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चंद VIP चेहरों की चमक के लिए आखिर कब तक यूं बेहाल होती रहेगी आम जनता, मुंबई की सड़क पर रोती रही एक लाचार महिला मगर प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी

सच कहुँ तो इस देश में एक आम नागरिक होना किसी अभिशाप जैसा हो गया है। हम सिर्फ कागज़ों पर ही इस लोकतंत्र के मालिक हैं। हकीकत तो ये है की इस पूरे सिस्टम की नज़रों में हमारी हैसियत कीड़े-मकोड़ों से ज़्यादा कुछ भी नहीं है। आपको याद होगा, कुछ सालों एक नियम निकाला गया […]

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13000 फ़ीट की ऊंचाई पर अकेले आतंकियों पर बोल दिया धावा, गोलियों से छलनी होने के बावजूद एक-एक आतंकी को मौत की नींद सुलाने वाले ‘असम रेजिमेंट’ के जांबाज सिपाही ‘हंगपन दादा’

आजकल हमने ‘हीरो’ शब्द का बड़ा ही मज़ाक बना कर रख दिया है। कोई नई फिल्म रिलीज़ होती है, और हम थियेटर में बैठकर उन एक्टर्स को देखकर सीटियां मारते हैं, तालियां पीटते हैं, और उन्हें ‘हीरो’ बोलते हैं। लेकिन कभी सोचा है की कैमरे के सामने उछल-कूद करने वाले ये ‘नकली बाहुबली’ अगर 13,000

13000 फ़ीट की ऊंचाई पर अकेले आतंकियों पर बोल दिया धावा, गोलियों से छलनी होने के बावजूद एक-एक आतंकी को मौत की नींद सुलाने वाले ‘असम रेजिमेंट’ के जांबाज सिपाही ‘हंगपन दादा’ Read More »

बजट सिर्फ 2 करोड़ और कमाई 100 करोड़! कैसे एक साधारण सनातनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बॉलीवुड की ‘हिन्दू-विरोधी’ विचारधारा को कर दिया तितर-बितर, अब भारत में नहीं गलेगी हिन्दुओं को नीचा दिखाने वाले ‘उर्दूवुड’ की दाल

पिछले कई दशकों से मुम्बई में बैठे एक खास ईकोसिस्टम ने, जिसे आज पूरा देश ‘उर्दूवुड’ के नाम से जानने लगा है, खुद को भारतीय सिनेमा का भगवान मान लिया था। इन्हें लगता था की अगर फिल्म में 300-400 करोड़ रुपये झोंक दिए जाएं, और किसी न किसी बहाने से हिन्दू देवी-देवताओं, साधु-संतों या सनातनी

बजट सिर्फ 2 करोड़ और कमाई 100 करोड़! कैसे एक साधारण सनातनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बॉलीवुड की ‘हिन्दू-विरोधी’ विचारधारा को कर दिया तितर-बितर, अब भारत में नहीं गलेगी हिन्दुओं को नीचा दिखाने वाले ‘उर्दूवुड’ की दाल Read More »

सिर्फ 22 साल की उम्र में अकेले आतंकियों से लोहा लेकर 359 लोगों की जान बचाने वाली भारत की वो महान बेटी, देश की पहली ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित महिला ‘नीरजा भनोट’ को जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि

अगर आपको असली नारी शक्ति देखनी है, अगर आपको देखना है की एक औरत की रीढ़ की हड्डी कितनी मजबूत हो सकती है, तो इतिहास के पन्नों को थोड़ा पीछे पलटिए। आज 7 सितंबर है। आज ही के दिन चंडीगढ़ के एक पंजाबी परिवार में उस शेरनी ने जन्म लिया था, जिसने पूरी दुनिया को

सिर्फ 22 साल की उम्र में अकेले आतंकियों से लोहा लेकर 359 लोगों की जान बचाने वाली भारत की वो महान बेटी, देश की पहली ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित महिला ‘नीरजा भनोट’ को जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि Read More »

खुद को माँ दुर्गा का सबसे बड़ा उपासक बताने वाले मोदी जी के राज में नीलाम हो रही हिंदू आस्था, माँ दुर्गा को भद्दी गालियां देने वाले घूम रहे आजाद, क्या सिर्फ जनरल और OBC को SC/ST एक्ट में सड़ाने के लिए रह गया कानून

आजकल जो देश में चल रहा है ना दोस्तों, उसे देखकर किसी भी सच्चे हिंदुस्तानी जो अपने देश की संस्कृति से प्यार करता है, उसका खून खौल उठेगा। हमने वो दौर देखा है जब 2014 में पूरे देश ने एक सुर में, एक ऐसी सरकार को गद्दी पर बिठाया था, जिससे हमें उम्मीद थी की

खुद को माँ दुर्गा का सबसे बड़ा उपासक बताने वाले मोदी जी के राज में नीलाम हो रही हिंदू आस्था, माँ दुर्गा को भद्दी गालियां देने वाले घूम रहे आजाद, क्या सिर्फ जनरल और OBC को SC/ST एक्ट में सड़ाने के लिए रह गया कानून Read More »

वो मामूली सा हिंदुस्तानी लड़का जो पाकिस्तान सेना में बन गया एक ‘मेजर’, देश के दुश्मनों की उनके ही सिस्टम में घुसकर नींदें हराम करने वाला भारत का सबसे महान जासूस ‘रविंद्र कौशिक’

हॉलीवुड की फिल्मों में जो जेम्स बॉन्ड सूट-बूट पहनकर, हाथ में गन लेकर और महंगी गाड़ियों में घूमते हुए जासूसी करता है ना, सच कहूं तो असली दुनिया में जासूसी वैसी बिल्कुल नहीं होती दोस्तों। असल ज़िंदगी के जासूस कोई ग्लैमरस लाइफ नहीं जीते और ना ही उनके पीछे कोई स्लो-मोशन वाला म्यूज़िक बजता है।

वो मामूली सा हिंदुस्तानी लड़का जो पाकिस्तान सेना में बन गया एक ‘मेजर’, देश के दुश्मनों की उनके ही सिस्टम में घुसकर नींदें हराम करने वाला भारत का सबसे महान जासूस ‘रविंद्र कौशिक’ Read More »

बंगाल में राष्ट्रवाद की एक नयी आंधी, CM शुभेंदु अधिकारी ने कर दिया RSS के 1000 स्कूल खोलने का महा-ऐलान, अब हर जिले से खड़ी होगी हिंदुत्व की ब्रिगेड

बंगाल का नाम आते ही पिछले कुछ सालों से दिमाग में सिर्फ बम-धमाके, दुर्गा पूजा विसर्जन पर लाठीचार्ज, संदेशखाली का वो खौफनाक सच और जिहादियों का नंगा नाच ही याद आता था। ऐसा लगता था जैसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी और स्वामी विवेकानंद की इस पवित्र धरती को किसी की बुरी नज़र लग गई है। लेकिन

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गरीबी की कोई जाति नहीं होती, फिर ओडिशा सरकार के फ्री कॉलेज एडमिशन फैसले में सिर्फ SC-ST वर्ग क्यों, आरक्षण के नाम पर OBC की 2600 जातियों के साथ इतना सौतेला व्यवहार कब तक

जब गांव से निकलकर किसी गरीब किसान या मज़दूर का बच्चा रात-रात भर जागकर मेहनत करता है और NEET या JEE जैसी देश की सबसे मुश्किल परीक्षा निकाल लेता है ना, तो उस कामयाबी की कोई एक जाति नहीं होती। वो सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव की जीत होती है। घर में

गरीबी की कोई जाति नहीं होती, फिर ओडिशा सरकार के फ्री कॉलेज एडमिशन फैसले में सिर्फ SC-ST वर्ग क्यों, आरक्षण के नाम पर OBC की 2600 जातियों के साथ इतना सौतेला व्यवहार कब तक Read More »

वो जांबाज जिसने भारतीयों की बेइज्जती करने वाले तानाशाह ‘हिटलर’ को घुटनों पर लाकर मंगवाई ‘लिखित माफी’, ‘जय हिन्द’ के असली जनक और अखंड भारत के पहले विदेश मंत्री ‘चेम्पाकरमन पिल्लई’

आज हम आपको भारत के एक ऐसे खूंखार और दिमागी जांबाज के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके आगे दुनिया को अपनी उँगलियों पर नचाने वाला क्रूर तानाशाह अडोल्फ हिटलर भी पानी भरता था! आज जब भी हम “जय हिन्द” बोलते हैं, तो हमें लगता है की ये नारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने

वो जांबाज जिसने भारतीयों की बेइज्जती करने वाले तानाशाह ‘हिटलर’ को घुटनों पर लाकर मंगवाई ‘लिखित माफी’, ‘जय हिन्द’ के असली जनक और अखंड भारत के पहले विदेश मंत्री ‘चेम्पाकरमन पिल्लई’ Read More »

1970 से देखा जा रहा सपना आखिरकार हुआ साकार, फ्रांस के पहले भव्य हिंदू मंदिर का होने जा रहा शंखनाद, 6 सितंबर से फ्रांस की सड़कों पर दिखेगा सनातन संस्कृति का महाकुंभ

जब भी हमारे दिमाग में फ्रांस या पेरिस का नाम आता है, तो एक बहुत ही जानी-पहचानी सी तस्वीर आती है। वही अपना एफिल टावर, दुनिया भर के फैशन शोज़ और टहलते लोग। हम भारतीयों के लिए पेरिस हमेशा से बस एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन ही रहा है। लेकिन ज़रा सोचिए, क्या हो अगर इसी पेरिस

1970 से देखा जा रहा सपना आखिरकार हुआ साकार, फ्रांस के पहले भव्य हिंदू मंदिर का होने जा रहा शंखनाद, 6 सितंबर से फ्रांस की सड़कों पर दिखेगा सनातन संस्कृति का महाकुंभ Read More »

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