विकास की अंधी दौड़ में खत्म होते पेड़ और पहाड़ — कश्मीर से कन्याकुमारी तक यही हाल
अरावली पहाड़ विवाद: कैसे भारत आँखें बंद करके एक पर्यावरणीय आपातकाल की ओर बढ़ रहा है दिल्ली शहर बनने से बहुत पहले अरावली पर्वतमाला मैदानों की रखवाली करती थी; आज वही प्राचीन संरक्षक टुकड़ा-टुकड़ा, नीति-दर-नीति नीलाम किया जा रहा है, जबकि सरकारें उस धूल को भी अनदेखा कर रही हैं जो हर दिन राजधानी के […]
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