Author name: Logsabha Team

अगर मुसलमानों को हिन्दुओं के गरबा में इतनी ही दिलचस्पी, तो अकेले नहीं अपनी बहन-बेटियों को भी लाएं साथ, BJP MLA रामेश्वर शर्मा की वो ‘गुगली’ जिससे चारो खाने चित हुए ओवैसी और सनातन विरोधी दल

सच कहूं तो आजकल सेक्युलरिज्म के नाम पर हमारे सनातन धर्म के पवित्र त्योहारों का जो मज़ाक बनाया जा रहा है, उसे देखकर किसी भी सच्चे हिन्दू का खून खौलना लाज़मी है। नवरात्रि कोई साधारण त्योहार नहीं है। नौ दिनों तक उपवास रखना, नंगे पैर रहना, ज़मीन पर सोना और पूरी श्रद्धा के साथ माँ […]

अगर मुसलमानों को हिन्दुओं के गरबा में इतनी ही दिलचस्पी, तो अकेले नहीं अपनी बहन-बेटियों को भी लाएं साथ, BJP MLA रामेश्वर शर्मा की वो ‘गुगली’ जिससे चारो खाने चित हुए ओवैसी और सनातन विरोधी दल Read More »

रात के अंधेरे में घर में घुसे ‘चोर’ को परिवार ने रंगे हाथों पकड़ा, तो चोर ने घर वालों पर ही ठोक दिया ‘SC/ST Act’, क्या अब भी कानून के इस अंधे दुरुपयोग पर मौन रहेंगी हमारी सरकारें

दोस्तों आजकल अगर रात के अंधेरे में आपके घर में कोई चोर घुस आए ना, तो भूलकर भी उसे पकड़ने, शोर मचाने या पुलिस को बुलाने की गलती मत करना। मेरी मानो तो चुपचाप उठना, उसे सोफे पर बड़ी इज़्ज़त से बैठाना, पूछना की भाई साहब चाय-वाय पिएंगे या ठंडा लाऊं? उसे 56 भोग खिलाना

रात के अंधेरे में घर में घुसे ‘चोर’ को परिवार ने रंगे हाथों पकड़ा, तो चोर ने घर वालों पर ही ठोक दिया ‘SC/ST Act’, क्या अब भी कानून के इस अंधे दुरुपयोग पर मौन रहेंगी हमारी सरकारें Read More »

शादी के बाद भी ताउम्र ब्रह्मचर्य निभाते रहे, आपातकाल की तानाशाही के खिलाफ आवाज़ उठाकर लोकतंत्र बचाया, लेकिन अनजाने में जातिवादी नेताओं की फौज खड़ी कर जाने वाले लोकनायक ‘जयप्रकाश नारायण’

इतिहास में कुछ नेताओं की कहानी बड़ी अजीब होती है। वो जो सोचते हैं, जो सपना देखते हैं, हकीकत में उसका बिल्कुल उल्टा हो जाता है। जयप्रकाश नारायण यानी ‘जेपी’ भी एक ऐसे ही फक्कड़ टाइप इंसान थे। जेपी भारतीय राजनीति के वो संत थे जिन्हें ना तो कभी कुर्सी की भूख रही और ना

शादी के बाद भी ताउम्र ब्रह्मचर्य निभाते रहे, आपातकाल की तानाशाही के खिलाफ आवाज़ उठाकर लोकतंत्र बचाया, लेकिन अनजाने में जातिवादी नेताओं की फौज खड़ी कर जाने वाले लोकनायक ‘जयप्रकाश नारायण’ Read More »

जिसकी राष्ट्रभक्ति से काँपकर अंग्रेजों ने दे दिया उन्हें ‘देश-निकाला’, ईसाई धर्मांतरण पर रोक लगाकर ‘ओम जय जगदीश हरे’ रचने वाले सनातन रक्षक और स्वतंत्रता सेनानी ‘श्रद्धाराम शर्मा’ जी को जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि

सुबह-सुबह जब आप उठते हैं, तो आस-पास के किसी मंदिर से या शायद आपके अपने ही घर से एक बहुत ही जानी-पहचानी सी आवाज़ आपके कानों में जरूर पड़ती होगी… “ओम जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे..” बचपन से लेकर आज तक, दिवाली की पूजा हो, सत्यनारायण भगवान की कथा हो, या कोई भी

जिसकी राष्ट्रभक्ति से काँपकर अंग्रेजों ने दे दिया उन्हें ‘देश-निकाला’, ईसाई धर्मांतरण पर रोक लगाकर ‘ओम जय जगदीश हरे’ रचने वाले सनातन रक्षक और स्वतंत्रता सेनानी ‘श्रद्धाराम शर्मा’ जी को जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि Read More »

भारत का वो ‘दसवीं पास इंजीनियर’ जिसके पास नहीं थी कोई डिग्री, अपने 200 से ज्यादा अद्भुत आविष्कारों से ‘भारत का एडिसन’ का खिताब पाने वाले और रतन टाटा के चहेते ‘शंकर आबाजी भिसे’

आज के ज़माने में अगर किसी को साइंटिस्ट या इंजीनियर बनना हो, तो सबसे पहले दिमाग में क्या आता है? किसी बड़ी विदेशी यूनिवर्सिटी की डिग्री या फिर आईआईटी (IIT) का ठप्पा। बिना इसके तो लोग आपको किसी लैब के बाहर खड़े भी न होने दें। लेकिन आज हम जिस हिंदुस्तानी की कहानी आपको बताने

भारत का वो ‘दसवीं पास इंजीनियर’ जिसके पास नहीं थी कोई डिग्री, अपने 200 से ज्यादा अद्भुत आविष्कारों से ‘भारत का एडिसन’ का खिताब पाने वाले और रतन टाटा के चहेते ‘शंकर आबाजी भिसे’ Read More »

सिर्फ एक अफवा और किताबें छोड़कर अपनी ही LPU यूनिवर्सिटी को आग में झोंक के कर दिया धुआँ-धुआँ, आखिर युवाओं को भड़का कर देश को जलाने का कौन खेल रहा ये खतरनाक खेल

देखो दोस्तों बात एकदम साफ है, आज के समय में अगर किसी देश को अंदर से खोखला करना हो या उसे बर्बाद करना हो, तो बॉर्डर पर तोपें या मिसाइलें तैनात करने की कोई ज़रूरत नहीं है। बस उस देश के युवाओं यानी इस नई ‘GenZ’ पीढ़ी के WhatsApp में एक भड़काऊ और झूठी खबर

सिर्फ एक अफवा और किताबें छोड़कर अपनी ही LPU यूनिवर्सिटी को आग में झोंक के कर दिया धुआँ-धुआँ, आखिर युवाओं को भड़का कर देश को जलाने का कौन खेल रहा ये खतरनाक खेल Read More »

अमेरिका की दादागिरी के आगे झुके बिना भारत के परमाणु कार्यक्रम को अभेद्य ढाल देने वाला वो रणनीतिकार, अपनी कूटनीति से ‘पोखरण’ परिक्षण का रास्ता साफ करने वाले देश के पूर्व प्रधानमंत्री ‘इंद्र कुमार गुजराल’

जब भी हम भारत के प्रधानमंत्रियों की बात करते हैं ना, तो हमारे ज़हन में अक्सर कुछ बहुत आक्रामक या बेहद करिश्माई चेहरे आते हैं। लेकिन आज हम जिस शख्सियत की बात करने जा रहे हैं, उनका मिज़ाज बिल्कुल अलग था। फ्रेंच दाढ़ी, चेहरे पर एक गज़ब की सौम्यता, हमेशा सलीके से पहने हुए कपड़े

अमेरिका की दादागिरी के आगे झुके बिना भारत के परमाणु कार्यक्रम को अभेद्य ढाल देने वाला वो रणनीतिकार, अपनी कूटनीति से ‘पोखरण’ परिक्षण का रास्ता साफ करने वाले देश के पूर्व प्रधानमंत्री ‘इंद्र कुमार गुजराल’ Read More »

जब एक 12 साल का बच्चा ‘जलियांवाला बाग’ की खून से सनी मिट्टी ले आया घर, देश में ‘इंकलाब’ की आग लगाकर हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूमने वाले क्रांतिवीर ‘भगत सिंह’ को 119वीं जयंती पर शत-शत नमन

आज 28 सितंबर 2026 है। हर उस हिंदुस्तानी के लिए आज का दिन बहुत बड़ा है जिसके सीने में अपने देश के लिए धड़कन बसती है। आज ही के दिन, साल 1907 में अविभाजित भारत के लायलपुर जिले के बंगा गांव (जो अब पाकिस्तान में है) में एक ऐसा शेर पैदा हुआ था, जिसके सिर्फ

जब एक 12 साल का बच्चा ‘जलियांवाला बाग’ की खून से सनी मिट्टी ले आया घर, देश में ‘इंकलाब’ की आग लगाकर हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूमने वाले क्रांतिवीर ‘भगत सिंह’ को 119वीं जयंती पर शत-शत नमन Read More »

जब चुनाव में धांदली पकड़े जाने पर प्रधानमंत्री ने रातों-रात बदल डाला देश का कानून, आज चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस ने कैसे दशकों तक इस संस्था को रखा अपना गुलाम

आजकल जब भी चुनाव के नतीजे आते हैं या देश में कहीं वोटिंग हो रही होती है, तो आपने टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर एक बहुत ही जाना-पहचाना रोना ज़रूर सुना होगा। “लोकतंत्र खतरे में है”, “ईवीएम हैक हो गई है”, और सबसे बड़ा आरोप- “चुनाव आयोग तो सरकार की जेब में बैठ गया

जब चुनाव में धांदली पकड़े जाने पर प्रधानमंत्री ने रातों-रात बदल डाला देश का कानून, आज चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस ने कैसे दशकों तक इस संस्था को रखा अपना गुलाम Read More »

संविधान के ‘मूल ढांचे’ को बचाकर राजनेताओं की मनमानी पर लगाम लगाने वाला वो न्यायिक योद्धा, सत्य की राह पर चलते हुए ‘चीफ जस्टिस’ की कुर्सी कुर्बान करने वाले भारत के अनमोल रत्न जस्टिस ‘हंस राज खन्ना’

साल 1975… हमारे देश के इतिहास का वो पन्ना जिसे याद करके आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। ज़रा सोचिए उस खौफनाक मंज़र के बारे में। देश पर रातों-रात आपातकाल (Emergency) थोप दिया गया था। वो एक ऐसा वक्त था जब देश की सांसें सचमुच घुट रही थीं। अख़बारों के दफ्तरों की बिजली काट

संविधान के ‘मूल ढांचे’ को बचाकर राजनेताओं की मनमानी पर लगाम लगाने वाला वो न्यायिक योद्धा, सत्य की राह पर चलते हुए ‘चीफ जस्टिस’ की कुर्सी कुर्बान करने वाले भारत के अनमोल रत्न जस्टिस ‘हंस राज खन्ना’ Read More »

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