चंद VIP चेहरों की चमक के लिए आखिर कब तक यूं बेहाल होती रहेगी आम जनता, मुंबई की सड़क पर रोती रही एक लाचार महिला मगर प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी
सच कहुँ तो इस देश में एक आम नागरिक होना किसी अभिशाप जैसा हो गया है। हम सिर्फ कागज़ों पर ही इस लोकतंत्र के मालिक हैं। हकीकत तो ये है की इस पूरे सिस्टम की नज़रों में हमारी हैसियत कीड़े-मकोड़ों से ज़्यादा कुछ भी नहीं है। आपको याद होगा, कुछ सालों एक नियम निकाला गया […]









