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आज़ादी का बिगुल फूंकने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस – पराक्रम, राष्ट्रवाद और अमर बलिदान के प्रतीक

नेताजी सुभाष चंद्र बोस, जिन्होंने आज़ादी का बिगुल फूंककर भारत को ब्रिटिश गुलामी से मुक्ति का मार्ग दिखाया, एक ऐसे योद्धा थे जिनके पराक्रम, राष्ट्रवाद, और अमर बलिदान ने देश की आत्मा को जागृत किया। वे न केवल एक क्रांतिकारी थे, बल्कि हिंदू शौर्य और देशभक्ति के प्रतीक भी बने। उनका नारा “तुम मुझे खून […]

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17 अगस्त: वीर मदनलाल ढींगरा, जिसने लंदन में कर्जन वायली को मार अंग्रेजों के दिल में डर बैठा दिया

वीर मदनलाल ढींगरा जी, जिन्होंने ब्रिटेन की धरती पर घुसकर कर्जन वाईली और कोवासी जैसे अंग्रेज अधिकारियों को मौत के घाट उतारा और फिर वीरगति प्राप्त की, भारत माता के उस जांबाज बेटे का नाम है जिन्होंने हिंदू शौर्य की नई मिसाल कायम की। 17 अगस्त, उनके बलिदान दिवस पर, हम उनके अदम्य साहस को

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जाट शौर्य: राजा चूड़ामणि से सूरजमल तक, मथुरा-बरसाना के मंदिरों की रक्षा और श्रीकृष्ण नगरी की हिंदू गौरव गाथा

जाट शौर्य की अजेय परंपरा, जो राजा चूड़ामणि से महाराजा सूरजमल तक मथुरा-बरसाना के मंदिरों की रक्षा और श्रीकृष्ण नगरी के हिंदू गौरव की गाथा को जीवंत करती है, हर देशभक्त के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इन वीरों ने विधर्मी आक्रमणों का डटकर मुकाबला किया और मंदिरों को पुनर्जीवित कर हिंदू अस्मिता की ढाल

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14 अगस्त : विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस… सत्ता मिली नेहरू-जिन्ना को, कत्ल और पलायन हुए लाखों-करोड़ों हिंदू

14 अगस्त 2025 को, हम उस तारीख को याद करते हैं जो हर हिंदू के दिल में एक काला घाव है—विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस। यह वह दिन है जब 1947 में सत्ता नेहरू-जिन्ना के हाथों में आई, और इसके फलस्वरूप लाखों-करोड़ों हिंदुओं का कत्ल हुआ, पलायन हुआ, और उनकी मातृभूमि छीनी गई। 15 अगस्त को

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पुण्यतिथि रानी अहिल्याबाई होल्कर- जिन्होंने विधर्मियों के तोड़े मंदिरों का किया पुनर्निर्माण और धर्मस्थलों की रक्षा की

13 अगस्त 2025 को, हम हिंदू धर्म की अमर शासिका रानी अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर उन्हें सलाम करते हैं, जिनका स्वर्गवास 13 अगस्त 1795 को हुआ था। वे मालवा की वह वीरांगना थीं, जिन्होंने विधर्मियों द्वारा तोड़े गए मंदिरों का पुनर्निर्माण कर हिंदू गौरव को फिर से जागृत किया और धर्मस्थलों की रक्षा की।

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‘शर्मनाक आपकी गलतबयानी, हमने हमास आतंकी मारे हैं…’, गाजा पर प्रियंका गांधी के पोस्ट का इजरायल का जवाब

गाजा में इजरायल और हमास के बीच चल रही जंग में अब तक हजारों आम लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इजरायल की सेना ने गाजा पर पूरी तरह कब्जा करने की योजना बनाई है, जिससे दुनिया भर में तनाव बढ़ गया है। इस बीच, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इजरायल पर गंभीर आरोप लगाए

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राणा कुंभा: गहलोत सम्राट, जिसने कुम्भलगढ़ की दीवारें मजबूत कर जिहादी हमलों को रोका

मेवाड़ के महान गहलोत सम्राट राणा कुंभा 15वीं सदी के इतिहास में एक गौरवशाली नाम हैं, जो बप्पा रावल का वंशज थे। उन्होंने अपने शासनकाल (1433-1468) में हिंदू शौर्य को बुलंद किया। वे कुम्भलगढ़ किले की मजबूत दीवारों के निर्माता के रूप में प्रसिद्ध हैं, जिन्होंने जिहादी आक्रमणों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राणा

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11 अगस्त: हाथ में गीता, चेहरे पर मुस्कान-18 वर्ष में भारत माता के लिए फांसी चढ़े वीर खुदीराम बोस जी

11 अगस्त: हाथ में गीता, चेहरे पर मुस्कान-18 वर्ष में भारत माता के लिए फांसी चढ़े वीर खुदीराम बोस जी

का प्रतीक बना। पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर में जन्मे इस वीर ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और मुजफ्फरपुर बम कांड से आजादी की आग भड़काई। यह लेख उनके जीवन, उनके साहसिक कामों, और उनके बलिदान की कहानी को बताता है, जो हर देशभक्त के लिए प्रेरणा है। शुरूआती जिंदगी: देशभक्ति की शुरुआत खुदीराम बोस

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नरसिंहदेव प्रथम: कोणार्क सूर्य मंदिर के महान दाता, जिन्होंने बंगाल के सुल्तान को हराया और मंदिर का निर्माण करवाया

13वीं सदी के प्रतापी हिंदू सम्राट नरसिंहदेव प्रथम उड़ीसा के गंग वंश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण नाम हैं, जिन्होंने अपने शासनकाल (1238-1264 ई.) में राज्य को शक्ति और सम्मान प्रदान किया। वे कोणार्क सूर्य मंदिर के भव्य निर्माण के लिए विख्यात हैं, जो हिंदू धर्म और संस्कृति का प्रतीक है, और बंगाल के सुल्तान

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9 अगस्त: काकोरी में क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों से लूटा खजाना वापस लिया, पर वामपंथियों ने इसे ‘काकोरी क्रांति’ नहीं बल्कि ‘काकोरी कांड’ कहा

आज, 9 अगस्त 2025 को, हम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की एक ऐतिहासिक घटना, काकोरी कांड की 100वीं वर्षगांठ को याद करते हैं। 9 अगस्त 1925 को, हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) के वीर क्रांतिकारियों ने लखनऊ के पास काकोरी रेलवे स्टेशन पर अंग्रेजों का खजाना लूटकर ब्रिटिश हुकूमत को हिला दिया। राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला

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