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अयोध्या आंदोलन में मुख्यमंत्री पद की दे दी आहुति, कल्याण न होते तो आज भी इंतजार ही कर रहे होते रामलला

अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण एक ऐतिहासिक घटना है, जिसका पूरा देश बेसब्री से इंतजार कर रहा था। इस ऐतिहासिक घटना के पीछे कई लोगों का योगदान है, लेकिन कल्याण सिंह का योगदान सबसे अहम है। कल्याण सिंह ने अयोध्या आंदोलन में अहम भूमिका निभाई और अपने मुख्यमंत्री पद की भी आहुति दे दी।

कल्याण सिंह का अयोध्या आंदोलन में योगदान:

कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, जब 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद का विध्वंस हुआ। इस विध्वंस के बाद कल्याण सिंह को मुख्यमंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया। लेकिन कल्याण सिंह ने अयोध्या आंदोलन का नेतृत्व जारी रखा। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए कई आंदोलन किए।

कल्याण सिंह के नेतृत्व में ही 1993 में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया। इस भूमि पूजन के बाद अयोध्या आंदोलन में नई जान आ गई। कल्याण सिंह के नेतृत्व में ही अयोध्या आंदोलन ने एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले लिया।

कल्याण सिंह का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा:

कल्याण सिंह ने अयोध्या आंदोलन को सफल बनाने के लिए अपने मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे दिया। कल्याण सिंह का मानना था कि राम मंदिर के निर्माण के लिए उन्हें मुख्यमंत्री पद पर रहना जरूरी है। लेकिन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने कल्याण सिंह के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया।

कल्याण सिंह के इस्तीफे से अयोध्या आंदोलन में कुछ समय के लिए ठहराव आया। लेकिन कल्याण सिंह ने अयोध्या आंदोलन का नेतृत्व जारी रखा। अंततः 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का फैसला सुनाया।

कल्याण सिंह के योगदान का महत्व:

कल्याण सिंह का अयोध्या आंदोलन में योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। कल्याण सिंह के नेतृत्व में ही अयोध्या आंदोलन सफल हो सका। कल्याण सिंह ने अयोध्या आंदोलन के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।

कल्याण सिंह के योगदान के बिना आज भी रामलला अयोध्या में इंतजार ही कर रहे होते। कल्याण सिंह के योगदान के कारण ही आज रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है।

कल्याण सिंह एक महान नेता थे, जिन्होंने अपने जीवन को अयोध्या आंदोलन के लिए समर्पित कर दिया। कल्याण सिंह के योगदान के कारण ही आज रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। कल्याण सिंह के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है।

कल्याण सिंह का जन्म 25 जून, 1932 को उत्तर प्रदेश के एटा जिले में हुआ था। उन्होंने 1952 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ली। कल्याण सिंह ने उत्तर प्रदेश में कई बार मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। वह 1991 से 1992, 1997 से 2000 और 2000 से 2002 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।

कल्याण सिंह का 21 अगस्त, 2022 को निधन हो गया। उनके निधन से देश ने एक महान नेता को खो दिया।

कल्याण सिंह के योगदान को याद रखने के लिए:

कल्याण सिंह के योगदान को याद रखने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। सरकार ने कल्याण सिंह के नाम पर एक राष्ट्रीय स्मारक बनाने की घोषणा की है। इसके अलावा, सरकार ने कल्याण सिंह के नाम पर एक पुरस्कार की भी शुरुआत की है। यह पुरस्कार अयोध्या आंदोलन में योगदान देने वाले लोगों को दिया जाएगा।

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