Author name: Logsabha Team

कभी भरी विधानसभा में फाड़ी गई थी साड़ी, फिर उसी औरत ने प्रतिज्ञा लेकर तमिलनाडु पर किया एकछत्र राज, बड़े-बड़े मंत्रियों को अपने कदमों में झुकाने वाली तमिलनाडु की 6 बार की CM ‘जयललिता’

जब भी भारतीय राजनीति में ताकत, खौफ और ग्लैमर की बात होती है, तो दक्षिण से एक ही नाम गूंजता है- जे. जयललिता। पुरुष-प्रधान द्रविड़ राजनीति, जहाँ बड़े-बड़े मूंछों वाले नेताओं का राज चलता था, वहां एक अकेली औरत ने बिना किसी राजनीतिक गॉडफादर के पूरे 30 साल तक सिस्टम को अपनी उँगलियों पर नचाया। […]

कभी भरी विधानसभा में फाड़ी गई थी साड़ी, फिर उसी औरत ने प्रतिज्ञा लेकर तमिलनाडु पर किया एकछत्र राज, बड़े-बड़े मंत्रियों को अपने कदमों में झुकाने वाली तमिलनाडु की 6 बार की CM ‘जयललिता’ Read More »

भारत का वो ‘कानूनी योद्धा’ जिसने आज़ादी के लिए लड़ा इतिहास का सबसे बड़ा मुकदमा, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सिपाहियों को फांसी के फंदे से खींच लाने वाले बैरिस्टर ‘भूलाभाई देसाई’

हमारे देश की आज़ादी की लड़ाई का एक ऐसा पन्ना भी है, जो किसी मैदान पर नहीं, बल्कि अदालत के एक बंद कमरे में लड़ा गया था। एक ऐसी कानूनी जंग, जिसने ब्रिटिश साम्राज्य के उस घमंड को चकनाचूर कर दिया था जिसमें वो कहते थे की उनके राज में सूरज कभी नहीं डूबता। ये

भारत का वो ‘कानूनी योद्धा’ जिसने आज़ादी के लिए लड़ा इतिहास का सबसे बड़ा मुकदमा, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सिपाहियों को फांसी के फंदे से खींच लाने वाले बैरिस्टर ‘भूलाभाई देसाई’ Read More »

मंचों से राहुल गाँधी के ‘नारी न्याय’ और महिला सम्मान के लंबे-चौड़े भाषण, और सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रेगनेंट महिला पत्रकार को धक्का देकर गिराया, विरोध-प्रदर्शन की आड़ में कांग्रेस की हिंसक गुंडई

कैमरे के सामने सजी-धजी टी-शर्ट पहनकर ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलना और ‘Smash the Patriarchy’ (पितृसत्ता को उखाड़ फेंकने) के लंबे-चौड़े भाषण देना कितना आसान होता है ना? सच में, महिला अधिकारों पर ज्ञान बांटना और असल जिंदगी में एक महिला का सम्मान करना, इन दोनों बातों में ज़मीन-आसमान का फर्क है। 12 अक्टूबर 2026 का

मंचों से राहुल गाँधी के ‘नारी न्याय’ और महिला सम्मान के लंबे-चौड़े भाषण, और सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रेगनेंट महिला पत्रकार को धक्का देकर गिराया, विरोध-प्रदर्शन की आड़ में कांग्रेस की हिंसक गुंडई Read More »

मोदी विरोध में Elon Musk के फैन बने राहुल गाँधी और वामपंथियों से हजार गुना बेहतर निकले ओवैसी, भारतीय कारोबारियों के खिलाफ जहर उगलते विदेशी अरबपति को दे दी कड़क नसीहत

राजनीति में एक-दूसरे का विरोध करना, कमियां निकालना और सत्ता के लिए लड़ना बहुत आम बात है। लोकतंत्र है, तो विपक्ष का काम ही है सरकार की नीतियों का विरोध करना। लेकिन एक लाइन होती है, जिसे कभी पार नहीं किया जाता, और वो लाइन है ‘देश का स्वाभिमान और संप्रभुता (Sovereignty)’। आज हमारे देश

मोदी विरोध में Elon Musk के फैन बने राहुल गाँधी और वामपंथियों से हजार गुना बेहतर निकले ओवैसी, भारतीय कारोबारियों के खिलाफ जहर उगलते विदेशी अरबपति को दे दी कड़क नसीहत Read More »

एक तरफ FCRA बिल से बौखलाए NGOs और धर्मान्तरण माफिया, और दूसरी तरफ देश के कॉकरोचों का Elon Musk जैसी विदेशी ताकतों को समर्थन, भारत के खिलाफ शुरू होता एक खामोश महायुद्ध

अगर आपसे कोई कहे की हमारे देश के खिलाफ एक भयंकर युद्ध छिड़ चुका है, तो आपके दिमाग में सबसे पहली तस्वीर क्या आएगी? बॉर्डर पर खड़ी तोपें, आसमान में गरजते लड़ाकू विमान और गोलियों की आवाज़, है ना? लेकिन अब दुनिया बदल चुकी है और जंग लड़ने के तरीके भी। आज की तारीख में

एक तरफ FCRA बिल से बौखलाए NGOs और धर्मान्तरण माफिया, और दूसरी तरफ देश के कॉकरोचों का Elon Musk जैसी विदेशी ताकतों को समर्थन, भारत के खिलाफ शुरू होता एक खामोश महायुद्ध Read More »

काशी की धरती पर पूर्व जापानी PM के सम्मान में खुला ‘शिंजो आबे मेमोरियल कॉरिडोर’, स्मृतियां देखकर भावुक हुईं पत्नी आकी आबे, कूटनीति से ऊपर उठकर दिलों में बस गया भारत और जापान का रिश्ता

दुनिया के बड़े-बड़े नेता मिलते हैं, मुस्कुराकर फोटो खिंचवाते हैं और अपने-अपने देश लौट जाते हैं। लेकिन सच कहूं तो, भारत और जापान का रिश्ता इस रूखी-सूखी डिप्लोमेसी से बहुत ऊपर है। यह एक ऐसा रिश्ता है जो कागज़ों पर नहीं, बल्कि दिलों की ज़मीन पर लिखा गया है। और इसी आत्मीय रिश्ते का सबसे

काशी की धरती पर पूर्व जापानी PM के सम्मान में खुला ‘शिंजो आबे मेमोरियल कॉरिडोर’, स्मृतियां देखकर भावुक हुईं पत्नी आकी आबे, कूटनीति से ऊपर उठकर दिलों में बस गया भारत और जापान का रिश्ता Read More »

सरकार को उखाड़ फेंकने की लंबी-चौड़ी बातें और 24 घंटे में ही पुलिस के सामने गिड़गिड़ाकर किया 50 हज़ार का बॉन्ड साइन, सावरकर जी को डरपोक बताने वाली कॉकरोच गैंग की क्रांति एक ही रात में हो गई ढेर

सोशल मीडिया की दुनिया भी गज़ब जादुई है यार! यहाँ बस सामने एक महंगा वाला कैमरा सेट करो, वीडियो में थोड़ा सस्पेंस वाला म्यूज़िक लगाओ और कैमरे के सामने बैठकर सिस्टम को उखाड़ फेंकने की हुंकार भर दो। ऐसा करने के बाद कोई भी कीबोर्ड वॉरियर खुद को मॉडर्न ज़माने का नया क्रांतिकारी समझ सकता

सरकार को उखाड़ फेंकने की लंबी-चौड़ी बातें और 24 घंटे में ही पुलिस के सामने गिड़गिड़ाकर किया 50 हज़ार का बॉन्ड साइन, सावरकर जी को डरपोक बताने वाली कॉकरोच गैंग की क्रांति एक ही रात में हो गई ढेर Read More »

भारत का वो ‘ब्रह्मांड का ज्ञाता’ जिसे अंतरिक्ष के रहस्य खोजने के लिए 7 बार किया गया ‘नोबेल प्राइज’ के लिए नॉमिनेट, देश में विशाल बांधों और न्यूक्लियर रिसर्च की नींव रखने वाले महान वैज्ञानिक ‘मेघनाद साहा’

कभी रात के समय खुले आसमान में चमकते हुए अनगिनत तारों को गौर से देखिएगा। हमें और आपको ये तारे बस टिमटिमाते हुए सफेद बिंदु लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं की जब नासा (NASA) या हमारी अपनी स्पेस एजेंसी इसरो (ISRO) का कोई बड़ा से बड़ा वैज्ञानिक आज भी अपनी शक्तिशाली दूरबीन से

भारत का वो ‘ब्रह्मांड का ज्ञाता’ जिसे अंतरिक्ष के रहस्य खोजने के लिए 7 बार किया गया ‘नोबेल प्राइज’ के लिए नॉमिनेट, देश में विशाल बांधों और न्यूक्लियर रिसर्च की नींव रखने वाले महान वैज्ञानिक ‘मेघनाद साहा’ Read More »

कल का ‘राष्ट्रीय खतरा’ आज बन गया जिगरी यार, मोदी से नफरत में भारत के अपने उद्योगपतियों को हराने के लिए विदेशी अरबपति ‘Elon Musk’ के मुरीद हुए राहुल गांधी

हमारे देश की राजनीति में कब कौन किसका यार बन जाए और कब कौन किसका जानी दुश्मन, इसका अंदाज़ा लगाना मौसम की भविष्यवाणी करने से भी ज़्यादा मुश्किल है। गिरगिट भी अगर भारत की राजनीति देख ले ना, तो शायद वो भी रंग बदलने की ट्यूशन यहीं से लेना शुरू कर दे! अब तक तो

कल का ‘राष्ट्रीय खतरा’ आज बन गया जिगरी यार, मोदी से नफरत में भारत के अपने उद्योगपतियों को हराने के लिए विदेशी अरबपति ‘Elon Musk’ के मुरीद हुए राहुल गांधी Read More »

चुनाव आयोग के दफ्तर तक कांग्रेस की सरेआम गुंडागर्दी, अपना फर्ज़ निभा रहे पुलिसवालों को मारी लात, अगर सरकार ने CJP के कॉकरोचों के सामने घुटने टेकने के बजाये उन्हें ठूसा होता जेल में तो ये दिन देखना न पढता

राजनीति में शब्दों के मायने कैसे बदल जाते हैं ना, ये देखना हो तो हमारे देश के नेताओं से सीखिए। एक हाथ में भारत का पवित्र संविधान, चेहरे पर लोकतंत्र बचाने की चिंता, होठों पर ‘मोहब्बत की दुकान’ का नारा… और पैरों के नीचे देश के रक्षकों की खाकी वर्दी! जी हां, 7-8 अक्टूबर की

चुनाव आयोग के दफ्तर तक कांग्रेस की सरेआम गुंडागर्दी, अपना फर्ज़ निभा रहे पुलिसवालों को मारी लात, अगर सरकार ने CJP के कॉकरोचों के सामने घुटने टेकने के बजाये उन्हें ठूसा होता जेल में तो ये दिन देखना न पढता Read More »

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