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भूटान पहुंचे पीएम मोदी का भव्‍य स्‍वागत, 45 किलोमीटर लंबी सड़क को तिरेंगे से सजाया गया

भूटान पहुंचे पीएम मोदी का भव्‍य स्‍वागत, 45 किलोमीटर लंबी सड़क को तिरेंगे से सजाया गया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पड़ोस प्रथम की नीति के तहत भूटान के साथ भारत के अनूठे संबंधों को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर शुक्रवार को यहां पहुंचे. मोदी का पारो हवाई अड्डे पर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया. हवाई अड्डे पर भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने उनकी अगवानी की.

पारो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से थिम्पू तक के 45 किलोमीटर लंबे मार्ग को भारत और भूटान के झंडों से सजाया गया था और मार्ग के दोनों ओर खड़े भूटानी लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया.

विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि यह यात्रा भारत और भूटान के बीच नियमित रूप से होने वाली उच्चस्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा और सरकार की पड़ोस प्रथम की नीति पर जोर देने की कवायद के अनुरूप है.

भूटान के प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच X पर हिंदी में लिखा, ‘भूटान में आपका स्वागत है मेरे बड़े भाई.’ इससे पहले मोदी ने भूटान की अपनी यात्रा के बारे में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया था. उन्होंने कहा, ‘भूटान के रास्ते में हूं, जहां मैं भारत-भूटान साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लूंगा. मैं भूटान नरेश, भूटान के चौथे नरेश और प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे से मुलाकात करने के लिए उत्साहित हूं.’

भूटान की राजकीय यात्रा के लिए दिल्ली से रवाना हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, खराब मौसम के चलते हुई थी स्थगित

दो दिन तक भूटान में रहेंगे पीएम मोदी

पीएम मोदी की भूटान यात्रा 21 से 22 मार्च को होनी थी, लेकिन भूटान में खराब मौसम के कारण इसे टाल दिया गया था. इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी भूटान के नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और भूटान के चौथे नरेश जिग्मे सिंग्ये वांगचुक से मुलाकात करेंगे. वह भूटान के अपने समकक्ष शेरिंग टोबगे के साथ भी बातचीत करेंगे.

विदेश मंत्रालय ने इस सप्ताह की शुरुआत में एक बयान में कहा था कि यह यात्रा दोनों पक्षों को पारस्परिक हित के द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मामलों पर विचारों का आदान-प्रदान करने और दोनों देशों के लोगों के लाभ के लिए आपसी अनुकरणीय साझेदारी को विस्तारित एवं मजबूत करने के तौर-तरीकों पर विचार-विमर्श करने का अवसर प्रदान करेगी.

विदेश मंत्रालय का बयान

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा गया था कि भारत और भूटान के बीच आपसी विश्वास, समझ एवं सद्भावना पर आधारित एक अनूठी व स्थायी साझेदारी है. विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘हमारी साझी आध्यात्मिक विरासत और दोनों देशों के लोगों के बीच मधुर संबंध हमारे असाधारण संबंधों में घनिष्ठता एवं जीवंतता का समावेश करते हैं.’

वह थिम्पू में भारत सरकार के सहयोग से निर्मित आधुनिक सुविधाओं वाले अस्पताल ‘ज्ञाल्तसुएन जेत्सुन पेमा मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल’ का भी उद्घाटन करेंगे. भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे गत सप्ताह भारत की पांच दिवसीय यात्रा पर गए थे. यह जनवरी में शीर्ष पद संभालने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा थी.

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