कृषि-प्रधान देश में कृषक की हालत
वित्त मंत्रालय लागत गिनता है, किसान कब्रें गिनते हैं ज़िम्मेदारी को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए। कृषि मंत्रालय रिपोर्टें तैयार करता है। वित्त मंत्रालय बजटीय सीमाओं का हवाला देता है। वाणिज्य मंत्रालय WTO का बहाना बनाता है। गृह मंत्रालय बैरिकेड्स खड़े करता है और आँसू गैस चलाता है। और प्रधानमंत्री कार्यालय किसानों […]
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