दूसरों के धर्म पर कीचड़ उछालना इनकी फितरत, और इनके धर्म पर आये तो लग जाते ‘सर तन से जुदा’ के नारे, शिवभक्तों को ‘आतंकवादी’ बोलने वाले इस मौलाना ‘साजिद रशीदी’ पर कानून की चाबुक आखिर कब?

क्या हम हिंदुओं ने ठेका ले रखा है की सहिष्णुता के नाम पर कोई भी ऐरा-गैरा आकर हमारे धर्म, हमारे भगवान और हमारे शिवभक्तों को सरेआम गालियां देकर निकल जाए और हम बस चुपचाप तमाशा देखते रहें?

अभी सावन का पवित्र महीना चल रहा है। पूरे देश की सड़कों पर ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंज रहे हैं। लेकिन इसी बीच ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन का वो जाहिल अध्यक्ष, मौलाना साजिद रशीदी, अपने अंदर का सारा ज़हर उगल देता है।

करोड़ों शिवभक्तों को शराबी और आतंकवादी कहने की जुर्रत आखिर इस जाहिल मौलाना की हुई कैसे

इस आदमी ने बेशर्मी की सारी हदें पार करते हुए हमारे पवित्र कांवड़ियों को सरेआम “शराबी, नशेड़ी और भंगेड़ी” बोल दिया!

बात यहीं खत्म नहीं हुई, इस आदमी की जुर्रत तो देखिए, इसने नंगे पैर चलने वाले शिवभक्तों की तुलना सीधे ‘आतंकवादियों’ से कर डाली!

अब आप ही बताइए, जो लोग अपने महादेव को जल चढ़ाने के लिए सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलते हैं, अपनी धुन में मगन रहते हैं, उनमें इस मौलाना को आतंकवाद कहां से दिख गया?

ये उस गहरी नफरत का सुबूत है जो इन लोगों ने सनातन धर्म के खिलाफ अपने दिलों में पाल रखी है।

कन्हैयालाल का गला रेतने वाले शांतिदूतों को जल चढ़ाने वाले कांवड़ियों में दिखते हैं आतंकवादी

अब ज़रा इस जिहादी इकोसिस्टम के दिमाग का कचरा देखिए। पूरी दुनिया जानती है की असली आतंकवाद क्या होता है।

कमर पर बम बांधकर भीड़ में फट जाना, ‘अल्लाह-हू-अकबर’ चिल्लाकर बेगुनाहों को गोलियों से भून देना, और कन्हैयालाल या कमलेश तिवारी जैसे निर्दोष लोगों का सरेआम गला रेत देना… इसे कहते हैं असली आतंकवाद!

लेकिन इन लोगों को उस खून-खराबे में कोई आतंकवाद नज़र नहीं आता। इन्हें आतंकवाद किसमें दिखता है?

उस कांवड़िए में जो सड़क पर नंगे पैर चलता है! जिसके पैरों में बड़े-बड़े छाले पड़ जाते हैं, जो दर्द की परवाह किए बिना ‘हर हर महादेव’ गाते हुए हरिद्वार से गंगाजल लेकर आता है।

उस त्याग, उस अटूट भक्ति और उस आस्था में इन्हें आतंकवाद नज़र आता है!

आपको याद ही होगा जब नूपुर शर्मा ने टीवी में सिर्फ वही सच बोला था जो खुद इनकी ही किताबों में लिखा हुआ है। लेकिन उस एक सच पर पूरे देश में आग लगा दी गई!

गली-गली में ‘सर तन से जुदा’ के खौफनाक नारे लगने लगे।

और आज? आज ये लोग करोड़ों हिन्दुओं की आस्था पर सरेआम थूक रहे हैं। हमारे आराध्य भगवान शिव के भक्तों को आतंकवादी बोल रहे हैं!

मतलब दूसरों के धर्म के ऊपर कुछ भी नीच टिप्पणी करनी है, लेकिन खुद के धर्म के ऊपर कुछ नहीं सुनना ! वाह रे शांतिदूतों!

पुलिस का डर और संतों का गुस्सा देखकर निकल गयी इस मौलाना की हवा, और टीवी पर आकर मांगने लगा माफी

जैसे ही मौलाना का ये ज़हरीला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पूरे देश का सनातनी समाज उबल पड़ा। हरिद्वार से लेकर यूपी तक के संतों ने ईंट से ईंट बजाने की सीधी चेतावनी दे दी।

महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश ने साफ-साफ कह दिया की कांवड़ियों का अपमान करोड़ों हिन्दुओं की आस्था पर सीधा हमला है, और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हिन्दू संगठनों ने भी तुरंत एक्शन लिया। मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाने में हिन्दू संघर्ष समिति के युवाओं ने बिना देरी किए इस जाहिल मौलाना के खिलाफ एफआईआर (FIR) ठोक दी।

और फिर जो नज़ारा दिखा, वो सच में देखने लायक था!

भाई, जैसे ही पुलिस के डंडे का खौफ दिखा और संतों का उबलता हुआ गुस्सा सामने आया, इस तथाकथित इमाम की सारी हेकड़ी पल भर में फुर्र हो गई।

न्यूज़ 18 इंडिया पर अमन चोपड़ा के टीवी शो में आकर ये आदमी कैमरे के सामने हाथ जोड़कर भीख मांगते हुए बोला-

“मुझसे गलती हो गई, शिवभक्तों को आतंकवादी कहना मेरी गलती थी।”

माफी से काम नहीं चलेगा, अब इस जिहादी मौलाना को जेल में सड़ाना है बेहद जरुरी

साफ सी बात है, महज़ एक नौटंकी भरे माफ़ीनामे से अब काम नहीं चलने वाला। ये लोग जानबूझकर सनातन धर्म को नीचा दिखाने के लिए ऐसी बदज़ुबानी करते हैं।

और फिर हालात बिगड़ते देख एक सस्ती सी माफ़ी मांग लेते हैं। ये इनका पुराना टूलकिट है।

अगर आज इस साजिद रशीदी को सिर्फ माफ़ी देकर छोड़ दिया गया, तो कल को कोई दूसरा जाहिल उठेगा और हमारे देवी-देवताओं को गालियां देकर निकल जाएगा।

इसीलिए लोनी के बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने बिल्कुल सही मांग उठाई है। उन्होंने पुलिस में बाकायदा शिकायत दर्ज कराकर दहाड़ते हुए कहा है की इस ज़हरीले मौलाना पर तुरंत ‘रासुका’ (NSA – राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगाया जाए।

और सच कहूं तो यही इसका पक्का इलाज है! सरकार और पुलिस प्रशासन को चाहिए की इस आदमी को कॉलर से पकड़कर घसीटते हुए ले जाएं और तिहाड़ जेल की ऐसी अंधेरी कोठरी में डालें की ये चक्की पीसते-पीसते अपनी सारी बदज़ुबानी भूल जाए।

जब तक ऐसे जिहादी मानसिकता वाले लोगों पर कानून का सबसे कठोर डंडा नहीं चलेगा, तब तक इनकी ज़बान पर लगाम नहीं लगने वाली।

Scroll to Top