Author name: Logsabha Team

जब AI को पड़ी उपनिषदों की ज़रूरत, मशीनों में ‘चेतना’ की खोज करने और AI को नैतिकता सिखाने के लिए दिग्गज टेक कंपनी ‘Anthropic’ ने लिया भारतीय संन्यासी ‘स्वामी सर्वप्रियानंद’ से मार्गदर्शन

आजकल आप जहाँ भी देखो, बस एक ही बात की टेंशन चल रही है- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)। लोगों को डर है की कहीं ये मशीनें हमारी नौकरी ना खा जाएं, या कहीं मशीनों का इंसानों पर कब्ज़ा ही ना हो जाए! कैलिफोर्निया की सिलिकॉन वैली में बैठे अरबपतियों और बड़े-बड़े इंजीनियरों ने ऐसे सुपर-कंप्यूटर तो […]

जब AI को पड़ी उपनिषदों की ज़रूरत, मशीनों में ‘चेतना’ की खोज करने और AI को नैतिकता सिखाने के लिए दिग्गज टेक कंपनी ‘Anthropic’ ने लिया भारतीय संन्यासी ‘स्वामी सर्वप्रियानंद’ से मार्गदर्शन Read More »

गदर पार्टी बनाकर अंग्रेजों की नींद उड़ाने वाला वो बागी जो मेक्सिको में बना भगवान, सात समंदर पार हरित क्रांति लाने के बावजूद अपने ही वतन में एक लैब को तरसने वाले महान कृषि वैज्ञानिक ‘पांडुरंग खानखोजे’

हमारे देश के इतिहास की किताबों में एक बहुत बड़ी दिक्कत है। पन्ने पलटते जाइए, आपको बस गिने-चुने नाम और उनके दिए गए भाषण ही मिलेंगे। हमारी जो आज़ादी की कहानी हमें रटाई जाती है, उसे पढ़कर ऐसा लगता है जैसे हमें आज़ादी चंद लोगों की अपीलों और शांति वार्ताओं से मिल गई। लेकिन क्या

गदर पार्टी बनाकर अंग्रेजों की नींद उड़ाने वाला वो बागी जो मेक्सिको में बना भगवान, सात समंदर पार हरित क्रांति लाने के बावजूद अपने ही वतन में एक लैब को तरसने वाले महान कृषि वैज्ञानिक ‘पांडुरंग खानखोजे’ Read More »

पर्दे का वो ‘क्रांतिवीर’ जो था किसानों और अनाथ बच्चों का सच्चा सहारा, कारगिल युद्ध में खुद मोर्चे पर जाकर सेना का मनोबल बढ़ाने वाले ‘नाना पाटेकर’ को आज पूरा देश कह रहा अलविदा

8 अक्टूबर 2026 की ये सुबह भारतीय सिनेमा और इस देश के लाखों गरीब किसानों के लिए वो मनहूस पैगाम लेकर आई, जिसके लिए कोई सपने में भी तैयार नहीं था। खबर आई की 75 साल की उम्र में, गोवा में हार्ट अटैक (Cardiac Arrest) की वजह से हमारे चहेते, हम सबके प्यारे नाना पाटेकर

पर्दे का वो ‘क्रांतिवीर’ जो था किसानों और अनाथ बच्चों का सच्चा सहारा, कारगिल युद्ध में खुद मोर्चे पर जाकर सेना का मनोबल बढ़ाने वाले ‘नाना पाटेकर’ को आज पूरा देश कह रहा अलविदा Read More »

जहां खत्म होती परिंदों की उड़ान, वहां से शुरू होता हमारी वायुसेना का आसमान, 94 सालों से हर एक दिशा से देश की हिफाज़त करने वाले हमारे वायुवीरों को ‘भारतीय वायुसेना दिवस’ पर अनंत शुभकामनाएं

आज 8 अक्टूबर है। आज हमारा पूरा हिंदुस्तान गर्व से अपना 94वां भारतीय वायुसेना दिवस (Indian Air Force Day) मना रहा है। पूरे 94 साल हो गए हमारे इस आसमान के रखवालों को! सच कहूं तो, जहां परिंदों के पर जवाब दे जाते हैं ना, जहां हवा इतनी पतली हो जाती है की सांस लेना

जहां खत्म होती परिंदों की उड़ान, वहां से शुरू होता हमारी वायुसेना का आसमान, 94 सालों से हर एक दिशा से देश की हिफाज़त करने वाले हमारे वायुवीरों को ‘भारतीय वायुसेना दिवस’ पर अनंत शुभकामनाएं Read More »

अपनों को आखिरी विदाई देने का सबसे पवित्र तीर्थ बिहार का ‘गया जी’, हर साल पितृपक्ष में आकर लाखों सनातनी अपने पूर्वजों को दिखाते सीधे ‘बैकुंठ’ का रास्ता

जब हम अपने किसी अज़ीज़ को खोते हैं, तो वो एक ऐसा दर्द होता है जो कभी पूरी तरह से नहीं भरता। इंसान चला जाता है, लेकिन उसकी यादें, उसका आशीर्वाद और कभी-कभी मन में रह जाने वाला वो पछतावा की “काश उनके लिए कुछ और कर पाते”… ये सब उम्र भर हमारे साथ चलता

अपनों को आखिरी विदाई देने का सबसे पवित्र तीर्थ बिहार का ‘गया जी’, हर साल पितृपक्ष में आकर लाखों सनातनी अपने पूर्वजों को दिखाते सीधे ‘बैकुंठ’ का रास्ता Read More »

हमारे शास्त्रों ने हजारों साल पहले ही सुलझा ली थी ‘टाइम ट्रैवल’ की गुत्थी, पतंजलि ‘योगसूत्र’ का उपयोग कर के भगवान परशुराम पलक झपकते कर लेते थे हजारों किलोमीटर का सफर

चलिए, इस लेख को शुरू करने से शुरू करने से पहले एक छोटा सा एक्सपेरिमेंट करते हैं। आप जहाँ भी बैठे हैं, अपनी आँखें बंद कीजिए और मन ही मन निकल पड़िए सीधे शिव जी के धाम, कैलाश पर्वत की ओर। बर्फ से ढकी चोटियाँ, डमरू की गूंज… पहुँच गए? कितना टाइम लगा आपको? एक

हमारे शास्त्रों ने हजारों साल पहले ही सुलझा ली थी ‘टाइम ट्रैवल’ की गुत्थी, पतंजलि ‘योगसूत्र’ का उपयोग कर के भगवान परशुराम पलक झपकते कर लेते थे हजारों किलोमीटर का सफर Read More »

सलमान, शाहरुख से लेकर ओवैसी तक ने पढ़ा ‘कैप्टन स्मित’ की बहादुरी का कसीदा, लेकिन राहुल गांधी की टोली की जुबान पर अभी भी ताला, जनता का दिल जीत नहीं पाते और हारने पे कोसते EVM को

सियासत में हिप्पोक्रेसी की कोई हद नहीं होती, लेकिन जब बात देश के गौरव की हो, तो कम से कम वहां तो इंसान को अपनी गंदी राजनीति साइड में रख देनी चाहिए। आजकल बाज़ार में एक ‘मोहब्बत की दुकान’ बहुत मशहूर है। इस दुकान के मालिक दुनिया भर के मामलों पर, खास तौर पर जब

सलमान, शाहरुख से लेकर ओवैसी तक ने पढ़ा ‘कैप्टन स्मित’ की बहादुरी का कसीदा, लेकिन राहुल गांधी की टोली की जुबान पर अभी भी ताला, जनता का दिल जीत नहीं पाते और हारने पे कोसते EVM को Read More »

सुख के सब साथी लेकिन दुख में न कोय.. कल तक प्रेमानंद महाराज जी के चरणों में बैठने वाले ये बॉलीवुड सितारे आज उनके बुरे समय में किधर हो गए गायब

दुनिया सच में कितनी मतलबी है ना! जब आपके पास शोहरत होती है, आपकी ज़िंदगी में सब कुछ ठीक चल रहा होता है.. तो आपके पीछे पूरी दुनिया दुम हिलाते हुए चलती है। लेकिन जैसे ही आप पर कोई संकट आता है, तो वही लोग आपको ऐसे भूल जाते हैं जैसे कभी आपको जानते ही

सुख के सब साथी लेकिन दुख में न कोय.. कल तक प्रेमानंद महाराज जी के चरणों में बैठने वाले ये बॉलीवुड सितारे आज उनके बुरे समय में किधर हो गए गायब Read More »

चले थे चुनाव आयुक्त को सस्पेंड कराने और बनवा बैठे खुद का ही मज़ाक, सुप्रीम कोर्ट ने CEC ‘ज्ञानेश कुमार’ के खिलाफ एक्शन लेने से इंकार करके दिखा दिया प्रोटेस्ट ब्रिगेड और दिमागी नक्सलियों को ठेंगा

हमारे देश में बैठे इन इन ‘दिमागी नक्सलियों’ और प्रोटेस्ट ब्रिगेड ने तो भैया एडवांस में ही जश्न मनाने की पूरी तैयारी कर ली थी। इन्हें पक्का यकीन था की आज तो ये सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, थोड़ा रोना-धोना करेंगे और सीधे चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार को कुर्सी से सस्पेंड करवा कर ही लौटेंगे।

चले थे चुनाव आयुक्त को सस्पेंड कराने और बनवा बैठे खुद का ही मज़ाक, सुप्रीम कोर्ट ने CEC ‘ज्ञानेश कुमार’ के खिलाफ एक्शन लेने से इंकार करके दिखा दिया प्रोटेस्ट ब्रिगेड और दिमागी नक्सलियों को ठेंगा Read More »

जो सत्ता से दूर रहकर सिर्फ किसान और मिट्टी के हक़ के लिए लड़े, जिनकी आवाज़ को अपना भगवान मानते थे देश भर के अन्नदाता, किसानों के उस निडर मसीहा ‘महेंद्र सिंह टिकैत’ जी को जयंती पर शत-शत नमन

जब भी हिंदुस्तान के खेतों, खलिहानों और असली किसान मसीहा का ज़िक्र आता है, तो आँखों के सामने एक ही तस्वीर उभरती है। एक ऐसा इंसान जिसके माथे पर मिट्टी का तिलक हो, सिर पर सफेद गांधी टोपी, बदन पर ढीला-ढाला सा कुरता, हाथों में एक मज़बूत लाठी और पास रखा हो एक सुलगता हुआ

जो सत्ता से दूर रहकर सिर्फ किसान और मिट्टी के हक़ के लिए लड़े, जिनकी आवाज़ को अपना भगवान मानते थे देश भर के अन्नदाता, किसानों के उस निडर मसीहा ‘महेंद्र सिंह टिकैत’ जी को जयंती पर शत-शत नमन Read More »

Scroll to Top