लचित बोरफुकन: वह सेनापति जिसने एक ही रात में दीवार खड़ी की और एक साम्राज्य को हरा दिया
ब्रहमपुत्र के किनारे वह रात बिल्कुल शांत थी। नदी किनारे लगी हुई मशालें झिलमिलाती थीं और उनकी रोशनी पानी में हिलते-डुलते प्रतिबिंब बना रही थी। हज़ारों सैनिक बिना आवाज़ किए दौड़-भाग में लगे थे—कहीं खुदाई चल रही थी, कहीं मिट्टी की टोकरियाँ ढोई जा रही थीं और धीरे-धीरे एक मिट्टी का किला आकार ले रहा […]
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