Author name: संदीप (शिवा) | संस्थापक – लोगसभा

बाड़ के पार देवता, बंदूक के पार गाँव: गाईडिनल्यु का हेराका

पुलोमी की वह सुबह सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं थी। वह उस लड़की की आखिरी खुली साँस थी जिसे साम्राज्य ने आतंक कहा था, और जिसे गाँवों ने बेचा नहीं था। सोलह वर्ष की गाईडिनल्यु हथकड़ी में चली, पर उसके पीछे पहाड़, आस्था और हेराका की रीढ़ चलती रही। यह लेख उसी चलते रहने की कहानी […]

बाड़ के पार देवता, बंदूक के पार गाँव: गाईडिनल्यु का हेराका Read More »

बीजेपी अजेय नहीं विपक्ष ही अनाड़ी है, Episode 7: अल्पसंख्यक हमेशा पीड़ित और बहुसंख्यक हिन्दू हमेशा दंगाई, कांग्रेस द्वारा 2011 में पेश किया गया वो ‘हिंसा रोकथाम बिल’ जो बना उनकी भारी रणनीतिक चूक, और डाल गया BJP की झोली में पूरा हिन्दू वोट

इस एपिसोड में आप पढ़ेंगे 2011 का Prevention of Communal and Targeted Violence Bill आखिर था क्या, और इसमें ‘ग्रुप’ बनाम ‘अन्य’ का जहर कहां छिपा था। NAC यानी सोनिया गांधी की प्राइवेट मंडली ने कानून मंत्रालय को दरकिनार कर मसौदा कैसे लिखा। अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और तब के गुजरात मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने

बीजेपी अजेय नहीं विपक्ष ही अनाड़ी है, Episode 7: अल्पसंख्यक हमेशा पीड़ित और बहुसंख्यक हिन्दू हमेशा दंगाई, कांग्रेस द्वारा 2011 में पेश किया गया वो ‘हिंसा रोकथाम बिल’ जो बना उनकी भारी रणनीतिक चूक, और डाल गया BJP की झोली में पूरा हिन्दू वोट Read More »

जिस अफसर ने अफवाह पर संख्या लिखी

तुकाराम मुंढे, 11.05 बनाम 325, और दिल्ली को गया पत्र तुकाराम मुंढे को जनता सिंघम कहती है। उपनाम फिल्मी है। काम फाइल वाला है। 2005 बैच के आईएएस। इक्कीस साल में करीब पच्चीस तबादले। मई 2026 के अंत में महाराष्ट्र एफडीए संभाला। पहले महीने खाद्य सुरक्षा पर गए। फिर विभाग के दूसरे अक्षर तक पहुँचे:

जिस अफसर ने अफवाह पर संख्या लिखी Read More »

1912 का अखबार, 1914 का भाषण: मौलाना आजाद का छिपा हुआ मुखपत्र

जावेद अख्तर ने स्रोत माँगा क्योंकि 1914 का भाषण उनके नायक से मेल नहीं खाता था, आनंद रंगनाथन ने अल-हिलाल खोलकर बता दिया कि वह भाषण अचानक नहीं गिरा, दो साल की संपादकीय स्याही से निकला था। जब स्रोत आ गया जावेद अख्तर ने स्रोत माँगा क्योंकि 1914 का मौलाना उनके याद किए हुए नायक

1912 का अखबार, 1914 का भाषण: मौलाना आजाद का छिपा हुआ मुखपत्र Read More »

चाणक्य-नीति भी बन जाती घाव, जब सत्ता चल देती गलत दांव Episode 1: ‘सोशल इंजीनियरिंग’ की आड़ में अपनों के ही भरोसे का खात्मा, SC/ST Act को संजीवनी देकर कैसे बीजेपी ने खुद ही तोड़ दी अखंड हिन्दू समाज की एकता

याद रखिए: राजनीति सच में शतरंज की ही एक बिसात है। यहाँ आप कितनी भी बड़ी ‘चाणक्य-नीति’ क्यों न लगा लें, कभी-कभी सत्ता का अति-आत्मविश्वास और ‘सोशल इंजीनियरिंग’ की सनक आपसे एक ऐसा गलत दांव चलवा देती है, जिसका घाव सालों-साल नहीं भरता। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को देश की सबसे कैडर-बेस्ड और अनुशासित पार्टी

चाणक्य-नीति भी बन जाती घाव, जब सत्ता चल देती गलत दांव Episode 1: ‘सोशल इंजीनियरिंग’ की आड़ में अपनों के ही भरोसे का खात्मा, SC/ST Act को संजीवनी देकर कैसे बीजेपी ने खुद ही तोड़ दी अखंड हिन्दू समाज की एकता Read More »

क्या मैं कॉकरोच बन जाऊं? विजय माल्या का वह सवाल जो भारत पूछना नहीं चाहता

उंगली का फर्क भारत दो उंगलियां उठाता है। एक उंगली दस साल से एक आदमी पर टिकी है। दूसरी उंगली चार महीने में भीड़ बन गई और मंत्रालय तक पहुंच गई। पहली उंगली का नाम विजय माल्या है। 9 सितंबर 2026 को लंदन में वह लिखता है कि नाइंसाफी इतनी हो चुकी कि शायद कॉकरोच

क्या मैं कॉकरोच बन जाऊं? विजय माल्या का वह सवाल जो भारत पूछना नहीं चाहता Read More »

PM Modi ने पुतिन को भेंट की तिरुक्कुरल: 2000 साल पुराने इस ग्रंथ में जीवन, शासन और रिश्तों का वो ज्ञान जो आज भी प्रासंगिक है

शिखर सम्मेलन के कमरे में एक छोटी सी तमिल किताब, और वो ज्ञान जो अब रूसी भाषा में चल निकला किताब पहले, शिखर बाद में कुछ किताबें मेज की सजावट बनती हैं। कुछ किताबें मेज का सवाल बन जाती हैं। तिरुक्कुरल दूसरी तरह की है। दो पंक्तियां। सात मात्राएं। फिर भी पूरा जीवन। घर। राज्य।

PM Modi ने पुतिन को भेंट की तिरुक्कुरल: 2000 साल पुराने इस ग्रंथ में जीवन, शासन और रिश्तों का वो ज्ञान जो आज भी प्रासंगिक है Read More »

बीजेपी अजेय नहीं विपक्ष ही अनाड़ी है, Episode 6: भगवान राम का अस्तित्व नकारने की गलती और विकास के नाम पर राम सेतु तोड़ने की जिद, कांग्रेस के आत्मघाती फैसले जिन्होंने बहुसंख्यक समाज को बीजेपी के हवाले करके सौंप दी सत्ता की चाबी

शुरू करने से पहले, खुद से पूछिए अगर कोई सरकार आपके घर के आराध्य देव को अदालत में ‘काल्पनिक’ लिख दे, तो क्या आप उसे छोटी राजनीतिक गलती मानेंगे? अगर विकास के नाम पर आपके सामने पांच सुरक्षित रास्ते हों और सरकार जानबूझकर उसी रास्ते पर अड़ जाए जो आस्था को चीरता है, तो क्या

बीजेपी अजेय नहीं विपक्ष ही अनाड़ी है, Episode 6: भगवान राम का अस्तित्व नकारने की गलती और विकास के नाम पर राम सेतु तोड़ने की जिद, कांग्रेस के आत्मघाती फैसले जिन्होंने बहुसंख्यक समाज को बीजेपी के हवाले करके सौंप दी सत्ता की चाबी Read More »

जो राजा प्रतीक्षा करने से इनकार कर गया: लांगुला नरसिंह देव

तेरहवीं सदी के अधिकतर राजा प्रतीक्षा करना सीख गए। दिल्ली के सूबेदार गंगा के साथ उतरे। किले बंद हुए। कर की बात चली। कलिंग के शासक ने उलटी सड़क चुनी। लांगुला नरसिंह देव प्रथम ने युद्ध उत्तर ले लिया। कटासिन उनकी विधि थी। गजपति उनका दावा था। कोणार्क वह वाक्य था जो उन्होंने पत्थर में

जो राजा प्रतीक्षा करने से इनकार कर गया: लांगुला नरसिंह देव Read More »

बीजेपी अजेय नहीं विपक्ष ही अनाड़ी है, Episode 5: मुजफ्फरनगर दंगे और सपा की तुष्टिकरण की इंतहा, सिर्फ मुसलमानों को 5 लाख मुआवजा और कार्यवाही ना करके हिंदुओं को अनाथ छोड़ने की भूल जिसने ला दी 2014 में BJP की सुनामी और हो गया UP में सबका सूपड़ा साफ़

पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स और टीवी रिपोर्टर अक्सर बोलते रहते रहते हैं की बीजेपी का चुनाव जीतने का मैनेजमेंट इतना तगड़ा है की उन्हें कोई हरा ही नहीं सकता। लोगों ने दिमाग में ये बात बैठा ली है की शायद अमित शाह और मोदी जी के पास कोई जादुई छड़ी है जिसे घुमाते ही रातों-रात जनता वोट

बीजेपी अजेय नहीं विपक्ष ही अनाड़ी है, Episode 5: मुजफ्फरनगर दंगे और सपा की तुष्टिकरण की इंतहा, सिर्फ मुसलमानों को 5 लाख मुआवजा और कार्यवाही ना करके हिंदुओं को अनाथ छोड़ने की भूल जिसने ला दी 2014 में BJP की सुनामी और हो गया UP में सबका सूपड़ा साफ़ Read More »

Scroll to Top