जय जवान, जय किसान
जब भारत को साहस चाहिए था, उन्होंने त्याग दिया। जब भारत को शक्ति चाहिए थी, उन्होंने संयम दिखाया। लाल बहादुर शास्त्री की बहादुरी शोर में नहीं, बल्कि उनके सरल और मानवीय आचरण में थी। संकट के समय नेतृत्व और स्थायी नैतिक विरासत लाल बहादुर शास्त्री (1904–1966) स्वतंत्र भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे। उन्होंने जून 1964 […]









