मृत्यु, कर्म और मुक्ति: गरुड़ पुराण के छिपे रहस्य
रात के अंतिम पहर में एक पुरुष अपने बिस्तर पर लेटा सोच रहा था। घर में सब सो चुके थे। खिड़की से मंद रोशनी आ रही थी। अचानक उसके मन में एक सवाल उठा जो बहुत दिनों से दबा हुआ था। जब साँस रुक जाती है तो अंदर रहने वाला कौन आगे बढ़ता है? वह […]
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