Election Results 2026: बंगाल के रुझानों में BJP को बहुमत, केरल में कांग्रेस की सुनामी, असम में हिमंत की हेट्रिक!

देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों की मतगणना के शुरुआती रुझानों ने भारतीय राजनीति में बड़ा उलटफेर दिखाना शुरू कर दिया है। पश्चिम बंगाल, केरल और असम से आ रहे शुरुआती आंकड़े राष्ट्रीय राजनीति की दिशा बदलने वाले माने जा रहे हैं। सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश बंगाल से निकलता दिख रहा है, जहां पहली बार भारतीय जनता पार्टी बहुमत के आंकड़े को पार करती नजर आ रही है।

बंगाल में BJP का ऐतिहासिक प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से शुरुआती रुझानों में BJP 148 के बहुमत आंकड़े को पार करती दिख रही है। कई एग्जिट पोल्स ने मुकाबले को कांटे का बताया था, लेकिन शुरुआती रुझानों में तृणमूल कांग्रेस पिछड़ती नजर आ रही है। खास बात यह है कि बीजेपी को ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में बढ़त मिलती दिखाई दे रही है।

भवानीपुर सीट पर भी बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है, जहां बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी शुरुआती राउंड में आगे बताए जा रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। बीजेपी खेमे में उत्साह का माहौल है और पार्टी इसे “पूर्वी भारत में ऐतिहासिक जीत” बता रही है।

केरल में कांग्रेस की सुनामी

केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF गठबंधन ने शुरुआती रुझानों में जबरदस्त बढ़त बना ली है। कांग्रेस कई सीटों पर सीधे मुकाबले में वाम मोर्चे को पीछे छोड़ती दिखाई दे रही है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक कांग्रेस कई अहम सीटों पर मजबूत बढ़त बनाए हुए है जबकि CPI(M) को इस बार नुकसान होता दिख रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बेरोजगारी, महंगाई और स्थानीय मुद्दों ने इस बार मतदाताओं को बदलाव की ओर मोड़ा है। भाजपा भी कुछ सीटों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराती दिख रही है, हालांकि मुख्य मुकाबला UDF और LDF के बीच ही बना हुआ है।

असम में हिमंत बिस्वा सरमा की हेट्रिक लगभग तय

असम में मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व में BJP लगातार तीसरी बार सरकार बनाती दिखाई दे रही है। शुरुआती रुझानों में BJP गठबंधन बहुमत के आंकड़े को पार कर चुका है और कई महत्वपूर्ण सीटों पर मजबूत बढ़त बनाए हुए है।

राज्य में बीजेपी की रणनीति, हिंदुत्व के साथ विकास मॉडल और हिमंत सरमा की आक्रामक चुनावी शैली को जनता का समर्थन मिलता नजर आ रहा है। कांग्रेस इस बार भी प्रभावी चुनौती देने में संघर्ष करती दिखाई दे रही है।

बाजार पर भी दिखा असर

चुनावी रुझानों का असर शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। शुरुआती नतीजों के बाद सेंसेक्स में तेज उछाल देखने को मिला, जबकि निफ्टी भी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। निवेशक इसे राजनीतिक स्थिरता और मजबूत सरकार के संकेत के रूप में देख रहे हैं।

फिलहाल ये सिर्फ शुरुआती रुझान हैं और अंतिम नतीजों में कई सीटों पर तस्वीर बदल सकती है। लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि 2026 के ये चुनाव देश की राजनीति में नए समीकरण पैदा करने वाले साबित होंगे।

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