TMC का आरोप, BJP नेताओं के साथ आमना-सामना और EC का जवाब… मतगणना से पहले बंगाल में EVM को लेकर क्यों चढ़ा सियासी पारा? पूरी कहानी

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर बेहद गर्म हो चुकी है। विधानसभा चुनाव की वोटिंग खत्म होने के बाद अब सभी की नजर मतगणना पर टिकी हुई है। लेकिन नतीजों से पहले ही राज्य में EVM और स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने EVM में गड़बड़ी और सुरक्षा में लापरवाही के आरोप लगाए हैं, जबकि BJP ने इन आरोपों को “हार का डर” बताया है। दूसरी ओर चुनाव आयोग लगातार सफाई दे रहा है कि EVM पूरी तरह सुरक्षित हैं और पूरी प्रक्रिया कड़ी निगरानी में चल रही है।

आखिर विवाद शुरू कैसे हुआ?

विवाद उस समय शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। इन वीडियो में कथित तौर पर कुछ लोग स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास दिखाई दिए, जहां EVM मशीनें रखी गई थीं। TMC ने दावा किया कि ये लोग BJP से जुड़े थे और बिना अनुमति स्ट्रॉन्ग रूम के पास मौजूद थे।

इसके बाद TMC नेताओं ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए। पार्टी का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए पूरी पारदर्शिता जरूरी है। TMC नेताओं ने आरोप लगाया कि अगर समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो जनता के बीच अविश्वास पैदा हो सकता है।

ममता बनर्जी के पहुंचने से बढ़ा विवाद

मामला उस समय और ज्यादा चर्चा में आ गया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी देर रात खुद स्ट्रॉन्ग रूम पहुंच गईं। उनके अचानक दौरे ने पूरे राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया।

ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाए हुए है और EVM की सुरक्षा को लेकर कोई भी लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास सबसे जरूरी होता है और किसी भी तरह की शंका को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

उनके पहुंचने के बाद वहां TMC और BJP समर्थकों के बीच नारेबाजी भी देखने को मिली। कई जगहों पर माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस को स्थिति संभालनी पड़ी।

BJP ने TMC के आरोपों को बताया राजनीति

BJP ने TMC के सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि TMC को चुनाव नतीजों से पहले हार का डर सता रहा है, इसलिए वह माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।

BJP का दावा है कि चुनाव आयोग की निगरानी में पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चलती है और EVM के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ संभव नहीं है। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि जनता अब विकास और बदलाव के मुद्दों पर वोट कर रही है, इसलिए TMC राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास कर रही है।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

विवाद बढ़ने के बाद चुनाव आयोग को भी सामने आकर सफाई देनी पड़ी। आयोग ने कहा कि सभी EVM मशीनें पूरी सुरक्षा के साथ स्ट्रॉन्ग रूम में रखी गई हैं और वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

चुनाव आयोग के अनुसार स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात हैं और हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को निगरानी की अनुमति दी गई है ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

आयोग ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।

एग्जिट पोल के बाद और बढ़ी बेचैनी

राजनीतिक तनाव बढ़ने की एक बड़ी वजह एग्जिट पोल भी माने जा रहे हैं। कई सर्वे में BJP और TMC के बीच बेहद करीबी मुकाबला दिखाया गया है। कुछ एग्जिट पोल में BJP को बढ़त मिलने का दावा किया गया, जबकि कुछ में TMC की वापसी दिखाई गई।

इसी वजह से दोनों दलों के बीच तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि करीबी मुकाबले की वजह से हर छोटी घटना अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है।

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस

EVM विवाद अब सोशल मीडिया पर भी बड़ा मुद्दा बन चुका है। TMC और BJP समर्थक लगातार एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। कई वीडियो और पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिन पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

एक तरफ TMC समर्थक चुनाव प्रक्रिया में और ज्यादा पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, वहीं BJP समर्थक इसे विपक्ष की घबराहट बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है।

अब सबकी नजर मतगणना पर

फिलहाल पूरे बंगाल की नजर अब मतगणना के दिन पर टिकी हुई है। राजनीतिक दलों ने अपने कार्यकर्ताओं और एजेंटों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

चुनाव आयोग लगातार भरोसा दिला रहा है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी होगी। लेकिन जिस तरह से मतगणना से पहले बंगाल का राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ है, उससे साफ है कि चुनाव परिणाम आने तक राज्य की सियासत और भी ज्यादा हाई वोल्टेज बनी रहने वाली है।

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