Sankalp

माँ कूष्माण्डा: सृष्टि की आदिशक्ति और जीवन का प्रथम प्रकाश

माँ कूष्माण्डा: सृष्टि की आदिशक्ति और जीवन का प्रथम प्रकाश

जब सृष्टि अंधकार में डूबी थी और अस्तित्व का कोई स्वरूप नहीं था, तब एक दिव्य मुस्कान ने शून्य को प्रकाश में बदल दिया। वही मुस्कान माँ कूष्माण्डा की थी—आदिशक्ति की वह करुणामयी ज्योति, जिसने अपने सहज आनंद से सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड का सृजन किया। नवरात्रि का यह पावन क्षण हमें केवल पूजा के लिए नहीं […]

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माँ चंद्रघंटा: जाग्रत शक्ति और संतुलन की दिव्य साधना

नवरात्रि की तृतीया का पावन प्रभात जब धीरे-धीरे धरती पर उतरता है, तो वह केवल एक और दिन का आरंभ नहीं होता वह अंतर में सुप्त पड़ी दिव्य शक्ति के जागरण का निमंत्रण होता है। यह वह क्षण है जब साधना की मौन अग्नि, माँ चंद्रघंटा के स्मरण से प्रज्वलित होकर चेतना को आलोकित करने

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माँ ब्रह्मचारिणी

माँ ब्रह्मचारिणी: समर्पण की अग्नि, भक्ति का प्रकाश

नवरात्रि की तृतीया का यह पावन प्रभात मानो तप की एक शांत ज्योति लेकर आता है—माँ ब्रह्मचारिणी के स्वरूप में। न कोई आडंबर, न कोई शोर… केवल साधना की गहराई, संयम की शक्ति और एकाग्रता की दिव्यता। वे मौन में चलती हैं, पर उनका संदेश गूंजता है कि जीवन की हर ऊँचाई तप के पथ

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मां शैलपुत्री: नवरात्रि की प्रथम आराधना

मां शैलपुत्री: नवरात्रि की प्रथम आराधना

हर वर्ष नवरात्रि हमें यह याद दिलाती है कि दिव्य मां की शक्ति हमेशा हमारे जीवन में उपस्थित रहती है। इस पवित्र पर्व की शुरुआत मां शैलपुत्री की पूजा से होती है। उनका शांत और शक्तिशाली स्वरूप आध्यात्मिक जागरण की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि के पहले दिन भक्त श्रद्धा से उनकी पूजा

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“जागो हिंदू जागो” नारा या धोखा? अपने बच्चों को विदेश भेजकर आम हिंदूओं की बलि चढ़ाते हैं नेता…चंदन गुप्ता से कन्हैयालाल तक कई नाम

चंदन गुप्ता से लेकर कन्हैया लाल तक, सड़कों पर आम हिंदू का ही खून बह रहा है। और दूसरी तरफ उनके ‘राजनीतिक ठेकेदार’ अपने बच्चों को विदेश में हार्वर्ड, लीड्स और पेनसिल्वेनिया की यूनिवर्सिटीज़ में भेज रहे हैं- उन सारे ताम-झाम से एकदम दूर, जिनका सामना करने के लिए वे दूसरों को उकसाते हैं। आख़िर

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गोंदेश्वर धाम: शिव की कृपा, श्रद्धा और शाश्वत स्थापत्य का दिव्य संगम

आज के समय में, जब अक्सर भारत के प्राचीन वैज्ञानिक ज्ञान को कम आँका जाता है, गोंदेश्वर मंदिर एक अलग सच्चाई सामने रखता है। यादव काल में बना यह मंदिर दिखाता है कि उस समय के शिल्पकारों को उन्नत इंजीनियरिंग का अच्छा ज्ञान था। उन्होंने बिना गारे के पत्थरों को जोड़कर ऐसी मजबूत संरचना बनाई,

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#YogiModelJustice: राजपूत बच्ची के साथ दरिंदगी के बाद हत्या, बिहार चुप? नेताओं का ‘स्वर्ण-दलित’ वोट बैंक का गंदा खेल

11 मार्च 2026 की दोपहर। छपरा (सारण) की रहने वाली 15 साल की एक बच्ची अपने पुराने घर से कुछ सामान लेने निकली थी। किसे पता था की वो कभी ज़िंदा लौटकर नहीं आएगी? पांच दरिंदे पहले से ही घात लगाए बैठे थे। उन्होंने उसे घसीटकर बाथरूम में खींचा, उसके साथ दुष्कर्म किया।  उसकी चीखें

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“मैं पंडित हूँ जो अवसर के अनुसार बदलता हूँ – लेकिन मेरे पूर्वज चाणक्य से हेडगेवार तक राष्ट्र और धर्म के लिए मर मिटे"

“मैं पंडित हूँ जो अवसर के अनुसार बदलता हूँ – लेकिन मेरे पूर्वज चाणक्य से हेडगेवार तक राष्ट्र और धर्म के लिए मर मिटे”

14 मार्च 2026 की बात है। यूपी पुलिस भर्ती की एक परीक्षा अचानक पूरे देश में बवाल का कारण बन गयी। परीक्षा में एक बहुत ही चालाकी भरा सवाल पूछा था: ‘अवसर के अनुसार कौन बदलता है?’ और इसके उत्तर के लिए दिए गए विकल्पों में एक ऐसा शब्द था जिस पर साज़िश की बू

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विंध्याचल की पावन धरती: जहाँ स्वयं विराजती हैं माँ विंध्यवासिनी

विंध्याचल की पावन धरती: जहाँ स्वयं विराजती हैं माँ विंध्यवासिनी

असंख्य श्रद्धालुओं के लिए विंध्याचल सिर्फ एक स्थान नहीं, बल्कि माँ का जीवंत धाम है। श्रद्धा से जुड़े हाथों और विश्वास से भरे मन के साथ भक्त यहाँ माँ का आशीर्वाद पाने आते हैं। जब वे त्रिकोण परिक्रमा करते हुए एक मंदिर से दूसरे मंदिर तक पहुँचते हैं, तो हर कदम, हर मंत्र और हर

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मोरारजी देसाई ने फोन पर PAK को बताया था न्यूक्लियर राज, बदले में मिला निशान-ए-पाकिस्तान, मारे गए थे कई रॉ एजेंट

मोरारजी देसाई ने फोन पर PAK को बताया था न्यूक्लियर राज, बदले में मिला निशान-ए-पाकिस्तान, मारे गए थे कई रॉ एजेंट

देश की सुरक्षा और संप्रभुता की फिक्र करने वाले हर हिंदुस्तानी के ज़ेहन में एक तस्वीर हमेशा के लिए छप चुकी है। भारत का एक पूर्व प्रधानमंत्री, एक ऐसा आदमी जो कभी इस देश की सबसे बड़ी संवैधानिक कुर्सी पर बैठा था, वो पाकिस्तान का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान ‘निशान-ए-पाकिस्तान’ ले रहा है। ये सम्मान

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