पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान राज्य के कई हिस्सों से हिंसा, तनाव और तकनीकी गड़बड़ियों की खबरें सामने आई हैं। सुबह मतदान शुरू होते ही नदिया, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना समेत कई जिलों में हालात तनावपूर्ण हो गए। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद छिटपुट घटनाओं ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नदिया जिले के चापड़ा इलाके में एक मतदान केंद्र पर बीजेपी के बूथ एजेंट पर हमले का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ स्थानीय तत्वों ने मतदान केंद्र के बाहर एजेंट के साथ मारपीट की और उसे वहां से हटाने की कोशिश की। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए मतदान प्रभावित हुआ। बीजेपी ने इस हमले को लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सीधा हमला बताते हुए चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष माहौल खराब करने के लिए इस तरह के आरोप लगा रहा है।
हावड़ा जिले में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में खराबी को लेकर सुबह से ही विवाद की स्थिति बनी रही। कई मतदान केंद्रों पर मशीनों के काम न करने की शिकायतें आईं, जिससे वोटिंग शुरू होने में देरी हुई। कुछ जगहों पर मशीनों को बार-बार बदलना पड़ा, जिसके कारण मतदाताओं को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ा। नाराज लोगों ने विरोध जताया, जिसके बाद सुरक्षा बलों को स्थिति संभालनी पड़ी। प्रशासन का कहना है कि तकनीकी समस्या को जल्द ठीक कर लिया गया और मतदान प्रक्रिया सामान्य कर दी गई।
इसके अलावा राज्य के अन्य हिस्सों से भी झड़प और हिंसा की खबरें सामने आई हैं। कुछ इलाकों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच टकराव हुआ, तो कहीं बूथ के बाहर हंगामा देखने को मिला। भंगर और शांतिपुर जैसे क्षेत्रों में पथराव और तनाव की स्थिति बनी रही। कुछ स्थानों पर बूथ कब्जाने की कोशिशों के आरोप भी लगे हैं, हालांकि प्रशासन ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।
इन घटनाओं के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। राज्यभर में केंद्रीय बलों और पुलिस की भारी तैनाती की गई है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाए गए हैं और कई जगहों पर फ्लैग मार्च भी किया गया। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राजनीतिक बयानबाजी भी इस दौरान तेज हो गई है। Mamata Banerjee ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां और सुरक्षा बल निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहे हैं और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। वहीं बीजेपी नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि राज्य में सत्ताधारी दल अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर विपक्ष को डराने की कोशिश कर रहा है और कार्यकर्ताओं पर हमले कराए जा रहे हैं।
दूसरे चरण में राज्य की कई अहम सीटों पर मतदान हो रहा है, जिसमें शहरी और ग्रामीण दोनों इलाके शामिल हैं। शुरुआती घंटों में ही मतदाताओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिली, हालांकि कुछ जगहों पर हिंसा और तकनीकी समस्याओं के कारण मतदान की रफ्तार प्रभावित हुई। इसके बावजूद कई मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं, जो यह दर्शाती हैं कि लोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के लिए उत्साहित हैं।
चुनाव आयोग ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। आयोग का कहना है कि जहां भी गड़बड़ी की सूचना मिली है, वहां तुरंत कार्रवाई की गई है और मतदान को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों ने मतदाताओं से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और निर्भय होकर मतदान करें।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 का दूसरा चरण एक बार फिर हिंसा, आरोप-प्रत्यारोप और तकनीकी समस्याओं के बीच हो रहा है। हालांकि प्रशासन और चुनाव आयोग की ओर से लगातार यह भरोसा दिलाया जा रहा है कि स्थिति नियंत्रण में है और चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। अब नजर मतदान प्रतिशत और दिन के अंत तक हालात किस दिशा में जाते हैं, इस पर बनी हुई है।
