भगवान परशुराम जी के वंशज ब्राह्मण आसान निशाना इसलिए बने, क्योंकि उन्होंने शस्त्र और शास्त्र—दोनों त्याग दिए
भारत में समानता की खोज के बीच हमारी भाषा में एक खतरनाक सोच धीरे-धीरे जगह बना गई—कि ब्राह्मणों पर हमला करना कट्टरता नहीं, बल्कि बहादुरी समझा जाने लगा। आज जो बातें पहले घृणा-भाषा कही जातीं, उन्हें ‘आलोचना’, ‘सक्रियतावाद’ या ‘एंटी-कास्ट जागरूकता’ के नाम पर पेश किया जा रहा है। ब्राह्मणों को जिस सहजता से दोषी […]









