्स के कारण होता है जिसने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या की थी – नाथूराम गोडसे। 30 जनवरी 1948 को गोडसे ने गांधीजी पर गोली चला दी थी, जिससे उनकी जान चली

आज की तारीख: सूरज निकलने से पहले ही अंबाला जेल में दी गई नाथूराम गोडसे को फांसी: आखिरी शब्द थे- ‘अखंड भारत’ Read More »

1966 गोरक्षा आंदोलन : आज से 53 साल पहले संसद भवन के बाहर साधु-संतों पर चली थीं गोलियां, गौ भक्तों के खून से लहूलुहान हुई दिल्ली

1966 गोरक्षा आंदोलन : आज से 53 साल पहले संसद भवन के बाहर साधु-संतों पर चली थीं गोलियां, गौ भक्तों के खून से लहूलुहान हुई दिल्ली

1966 का गोरक्षा आंदोलन भारतीय इतिहास का एक ऐसा आंदोलन है जिसे गौ-भक्तों और साधु-संतों के अद्वितीय समर्पण के लिए याद किया जाता है। यह आंदोलन 7 नवंबर 1966 को हुआ था, जिसमें देशभर के साधु-संत और गौ-रक्षकों ने संसद भवन के बाहर प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य था गाय की रक्षा

1966 गोरक्षा आंदोलन : आज से 53 साल पहले संसद भवन के बाहर साधु-संतों पर चली थीं गोलियां, गौ भक्तों के खून से लहूलुहान हुई दिल्ली Read More »

कारसेवकों की रक्षा में शहीद हुए थे 16 साल के राम चन्दर यादव, मुलायम सरकार के आदेश पर पुलिस ने चलाई थी गोलियां

कारसेवकों की रक्षा में शहीद हुए 16 साल के राम चन्दर यादव 1990 में अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन के दौरान कई घटनाएं घटीं, जिनमें अनेक लोगों ने अपनी जान दी। इस संघर्ष में एक नाम है 16 वर्षीय राम चन्दर यादव का, जो अपने बलिदान के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। राम चन्दर ने

कारसेवकों की रक्षा में शहीद हुए थे 16 साल के राम चन्दर यादव, मुलायम सरकार के आदेश पर पुलिस ने चलाई थी गोलियां Read More »

योगी आदित्यनाथ

धर्म का अर्थ पलायन नहीं, दुर्जन शक्ति को रसातल में पहुंचाना है, हरियाणा के संत समागम में बोले योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर धर्म और सनातन को लेकर एक ऐसी टिप्पणी की है जो चर्चा का विषय बन गई है. अब उन्होंने यह टिप्पणी हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान की है. उन्होंने भगवान कृष्ण का जिक्र करते हुए कहा है कि धर्म का मतलब पलायन

धर्म का अर्थ पलायन नहीं, दुर्जन शक्ति को रसातल में पहुंचाना है, हरियाणा के संत समागम में बोले योगी आदित्यनाथ Read More »

गला धारदार हथियार से रेता, पैर के अंगूठों के नाखून उखाड़े… मुस्लिम कट्टरपंथियों ने की रामगोपाल मिश्रा के साथ बर्बरता की सभी हदें पार

Bahraich Violence: गला धारदार हथियार से रेता, पैर के अंगूठों के नाखून उखाड़े…मुस्लिम कट्टरपंथियों ने की रामगोपाल मिश्रा के साथ बर्बरता की सभी हदें पार

बहराइच में दूर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान जमकर हंगामा हुआ। गोलीबारी और आगजनी हुई, जिसमें 22 साल के राम गोपाल मिश्रा की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अब सामने आया है कि राम गोपाल मिश्रा को इस्लामी कट्टरपंथियों ने दर्दनाक मौत दी है। बताया जा रहा है कि मृतक को काफी

Bahraich Violence: गला धारदार हथियार से रेता, पैर के अंगूठों के नाखून उखाड़े…मुस्लिम कट्टरपंथियों ने की रामगोपाल मिश्रा के साथ बर्बरता की सभी हदें पार Read More »

Arvind Kejriwal: अपने ही जाल में 'फंस' गए केजरीवाल, शीश महल से निकलेगा विवादों का नया पिटारा

Arvind Kejriwal: अपने ही जाल में ‘फंस’ गए केजरीवाल, शीश महल से निकलेगा विवादों का नया पिटारा

क्या अरविंद केजरीवाल इस बार अपने ही बनाए जाल में ‘फंस’ गए हैं? उनके पुराने आवास को लेकर जिस तरह नया विवाद खड़ा हो गया है, उसे देखकर लगता है कि इस बार केजरीवाल ने गलत पासा फेंक दिया है जो चुनाव से पूर्व उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के ठीक पहले

Arvind Kejriwal: अपने ही जाल में ‘फंस’ गए केजरीवाल, शीश महल से निकलेगा विवादों का नया पिटारा Read More »

तोप, प्‍लेन, रेडार... दूसरे विश्‍वयुद्ध से टाटा के 'हथियारों' की मुरीद है दुनिया, यूं पूरा हो रहा रतन टाटा का सपना

तोप, प्‍लेन, रेडार… दूसरे विश्‍वयुद्ध से टाटा के ‘हथियारों’ की मुरीद है दुनिया, यूं पूरा हो रहा रतन टाटा का सपना

भारत के लोकप्रिय बिजनसमैन रतन टाटा (86) का मुंबई में निधन हो गया है। रतन टाटा टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन थे। रतन टाटा के नेतृत्‍व में कंपनी ने नमक से लेकर लोहा बनाने के अपने बिजनस को कई गुना बढ़ा दिया। रतन टाटा ने अपने बिजनस करने के तरीके से न केवल भारत बल्कि

तोप, प्‍लेन, रेडार… दूसरे विश्‍वयुद्ध से टाटा के ‘हथियारों’ की मुरीद है दुनिया, यूं पूरा हो रहा रतन टाटा का सपना Read More »

अलविदा टाटा के रतन! फैक्ट्री की भट्ठी में चूना पत्थर तक डालने का किया था काम, फिर संभाला टाटा की कमान...दुनिया में भारत को दिलाई पहचान

अलविदा टाटा के रतन! फैक्ट्री की भट्ठी में चूना पत्थर तक डालने का किया था काम, फिर संभाला टाटा की कमान…दुनिया में भारत को दिलाई पहचान

रतन टाटा करोड़ों लोगों के लिए उम्मीद के प्रतीक थे. वह हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे. टाटा ग्रुप को बुलंदियों तक पहुंचाने के पीछे रतन टाटा का बड़ा योगदान रहा है. रतन टाटा ने 9 अक्टूबर 2024 को मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली. रतन टाटा 86 साल के थे. वह पिछले

अलविदा टाटा के रतन! फैक्ट्री की भट्ठी में चूना पत्थर तक डालने का किया था काम, फिर संभाला टाटा की कमान…दुनिया में भारत को दिलाई पहचान Read More »

Scroll to Top