Author name: Logsabha Team

नाकाबिल होने पर ट्रेनी पायलट ने चुना SC/ST Act ब्लैकमेलिंग का रास्ता, और यूपी के लेखपाल ने दी झूठा मुकदमा लगाने की धमकी, कब तक इस कानून के नाम पर ब्लैकमेल होता रहेगा OBC और सामान्य वर्ग

एक वक्त था जब आम आदमी मोहल्ले के गुंडों या किसी बड़े क्रिमिनल से डरता था। लेकिन आज का मिडिल क्लास आदमी, चाहे वो जनरल वर्ग का हो या फिर ओबीसी (OBC) समाज का, वो गुंडों से इतना नहीं डरता जितना किसी छोटी-मोटी बहस से डरने लगा है। ऐसा नहीं है की लोगों की हिम्मत […]

नाकाबिल होने पर ट्रेनी पायलट ने चुना SC/ST Act ब्लैकमेलिंग का रास्ता, और यूपी के लेखपाल ने दी झूठा मुकदमा लगाने की धमकी, कब तक इस कानून के नाम पर ब्लैकमेल होता रहेगा OBC और सामान्य वर्ग Read More »

अकबर की पचास हज़ार की सेना पर भारी पड़ी इस हिन्दू शेरनी की मुट्ठी भर टुकड़ी, 16 सालों तक मुग़लों को लोहे के चने चबवाने वाली गोंडवाना की महारानी ‘दुर्गावती’ को 502वीं जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि

आज 5 अक्टूबर है। वही पावन दिन जब 502 साल पहले इस धरती पर एक ऐसी हिन्दू शेरनी ने जन्म लिया था, जिसने अपनी आज़ादी और अपने स्वाभिमान के लिए मुगलों की पचास हज़ार की तोपखाना लिए खड़ी फौज के दाँत खट्टे कर दिए थे। हम बात कर रहे हैं गोंडवाना की अजेय महारानी, वीरांगना

अकबर की पचास हज़ार की सेना पर भारी पड़ी इस हिन्दू शेरनी की मुट्ठी भर टुकड़ी, 16 सालों तक मुग़लों को लोहे के चने चबवाने वाली गोंडवाना की महारानी ‘दुर्गावती’ को 502वीं जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि Read More »

पूर्ण बहुमत के बावजूद सरदार पटेल से छीन ली गई थी सत्ता की चाबी और ‘जीरो’ समर्थन वाले नेहरू बने प्रधानमंत्री, आज दूसरों को ‘वोट चोर’ कहने वाली कांग्रेस के इतिहास में दर्ज सत्ता हथियाने का सबसे बड़ा खेल

आजकल टीवी खोलो या सोशल मीडिया देखो, तो आपको एक बहुत ही सेट पैटर्न नज़र आएगा। जैसे ही कहीं चुनाव के नतीजे आते हैं और एक खास पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ता है, तो झट से एक रटा-रटाया टूलकिट एक्टिव हो जाता है। पत्रकारों को बुलाकर कैमरे के सामने चिल्लाया जाता है की

पूर्ण बहुमत के बावजूद सरदार पटेल से छीन ली गई थी सत्ता की चाबी और ‘जीरो’ समर्थन वाले नेहरू बने प्रधानमंत्री, आज दूसरों को ‘वोट चोर’ कहने वाली कांग्रेस के इतिहास में दर्ज सत्ता हथियाने का सबसे बड़ा खेल Read More »

पूरी दुनिया कर रही आसमान में जिहादी साज़िश नाकाम करने वाले ‘कैप्टन स्मित’ की तारीफ, लेकिन यहूदियों को बचाने की वजह से कांग्रेस ने फेर ली आंखें, क्या विपक्ष के लिए मुस्लिम तुष्टीकरण ही ‘असली राष्ट्रनीति’

हमारे देश की राजनीति का भी ना एक अलग ही मिज़ाज है। अगर गाज़ा या फीलस्तीन में किसी को एक खरोच भी आ जाये, तो हमारे देश की विपक्षी राजनीतिक पार्टियां आसमान सर पे उठा लेती हैं, ट्वीट्स पे ट्वीट्स (Tweets) छपने शुरू हो जाते हैं.. दिन रात हैशटैग ट्रेंड होने शुरू हो जाते हैं।

पूरी दुनिया कर रही आसमान में जिहादी साज़िश नाकाम करने वाले ‘कैप्टन स्मित’ की तारीफ, लेकिन यहूदियों को बचाने की वजह से कांग्रेस ने फेर ली आंखें, क्या विपक्ष के लिए मुस्लिम तुष्टीकरण ही ‘असली राष्ट्रनीति’ Read More »

2 अक्टूबर 1994 की वो काली रात जब उत्तराखंड निर्माण के लिए राजघाट पर जुटने वाले थे हजारों आंदोलनकारी, लेकिन दिल्ली पहुंचने से पहले ही मुलायम सिंह ने उन निहत्थे मासूमों पर चलवा दीं अंधाधुंध गोलियां

कल 2 अक्टूबर था। देश भर में बापू के भजन चल रहे थे और हर तरफ ‘अहिंसा परमो धर्म:’ के नारे गूंज रहे थे। लेकिन ज़रा एक पल के लिए रुकिए और उत्तराखंड के किसी भी पहाड़ी इंसान की आंखों में झांक कर देखिए। आपको वहां 2 अक्टूबर के दिन कोई जश्न नहीं, बल्कि एक

2 अक्टूबर 1994 की वो काली रात जब उत्तराखंड निर्माण के लिए राजघाट पर जुटने वाले थे हजारों आंदोलनकारी, लेकिन दिल्ली पहुंचने से पहले ही मुलायम सिंह ने उन निहत्थे मासूमों पर चलवा दीं अंधाधुंध गोलियां Read More »

जब मौलवी ने करी डिंपल यादव के कपड़ों पर अभद्र टिपण्णी, तो अपनी पत्नी के लिए आवाज़ उठाने के बजाये चुप रहे अखिलेश, जो घर की इज़्ज़त न बचा सका वो UP की बेटियों की कैसे करेगा हिफाज़त

उत्तर प्रदेश की राजनीति भी बड़ी अजीब है! रैलियों के मंच पर जब नेताजी चढ़ते हैं, तो माइक हाथ में लेकर ऐसी दहाड़ मारते हैं की लगता है जैसे इनसे बड़ा कोई बाहुबली है ही नहीं। खुद को ‘पीडीए’ (PDA) का सबसे बड़ा रक्षक बताना, महिला सुरक्षा की बड़ी-बड़ी कसमें खाना और चुनाव आते ही

जब मौलवी ने करी डिंपल यादव के कपड़ों पर अभद्र टिपण्णी, तो अपनी पत्नी के लिए आवाज़ उठाने के बजाये चुप रहे अखिलेश, जो घर की इज़्ज़त न बचा सका वो UP की बेटियों की कैसे करेगा हिफाज़त Read More »

देश विभाजन और हिन्दुओं के कत्ल पर खामोशी बनी गोडसे के सीने की आग, लेकिन एक वध के बदले 5000 ब्राह्मणों का हुआ भीषण नरसंहार, शांति का उपदेश देने वालों ने दफना दिया अपना ये खूनी पाप

आज 2 अक्टूबर है। सुबह से ही आपके टीवी पर बापू का चश्मा, सूत की माला और चरखे की तस्वीरें घूम रही होंगी। राजघाट पर वीआईपी गाड़ियों का काफिला पहुंचा होगा, सफेद खादी पहने नेताओं ने फूल चढ़ाए होंगे और बड़ी-बड़ी डिबेट्स में शांति के सफेद कबूतर उड़ाए जा रहे होंगे। हर साल की तरह

देश विभाजन और हिन्दुओं के कत्ल पर खामोशी बनी गोडसे के सीने की आग, लेकिन एक वध के बदले 5000 ब्राह्मणों का हुआ भीषण नरसंहार, शांति का उपदेश देने वालों ने दफना दिया अपना ये खूनी पाप Read More »

जिनके एक इशारे पर पूरे हिंदुस्तान ने छोड़ दिया था एक वक़्त का खाना, श्वेत और हरित क्रांति से देश की तकदीर बदलने वाले पूर्व प्रधानमंत्री ‘लाल बहादुर शास्त्री’ जी को 122वीं जयंती पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि

आज 2 अक्टूबर है… और आज मिट्टी के उस लाल की 122वीं जयंती है, जिसके एहसानों का कर्ज़ ये देश शायद सात जन्मों तक नहीं चुका सकता। हम बात कर रहे हैं हमारे पूर्व प्रधानमंत्री ‘लाल बहादुर शास्त्री’ जी की। एक ऐसा इंसान जो दिल्ली के एलीट (Elite) घराने से निकलकर पीएम की कुर्सी पर

जिनके एक इशारे पर पूरे हिंदुस्तान ने छोड़ दिया था एक वक़्त का खाना, श्वेत और हरित क्रांति से देश की तकदीर बदलने वाले पूर्व प्रधानमंत्री ‘लाल बहादुर शास्त्री’ जी को 122वीं जयंती पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि Read More »

आपसी विवाद में झूठा SC/ST Act लगने के बाद डिप्रेशन में आकर फंदे से झूल गया चित्रकूट का 19 साल का नौजवान, लेकिन कानून के इस गलत इस्तेमाल पर मंथन करने के बजाय आंखें मूंदे बैठा सिस्टम

जब भी हम न्याय, समानता और अधिकारों की बात करते हैं, तो हमें लगता है की कानून की आंखों पर जो पट्टी बंधी है, वो इसलिए है ताकि वो अमीर-गरीब या जात-पात का फर्क न कर सके। लेकिन आज के समय में ज़मीनी हकीकत देखकर ऐसा लगता है की कानून की आंखों से वो पट्टी

आपसी विवाद में झूठा SC/ST Act लगने के बाद डिप्रेशन में आकर फंदे से झूल गया चित्रकूट का 19 साल का नौजवान, लेकिन कानून के इस गलत इस्तेमाल पर मंथन करने के बजाय आंखें मूंदे बैठा सिस्टम Read More »

35 हज़ार फीट ऊपर जिहादी ने बरसाए खंजर फिर भी नहीं डगमगाए हाथ, दुबई से इज़रायल जाने वाले विमान में लहूलुहान होकर भी 174 मुसाफिरों की जान बचाने वाले जांबाज़ भारतीय पायलट ‘स्मित मछार’

हमें लगता है की अगर कोई बहुत पढ़ा-लिखा है, लाखों की नौकरी कर रहा है और कोट-टाई पहनकर घूम रहा है, तो वो कोई आतंकी थोड़ी हो सकता है? लेकिन 30 सितंबर 2026 (कल) आसमान में 35,000 फीट की ऊंचाई पर जो कुछ भी हुआ, उसने इन सारे भ्रमों के चीथड़े उड़ाकर रख दिए हैं।

35 हज़ार फीट ऊपर जिहादी ने बरसाए खंजर फिर भी नहीं डगमगाए हाथ, दुबई से इज़रायल जाने वाले विमान में लहूलुहान होकर भी 174 मुसाफिरों की जान बचाने वाले जांबाज़ भारतीय पायलट ‘स्मित मछार’ Read More »

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