Author name: Logsabha Team

मेडिकल कॉलेजों में SC/ST के भारी आरक्षण की अंधी दौड़, असली पिछड़े OBC की सीटें घटीं लेकिन फिर भी रोने-धोने के बजाय मेरिट की राह पर आगे बढ़ रहा पूरा ओबीसी वर्ग

हमारे देश के सिस्टम का उसूल बड़ा ही अजीब है। जो समाज देश की रीढ़ है, जो सच में ज़मीन पर पसीना बहा रहा है, राजनीति के इस ‘आरक्षण वाले केक’ की वजह से उसी का हिस्सा सबसे पहले और सबसे बेरहमी से काटा जाता है। हम बात कर रहे हैं हमारे ओबीसी (OBC) समाज […]

मेडिकल कॉलेजों में SC/ST के भारी आरक्षण की अंधी दौड़, असली पिछड़े OBC की सीटें घटीं लेकिन फिर भी रोने-धोने के बजाय मेरिट की राह पर आगे बढ़ रहा पूरा ओबीसी वर्ग Read More »

कश्मीर में फिर 1990 जैसे हालात की आहट, 7000 कश्मीरी पंडितों को आतंकियों का ‘भागो या मरो’ का फरमान, पुरखों की धरती पर बेबस मरने के बजाय अब खुद हथियार उठाकर लड़ने का आ गया समय

कुछ ज़ख्म ऐसे होते हैं जिन पर वक्त कितनी भी मरहम लगा ले, वो कभी भरते नहीं हैं। 1990 का वो खौफनाक दौर… जब कश्मीर में रातों-रात मस्जिदों के लाउडस्पीकरों से चीख-चीख कर ऐलान किया जा रहा था- “रालिव, गालिव, चालिव” (या तो हमारे धर्म में आ जाओ, या मरो, या फिर अपनी औरतों को

कश्मीर में फिर 1990 जैसे हालात की आहट, 7000 कश्मीरी पंडितों को आतंकियों का ‘भागो या मरो’ का फरमान, पुरखों की धरती पर बेबस मरने के बजाय अब खुद हथियार उठाकर लड़ने का आ गया समय Read More »

BRICS में पहुंचे 11 देशों के राष्ट्राध्यक्ष, लेकिन पाकिस्तानी आतंकवाद का समर्थन करने वाले मलेशियाई PM को ही क्यों बनाया राहुल गाँधी ने अपना खास मेहमान, क्या विपक्ष के लिए तुष्टीकरण ही राष्ट्रहित से ऊपर

हमारे हिंदुस्तान में सदियों से एक बहुत प्यारी सी परंपरा चली आ रही है- ‘अतिथि देवो भव’। मतलब घर आए मेहमान को भगवान का दर्जा देना। लेकिन लगता है आजकल हमारे विपक्ष के नेताओं ने इस कहावत को कुछ ज़्यादा ही सीरियसली ले लिया है। और मज़े की बात तो ये है की ये लोग

BRICS में पहुंचे 11 देशों के राष्ट्राध्यक्ष, लेकिन पाकिस्तानी आतंकवाद का समर्थन करने वाले मलेशियाई PM को ही क्यों बनाया राहुल गाँधी ने अपना खास मेहमान, क्या विपक्ष के लिए तुष्टीकरण ही राष्ट्रहित से ऊपर Read More »

वो महज़ हादसा नहीं, हत्या और दुष्कर्म था! सुशांत सिंह राजपूत और दिशा केस में एक्शन मोड में आई CBI, बरसों के सन्नाटे के बाद उद्धव, आदित्य ठाकरे, रिया और सूरज पंचोली जैसे नामी चेहरों पर FIR दर्ज

जब इंसान किसी चीज़ का बहुत लंबा इंतज़ार करता है ना, तो एक वक़्त के बाद वो उम्मीद ही छोड़ देता है। 2020 का वो समय भला कौन भूल सकता है? जब पूरा देश कोरोना के खौफ में घरों में कैद था, तब मुंबई की उस चमकती हुई मायानगरी में दो ऐसी खौफनाक मौतें हुईं,

वो महज़ हादसा नहीं, हत्या और दुष्कर्म था! सुशांत सिंह राजपूत और दिशा केस में एक्शन मोड में आई CBI, बरसों के सन्नाटे के बाद उद्धव, आदित्य ठाकरे, रिया और सूरज पंचोली जैसे नामी चेहरों पर FIR दर्ज Read More »

BRICS के मंच पर भारत मनवा रहा अपना कूटनीतिक लोहा और राहुल गांधी को सता रही शाही डिनर में ‘नॉन-वेज’ की चिंता, विश्व पटल पर देश की इतनी बड़ी जीत के बीच विपक्ष का ये विलाप आखिर क्यों

कभी-कभी मुझे सच में लगता है की विपक्ष के रणनीतिकारों को कोई ‘ऑस्कर-वॉस्कर’ मिलना चाहिए। मतलब, जब पूरा देश एक साथ मिलकर भारत की किसी बड़ी ग्लोबल कामयाबी का जश्न मना रहा होता है, तब ये लोग कोई न कोई ऐसा कॉमेडी शो लेकर आ ही जाते हैं की इंसान अपना सिर पीट ले। 2026

BRICS के मंच पर भारत मनवा रहा अपना कूटनीतिक लोहा और राहुल गांधी को सता रही शाही डिनर में ‘नॉन-वेज’ की चिंता, विश्व पटल पर देश की इतनी बड़ी जीत के बीच विपक्ष का ये विलाप आखिर क्यों Read More »

कौड़ियों के भाव मिली ज़मीन अब लालू परिवार को पड़ रही भारी, IRCTC टेंडर घोटाले में लालू यादव के परिवार पर चलेगा मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा, लालू, राबड़ी, तेजस्वी समेत 9 लोगों पर आरोप तय

दोस्तों आम तौर पर लोगों के लिए पुरानी यादें बहुत सुहानी होती हैं। लेकिन बिहार के सबसे बड़े सियासी कुनबे यानी लालू यादव परिवार के साथ मामला थोड़ा अलग है। इनके लिए 2004 से 2009 वाला जो यूपीए-1 सरकार का दौर था, वो एक ऐसा ‘फ्लैशबैक’ बन चुका है जो जब भी लौटकर आता है,

कौड़ियों के भाव मिली ज़मीन अब लालू परिवार को पड़ रही भारी, IRCTC टेंडर घोटाले में लालू यादव के परिवार पर चलेगा मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा, लालू, राबड़ी, तेजस्वी समेत 9 लोगों पर आरोप तय Read More »

क्या वाल्मीकि समाज की बेटियों को न्याय का अधिकार नहीं? खुद को दलितों का मसीहा बताने वाले चंद्रशेखर आज़ाद क्यों उठाते सिर्फ जाटव समाज की आवाज़

आजकल की दलित राजनीति में ‘मसीहा’ बनना कितना आसान हो गया है ना? कंधे पर एक नीले रंग का गमछा डाल लो, मंच पर चढ़कर बड़ी-बड़ी और लच्छेदार बातें कर दो, कैमरे के सामने उंगली उठाकर दहाड़ने की एक्टिंग कर लो, और बस… रातों-रात आप एक पूरे दलित समाज के ठेकेदार बन जाते हैं। जनता,

क्या वाल्मीकि समाज की बेटियों को न्याय का अधिकार नहीं? खुद को दलितों का मसीहा बताने वाले चंद्रशेखर आज़ाद क्यों उठाते सिर्फ जाटव समाज की आवाज़ Read More »

बीजेपी अजेय नहीं विपक्ष ही अनाड़ी है, Episode 6: भगवान राम का अस्तित्व नकारने की गलती और विकास के नाम पर राम सेतु तोड़ने की जिद, कांग्रेस के आत्मघाती फैसले जिन्होंने बहुसंख्यक समाज को बीजेपी के हवाले करके सौंप दी सत्ता की चाबी

शुरू करने से पहले, खुद से पूछिए अगर कोई सरकार आपके घर के आराध्य देव को अदालत में ‘काल्पनिक’ लिख दे, तो क्या आप उसे छोटी राजनीतिक गलती मानेंगे? अगर विकास के नाम पर आपके सामने पांच सुरक्षित रास्ते हों और सरकार जानबूझकर उसी रास्ते पर अड़ जाए जो आस्था को चीरता है, तो क्या

बीजेपी अजेय नहीं विपक्ष ही अनाड़ी है, Episode 6: भगवान राम का अस्तित्व नकारने की गलती और विकास के नाम पर राम सेतु तोड़ने की जिद, कांग्रेस के आत्मघाती फैसले जिन्होंने बहुसंख्यक समाज को बीजेपी के हवाले करके सौंप दी सत्ता की चाबी Read More »

दोनों भतीजों से कमान छीनकर क्या मायावती रखेंगी भतीजी के सिर पर ताज? 22 साल की लंदन रिटर्न दीपिका आनंद अब बन सकती बसपा का नया ‘तुरुप का इक्का’

यूपी की सियासत का चक्रव्यूह किस तरफ लपक जाये, ये तो शायद बड़े-बड़े राजनीतिक धुरंधर और दिल्ली वाले पत्रकार भी नहीं बता सकते। यहां कब कौन अर्श से फर्श पर गिर जाए और कौन गुमनामी के अंधेरे से निकलकर सीधे ताज पहन ले, किसी को भनक तक नहीं लगती। और जब बात बहुजन समाज पार्टी

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दुर्गा माँ को गालियां देने वाली निशु आज़ाद को सुप्रीम कोर्ट की VIP सुरक्षा और मामूली विवाद में बेगुनाह पर झूठा SC/ST एक्ट, लेकिन जब ये केस निकलते फर्जी तो इस अंधे बहरे कानून को क्यों सूंघ जाता सांप

हम हमेशा से कोर्ट-कचहरी और कानून की किताबों में न्याय की देवी की वो मूर्ति देखते आए हैं, जिसकी आँखों पर काली पट्टी बंधी होती है। हमें सिखाया गया की ये पट्टी इसलिए है ताकि कानून किसी के साथ भेदभाव न करे। लेकिन आज के इस दौर में सच कहूं तो इस पट्टी का मतलब

दुर्गा माँ को गालियां देने वाली निशु आज़ाद को सुप्रीम कोर्ट की VIP सुरक्षा और मामूली विवाद में बेगुनाह पर झूठा SC/ST एक्ट, लेकिन जब ये केस निकलते फर्जी तो इस अंधे बहरे कानून को क्यों सूंघ जाता सांप Read More »

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