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स्टार्टअप्स में बज रहा है भारत का डंका, दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्ता बनने का रास्ता खुलेगा इन्हीं से

स्टार्टअप्स में बज रहा है भारत का डंका, दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्ता बनने का रास्ता खुलेगा इन्हीं से

युवाओं के नए स्टार्टअप और उनके नवोन्मेषी आइडियाज के दम पर ही भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा. युवाओं और नये स्टार्टअप्स के दम पर भारत को दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में कामयाबी मिली. केवल एक दशक पहले भारत दुनिया में 11 वें स्थान पर था.

इसी के दम पर भारत विकास की नयी गाथा लिखेगा. नए स्टार्टअप के शुरू करने और उसके महत्व पर प्रकाश डालने के लिए हाल में ही दिल्ली के भारत मंडपम में स्टार्ट-अप महाकुंभ हुआ, जिसमें तमाम आइडिया पर पीएम मोदी ने भी युवाओं को प्रेरित किया.

विकसित भारत 2047 तक

2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए देश के रोडमैड पर पर युवाओं की भूमिका खूब होगी. भारत ने पिछले कुछ दशकों में सूचना प्रौद्योगिकी और सॉफ्टवेयर क्षेत्र में अपनी छाप विश्व स्तर पर छोड़ी है. स्टार्ट-अप जगत के लोगों की की सफलता युवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है.

निवेशकों, इनोवेटर्स, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग के अग्रणी सदस्यों और वर्तमान एवं भविष्य के उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टार्टअप आज भारत की प्रगति में चार चांद लगा रहे हैं.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नए स्टार्टअप देश को एक नई गति देने का काम कर रहा है. आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप बाजार है,जिसे हमारे देश के युवा लीड कर रहे हैं.

भारत में 1.25 लाख स्टार्टअप कार्य कर रहे हैं. भारत तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है, जिसमें 12 लाख युवा सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं, यानी कि 12 लाख युवाओं को नौकरी मिल रही है. उद्यमियों से अपने पेटेंट शीघ्रता से दाखिल करने के प्रति सतर्क रहने और दीर्घकालिक तौर पर गति बनाए रखने की जरूरत है.

जीईएम पोर्टल ने व्यवसायों और स्टार्टअप्स को 20,000 करोड़ रुपये से भी अधिक प्रदान कर उनको एक नयी दिशा सरकार की ओर से प्रदान की है. नए क्षेत्रों में जाने के लिए युवाओं लगातार बढ़ रहे हैं. नीतिगत सोच के साथ शुरू किए गए स्टार्ट-अप आज नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं. स्टार्टअप्स महाकुंभ अभूतपूर्व ऊर्जा और जीवंतता का निर्माण कर रहा है. आज के समय में स्टार्टअप एक सामाजिक संस्कृति बन गया है और कोई भी सामाजिक संस्कृति को रोक नहीं सकता है.

महिलाओं का स्टार्टअप में नेतृत्व

देश में 45 प्रतिशत से अधिक स्टार्ट-अप महिलाओं के नेतृत्व वाला है. वैश्विक अनुप्रयोगों के लिए भारतीय समाधान विश्‍व के कई देशों के लिए मददगार बनने में कामयाब होगा. स्टार्टअप क्रांति का नेतृत्व छोटे शहरों से निकलकर बड़े पैमाने तक जा रहा है.

स्टार्टअप्स की क्रांति से कृषि, वस्त्र, चिकित्सा, परिवहन, अंतरिक्ष, योग और आयुर्वेद सहित कई क्षेत्रों में विकास हो रहा है. भारतीय स्टार्टअप अंतरिक्ष क्षेत्र में 50 से अधिक क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जिनमें स्पेस शटल का प्रक्षेपण भी है. स्टार्टअप्स ने ये मानसिकता बदल दी है कि व्‍यवसाय शुरू करने के लिए बहुत अधिक धनराशि की आवश्‍यकता होती है.अब नौकरी मांगने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बनने का रास्ता चुनने के लिए देश के युवा उस राह पर चल पड़े हैं. डिजिटल इंडिया,स्टार्ट-अप को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद कर रहा है.

यूपीआई फिन-टेक स्टार्ट-अप के लिए समर्थन का एक स्तंभ बन गया है जो देश में डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए नवीन उत्पादों और सेवाओं के विकास का नेतृत्व करता है. यूपीआई के जरिए वित्तीय समावेशन सुदृढ़ हुआ है और ग्रामीण एवं शहरी स्तर पर जो एक खाई थी उसमें कमी आई है.

प्रौद्योगिकी का विस्‍तार शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में तक हुआ है.आज आर्टिफिशिएल इंटलिजेंस के क्षेत्र में भी भारत का पलड़ा भारी है. एआई उद्योग के आने के साथ युवा अन्वेषकों और वैश्विक निवेशकों दोनों के लिए सृजित हो रहे कई अवसरों को रेखांकित कर और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, भारत एआई मिशन एवं सेमीकंडक्टर मिशन के क्षेत्र में भी भारत तेजी से बढ़ रहा है.

स्टार्टअप क्रांति से बदलेगा देश

स्टार्टअप एक व्यवसाय है.जो किसी नए प्रोडक्ट और सर्विस के लिए इनोवेशन, डेवलपमेंट, डिप्लॉयमेंट या कॉमर्शियलाइजेशन टेक्नोलॉजी या इंटेलिजेंस के जरिए किया जाता है. व्यवसाय के तौर पर बात करें तो जो एंटिटी भारत में पांच साल से ज्यादा से रजिस्टर्ड नहीं है और जिसका सालाना कारोबार किसी भी फाइनेंशियल इयर में 25 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं है. स्टार्टअप इंडिया भारत सरकार की एक प्रमुख परियोजना है.

इसकी शुरुआत पीएम मोदी ने 2015 में की थी. इसका उद्देश्य देश में स्टार्टअप्स और नए आइडियाज के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित करना है. इसके जरिए सरकार देश का आर्थिक विकास और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना चहती है. आज हर कोई अपना स्टार्टअप शुरू कर रहा है. पहले स्टार्टअप सिर्फ बड़े शहरों का नाम था, लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े पैमानें पर युवा स्टार्टअप की ओर जा रहे है.

इसमें डिजिटल इंडिया भी एक तरह से अच्छी भूमिका निभा रहा है. युवाओं के दिमाग में बहुत से आइडिया आते हैं और फिर उस पर काम कर के युवा स्टार्टअप की ओर आगे बढ़ रहे हैं. इसमें मेडिकल सेवाएं, शिक्षा, नौकरी दिलाने वाली स्किल्स, फ़ूड, ट्रेवल आदि कई चीजें है. दरअसल देखा जाए तो स्टार्टअप एक तरह से आइडिया की मार्केटिंग होती है. बड़े इनवेस्टर भी आइडिया औैर बिजनेस को देखकर उस स्टार्टअप में पैसा लगाते हैं. भारत में इन दिनों खूब स्टार्टअप बढ़े हैं.

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