आजकल ये देश में अजीब ही सिस्टम चल रहा है। कोई भी दो-चार खाली बैठे लौंडे मिलकर एक नई राजनीतिक पार्टी या एनजीओ बना लेते हैं, हाथ में कैमरा पकड़ते हैं और खुद को रातों-रात समाज सुधारक और एक्टिविस्ट समझने लगते हैं।
इन्हें लगता है की बस कहीं भी माइक लेकर घुस जाओ, सरकारी सिस्टम को गालियां दो, कैमरे पर चीख-चिल्ला कर थोड़ा ड्रामा करो और शाम तक सोशल मीडिया पर ‘हीरो’ बन जाओ।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का नाम तो आपने सुना ही होगा, जी हाँ वही पार्टी जिसने NEET के नाम पे जंतर-मंतर में उतना बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया था!
ये कॉकरोच एक बार फिर से एक नया ड्रामा खड़ा करने निकले थे ताकि एक बार फिर से ‘हीरो’ बन जाएं, लेकिन आज इनका दांव उल्टा पढ़ गया!
राजस्थान के जयपुर में इन कॉकरोचों के साथ गांव वालों ने जो सुलूक किया ना, वो देखकर सच में हंसी नहीं रुक रही।
स्कूल के नाम पर अपनी गंदी राजनीति चमकाने गए इन तथाकथित नेताओं को राजस्थानियों ने ऐसी कुटाई दी है की अब ये अपनी टूटी हुई हड्डियां सहलाते फिर रहे हैं।
PR स्टंट के चक्कर में सरेआम पिट गए कॉकरोच, राजस्थानियों ने कर दिया इनका तगड़ा इलाज
Most satisfying video in internet today!
CJP and Ranka getting thrashed in Jaipur – Rajasthan. 😹😹 pic.twitter.com/ie2r8xao85
— Prashant Gopinath Menon (@PrasantGopinat) August 21, 2026
आज 21 अगस्त 2026 की ही बात है। जगह थी जयपुर जिले की बगरू विधानसभा का एक गांव- रामपुरा कंवरपुरा।
ये कॉकरोच पार्टी वाले अपनी गाड़ियों का काफिला लेकर एकदम सिंघम वाले स्टाइल में इस गांव में घुसे थे।
इनका मकसद था स्कूल की आड़ में सरकार को घेरना, कैमरे पर फुटेज खाना और अपना भयंकर PR स्टंट करना। इन्हें लगा था की गांव के लोग बहुत सीधे होते हैं, कैमरा देखकर डर जाएंगे और ये आराम से अपनी नेतागिरी चमका कर निकल आएंगे।
लेकिन भाई साहब, ये राजस्थान है! यहां की पब्लिक जितनी सीधी है, गुस्सा आने पर उनका हाथ उससे भी ज्यादा भारी पड़ता है।
राजस्थान के इन गांव वालों ने इनका वो ‘शाही स्वागत’ किया की ये अपनी गाड़ियां और नेतागिरी वहीं छोड़कर उल्टे पांव भागते नज़र आए।
इनकी सारी होशियारी सेकंडों में हवा हो गई और अब ये सोशल मीडिया पर बैठकर अपना दुखड़ा रो रहे हैं।
बिना परमिशन रामपुरा कंवरपुरा के स्कूल का निरिक्षण करने पहुंचे थे CJP के कॉकरोच
आखिर ये पूरा बवाल शुरू कहाँ से हुआ, पहले वो समझिए। CJP वालों ने आजकल एक चोंचला शुरू किया हुआ है- ‘स्कूल ठीक करो’ कैंपेन।
इसी नौटंकी के तहत ये लोग रामपुरा कंवरपुरा के एक प्राइमरी सरकारी स्कूल में जा धमके।
दरअसल, गांव के उस स्कूल की पुरानी इमारत जर्जर हो चुकी थी, इसलिए बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए स्कूल को फिलहाल एक अस्थाई जगह पर शिफ्ट किया गया था।
बस इसी बात को मुद्दा बनाकर ये लोग वहां कैमरा लेकर पहुंच गए ताकि सोशल मीडिया पर सनसनी फैला सकें।
लेकिन इन कॉकरोच पार्टी वालों की सबसे बड़ी गुंडागर्दी ये थी की इन्होंने सीधे तौर पर कानून और सरकारी आदेश की धज्जियां उड़ाईं।
अभी चार दिन पहले ही, 17 अगस्त को राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विभाग ने एक बेहद सख्त आदेश जारी किया था।
आदेश में एकदम साफ-साफ लिखा था की कोई भी बाहरी एनजीओ, एक्टिविस्ट या नेता बिना सरकारी परमिशन के स्कूलों के अंदर नहीं घुस सकता और ना ही वहां वीडियोग्राफी कर सकता है।
शिक्षा विभाग का सीधा तर्क था की इससे छोटे बच्चों की प्राइवेसी (Privacy) भंग होती है और स्कूल का माहौल खराब होता है।
लेकिन CJP के ‘आशुतोष रांका’ और उनकी ये पूरी झोलाछाप टीम खुद को संविधान और कानून से भी ऊपर समझती थी।
इन्हें लगा की मदन दिलावर का आदेश इनके लिए थोड़े ही है! ये जानबूझकर वहां माहौल खराब करने और जबरन स्कूल में घुसकर वीडियो बनाने पहुंच गए।
कानून को ठेंगा दिखाने का यही घमंड इन पर इतना भारी पड़ा की गांव वालों ने इनका सारा गुरूर मिट्टी में मिला दिया।
गांव वालों का फूटा भयंकर गुस्सा और कॉकरोच पार्टी के नेताओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
जैसे ही ये लोग कैमरा और माइक लेकर गांव के अंदर घुसे, वहां के स्थानीय ग्रामीणों ने समझ लिया की ये लोग यहाँ हमारी भलाई के लिए नहीं, बल्कि गांव की बदनामी करके अपनी राजनीति चमकाने आए हैं।
गांव वालों ने तुरंत ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर बीच सड़क पर इनका रास्ता ब्लॉक कर दिया। ग्रामीणों ने बहुत शांति से इन CJP वालों से कहा की भाई वापस लौट जाओ, हमें यहाँ कोई तमाशा नहीं चाहिए।
लेकिन रांका और उनकी टीम को तो कैमरे पर हीरो बनना था। वो गांव वालों से ही उलझ गए और तीखी बहस करने लगे।
बस फिर क्या था, ग्रामीणों का पारा सातवें आसमान पर पहुँच गया। राजस्थान के उस गांव में फिर वो लात-घूंसे चले की CJP वालों को दिन में तारे नज़र आ गए।
गांव वालों ने इन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इनकी गाड़ियों के शीशे चकनाचूर कर दिए गए। खुद को बहुत बड़ा नेता समझने वाले आशुतोष रांका की शर्ट सरेआम फाड़ दी गई।
आज की तारीख में ये नेता रोते हुए पुलिस के पास गए हैं की इनके एक कार्यकर्ता का हाथ टूट गया है, फैक्चर हो गया है और महिलाओं को धक्के मारे गए हैं।
अपनी इस सरेआम हुई बेइज़्ज़ती को छुपाने के लिए अब CJP वाले एक नया नैरेटिव सेट कर रहे हैं।
ये कैमरे पर आकर रो रहे हैं की “हमें तो बीजेपी और RSS के गुंडों ने पीटा है।” अरे भाई, तुम्हारी शक्ल पर लिखा है क्या की तुम कितने बड़े तीसमारखां हो जो तुम्हें पीटने के लिए RSS वाले आएंगे?
सच्चाई ये है की गांव का हर एक आम आदमी तुम्हारी इस गंदी राजनीति से चिढ़ा हुआ था। तुम बिना पूछे उनके गांव में घुसे, उनके बच्चों के स्कूल में कैमरा घुसेड़ रहे थे, तो गांव वाले आरती की थाली लेकर थोड़े ही खड़े रहेंगे!
जो कुटाई हुई है, वो शुद्ध रूप से रामपुरा के आम लोगों ने की है, क्योंकि पब्लिक अब इन नौटंकीबाजों की असलियत समझ चुकी है।
हाथ-पैर तुड़वाने के बाद X पर रो रहे हैं कॉकरोच पार्टी के नेता, और दे रहे 48 घंटे का अल्टीमेटम
सड़क पर कुटाई खाने के बाद ये ‘क्रांतिकारी’ नेता अब अपने असली अड्डे यानी सोशल मीडिया पर आ गए हैं। X (Twitter) पर इन कॉकरोच पार्टी वालों का रोना-धोना फुल स्पीड में चल रहा है।
CJP के फाउंडर ‘अभिजीत दीपके’ और मार खाए हुए आशुतोष रांका ने अब एक नया वीडियो बनाकर राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को ’48 घंटे का अल्टीमेटम’ दे डाला है।
वीडियो में हवाबाजी करते हुए ये लोग धमकी दे रहे हैं की अगर 48 घंटे के अंदर गुंडों को गिरफ्तार नहीं किया गया और स्कूलों में निरीक्षण पर लगी रोक नहीं हटाई गई, तो हम पूरे राजस्थान में जंतर-मंतर जैसा धरना देंगे और मंत्री को इस्तीफा देना पड़ेगा।
मतलब इसे कहते हैं उल्टा चोर कोतवाल को डांटे! भाई, तुम खुद गैरकानूनी तरीके से स्कूल में घुसे। तुमने शिक्षा मंत्री के आदेश को ठेंगा दिखाया।
गांव वालों से बेवजह पंगे लिए, उनसे कुटाई खाई, और अब पुलिस से सुरक्षा मांग रहे हो? जब पुलिस और प्रशासन तुम्हें नियम समझा रहे थे तब तो तुम गुंडागर्दी दिखा रहे थे की हम तो निरीक्षण करेंगे।
अब जब पब्लिक ने तुम्हारा भूत उतार दिया है, तो सिस्टम और पुलिस याद आ रही है? ये खोखली धमकियां अपने पास ही रखो, राजस्थान की पब्लिक ने दिखा दिया है की वो तुम्हारी इन गीडड़ भभकियों से डरने वाली नहीं है।
रामपुरा कंवरपुरा के इन ग्रामीणों ने आज पूरे देश को सिखा दिया है की इन ‘गिद्ध’ रूपी एक्टिविस्टों और फर्जी नेताओं से कैसे निपटना चाहिए।
कॉकरोचों का इलाज सिर्फ और सिर्फ जूतों से होता है, और आज राजस्थान ने ये साबित कर दिया है!
