skip to content

Chhattisgarh Ministers Portfolio: छत्तीसगढ़ में मंत्रियों के विभाग तय, जानें किस मंत्री को मिला कौन सा मंत्रालय

छत्तीसगढ़ में 22 दिसंबर, 2023 को विष्णुदेव साय की अगुवाई में नई सरकार का गठन हुआ था। इसके बाद से ही मंत्रियों के विभागों के बंटवारे का इंतजार था। आखिरकार, 29 दिसंबर, 2023 को सामान्य प्रशासन विभाग ने मंत्रियों के विभागों की सूची जारी कर दी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने पास सामान्य प्रशासन, खनिज साधन, ऊर्जा, जनसंपर्क, वाणिज्य कर (आबकारी), परिवहन विभाग रखे हैं। इसके अलावा अन्य विभाग जो किसी मंत्री को आवंटित नहीं हुए हैं, वो भी मुख्यमंत्री के पास ही रहेंगे।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव को मिले ये विभाग

उपमुख्यमंत्री अरुण साव को लोक निर्माण विभाग, विधि और विधायी कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और नगरीय प्रशासन विभाग मिला है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को मिले ये विभाग

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को गृह मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा उन्हें पंचायत और ग्रामीण विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, तकनीकी शिक्षा और रोजगार विभाग भी मिला है।

बाकी मंत्रियों को मिले ये विभाग

  • बृजमोहन अग्रवाल – स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, संसदीय कार्य, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, पर्यटन एवं संस्कृति
  • राम विचार नेताम – आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण
  • दयाल दास बघेल – खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण
  • केदार कश्यप – वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता
  • श्याम बिहारी जायसवाल – लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, बीस सूत्रीय कार्यान्वयन
  • ओपी चौधरी – वित्त, वाणिज्य कर, आवास एवं पर्यावरण, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी
  • लक्ष्मी राजवाड़े – महिला एवं बाल विकास
  • टंक राम वर्मा – खेलकूद एवं युवा कल्याण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन

छत्तीसगढ़ सरकार में विभागों का बंटवारा

मंत्री विभाग
विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री, सामान्य प्रशासन, खनिज साधन, ऊर्जा, जनसंपर्क, वाणिज्य कर (आबकारी), परिवहन
अरुण साव उपमुख्यमंत्री, लोक निर्माण, विधि और विधायी कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन
विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री, गृह, पंचायत और ग्रामीण विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, तकनीकी शिक्षा और रोजगार
बृजमोहन अग्रवाल स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, संसदीय कार्य, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, पर्यटन एवं संस्कृति
राम विचार नेताम आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण
दयाल दास बघेल खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण
केदार कश्यप वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता
श्याम बिहारी जायसवाल लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, बीस सूत्रीय कार्यान्वयन
ओपी चौधरी वित्त, वाणिज्य कर, आवास एवं पर्यावरण, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी
लक्ष्मी राजवाड़े महिला एवं बाल विकास
टंक राम वर्मा खेलकूद एवं युवा कल्याण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन

विभागों के बंटवारे के आधार

छत्तीसगढ़ सरकार में विभागों के बंटवारे के आधार निम्नलिखित हैं:

  • क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व: सरकार ने विभागों के बंटवारे में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का ध्यान रखा है। सभी क्षेत्रों के लोगों को विभागों में प्रतिनिधित्व दिया गया है।
  • अनुभव: सरकार ने विभागों के बंटवारे में अनुभव का भी ध्यान रखा है। अनुभवी और नए चेहरों को भी विभागों में शामिल किया गया है।
  • कार्यभार: सरकार ने विभागों के बंटवारे में कार्यभार को भी ध्यान रखा है। एक मंत्री को एक साथ बहुत अधिक विभाग नहीं दिए गए हैं।

विभागों के बंटवारे पर क्या है लोगों की प्रतिक्रिया

विभागों के बंटवारे पर लोगों की प्रतिक्रियाएं मिश्रित हैं। कुछ लोग इसे संतोषजनक मान रहे हैं, तो कुछ इसे विपक्षी दलों के लिए घातक मान रहे हैं।

कुछ लोगों का कहना है कि विभागों का बंटवारा संतोषजनक है, क्योंकि इसमें सभी वर्गों के लोगों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि विभागों का बंटवारा विपक्षी दलों के लिए घातक है। उनका कहना है कि सरकार ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव को लोक निर्माण विभाग, विधि और विधायी कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और नगरीय प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विभाग दिए हैं। इससे विपक्षी दलों के लिए सरकार पर सवाल उठाना मुश्किल हो जाएगा।

विपक्षी दलों की आयी प्रतिक्रिया

विपक्षी दलों के लिए घातक बंटवारे के पक्ष में तर्क देने वाले लोगों का कहना है कि सरकार ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव को लोक निर्माण विभाग, विधि और विधायी कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और नगरीय प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विभाग दिए हैं। इससे विपक्षी दलों के लिए सरकार पर सवाल उठाना मुश्किल हो जाएगा।

उदाहरण के लिए, लोक निर्माण विभाग राज्य में विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इस विभाग के माध्यम से सरकार कई तरह के निर्माण कार्यों को करती है। अगर इस विभाग को अनुभवी और कुशल मंत्री मिल जाए तो वह राज्य में विकास को गति दे सकता है।

इसी तरह, विधि और विधायी कार्य विभाग भी महत्वपूर्ण है। इस विभाग के माध्यम से सरकार कानूनों को बनाती है और उनका पालन करवाती है। अगर इस विभाग को अनुभवी और कुशल मंत्री मिल जाए तो वह राज्य में कानून व्यवस्था को बेहतर बना सकता है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग भी महत्वपूर्ण है। इस विभाग के माध्यम से सरकार लोगों को स्वच्छ पानी और स्वच्छता की सुविधाएं उपलब्ध करवाती है। अगर इस विभाग को अनुभवी और कुशल मंत्री मिल जाए तो वह लोगों के स्वास्थ्य में सुधार ला सकता है।

नगरीय प्रशासन विभाग भी महत्वपूर्ण है। इस विभाग के माध्यम से सरकार शहरों का विकास करती है। अगर इस विभाग को अनुभवी और कुशल मंत्री मिल जाए तो वह शहरों को बेहतर बना सकता है।

विभागों के बंटवारे से प्रदेश की जनता को क्या लाभ होंगे?

छत्तीसगढ़ सरकार में विभागों के बंटवारे से प्रदेश की जनता को निम्नलिखित लाभ होंगे:

  • विकास: विभागों के बंटवारे से विकास के कामों को तेजी मिलेगी। अनुभवी और कुशल मंत्रियों के पास विभागों की कमान होगी, जिससे विकास के कामों को बेहतर तरीके से अंजाम दिया जा सकेगा।
  • सुशासन: विभागों के बंटवारे से सुशासन को बढ़ावा मिलेगा। एक मंत्री के पास एक साथ बहुत अधिक विभाग न होने से वह अपने विभागों पर बेहतर तरीके से ध्यान दे सकेगा।
  • पारदर्शिता: विभागों के बंटवारे से पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। जनता को यह पता चल सकेगा कि कौन से मंत्री किस विभाग के प्रभारी हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top

BJP Modal