Author name: संदीप (शिवा) | संस्थापक – लोगसभा

बीजेपी अजेय नहीं विपक्ष ही अनाड़ी है, Episode 8: जब 2006 बनारस बम ब्लास्ट के आतंकियों को रिहा करने हाईकोर्ट पहुंचे अखिलेश यादव, मुस्लिम वोटबैंक हासिल करने का वो ‘समाजवादी सेल्फ-गोल’ जिसने UP में हर राष्ट्रभक्त को बना दिया BJP का पक्का वोटर

20+ निर्दोष मारे गए 100+ गंभीर रूप से घायल 73 / 80 UP लोकसभा, 2014 325 UP विधानसभा, 2017 इस एपिसोड में 01 · यूपी की राजनीति का पुराना दौर 02 · 7 मार्च 2006 का वो दर्दनाक मंगलवार 03 · लश्कर और हूजी के आतंकी 04 · सपा का 2012 चुनावी मेनिफेस्टो 05 · […]

बीजेपी अजेय नहीं विपक्ष ही अनाड़ी है, Episode 8: जब 2006 बनारस बम ब्लास्ट के आतंकियों को रिहा करने हाईकोर्ट पहुंचे अखिलेश यादव, मुस्लिम वोटबैंक हासिल करने का वो ‘समाजवादी सेल्फ-गोल’ जिसने UP में हर राष्ट्रभक्त को बना दिया BJP का पक्का वोटर Read More »

चाणक्य-नीति भी बन जाती घाव जब सत्ता चल देती गलत दांव Episode 2: बिना चर्चा के थोप दिए 3 कृषि कानून, लाल किले पर लहूलुहान हुई पुलिस और 700 किसानों की मौत, अति-आत्मविश्वास में चला गया BJP का वो ‘2020 कृषि कानूनों’ का दांव जिसने सत्ता की इमेज कर दी तार-तार

3 कृषि कानून थोपे 11 दौर बातचीत नाकाम 700+ किसानों की मौतें 19 नव 2021 का यू-टर्न इस लेख को कैसे पढ़ें नीचे टाइमलाइन से पूरी कहानी एक नज़र में देखिए। फिर दस अध्यायों में घटनाक्रम पढ़िए। नारंगी बॉक्स मुख्य सबक हैं, नीले बॉक्स पाठक के लिए रुककर सोचने वाले सवाल हैं। मूल भाषा और

चाणक्य-नीति भी बन जाती घाव जब सत्ता चल देती गलत दांव Episode 2: बिना चर्चा के थोप दिए 3 कृषि कानून, लाल किले पर लहूलुहान हुई पुलिस और 700 किसानों की मौत, अति-आत्मविश्वास में चला गया BJP का वो ‘2020 कृषि कानूनों’ का दांव जिसने सत्ता की इमेज कर दी तार-तार Read More »

कर्तव्य या नियति? गीता बनाम कुरान की कक्षा-बहस एक झूठा विकल्प क्यों है

गीता का कर्मयोग अधिकतर लोग कर्मयोग को एक नारा समझकर छोड़ देते हैं: काम करो, फल की चिंता मत करो। नारा दफ्तर की दीवार पर सुंदर लगता है। मैदान में वह अधूरा है। गीता उस जगह शुरू होती है जहाँ काम पहले से दूषित दिख रहा है। अर्जुन का संकट आलस नहीं है। वह यह

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बाड़ के पार देवता, बंदूक के पार गाँव: गाईडिनल्यु का हेराका

पुलोमी की वह सुबह सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं थी। वह उस लड़की की आखिरी खुली साँस थी जिसे साम्राज्य ने आतंक कहा था, और जिसे गाँवों ने बेचा नहीं था। सोलह वर्ष की गाईडिनल्यु हथकड़ी में चली, पर उसके पीछे पहाड़, आस्था और हेराका की रीढ़ चलती रही। यह लेख उसी चलते रहने की कहानी

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बीजेपी अजेय नहीं विपक्ष ही अनाड़ी है, Episode 7: अल्पसंख्यक हमेशा पीड़ित और बहुसंख्यक हिन्दू हमेशा दंगाई, कांग्रेस द्वारा 2011 में पेश किया गया वो ‘हिंसा रोकथाम बिल’ जो बना उनकी भारी रणनीतिक चूक, और डाल गया BJP की झोली में पूरा हिन्दू वोट

इस एपिसोड में आप पढ़ेंगे 2011 का Prevention of Communal and Targeted Violence Bill आखिर था क्या, और इसमें ‘ग्रुप’ बनाम ‘अन्य’ का जहर कहां छिपा था। NAC यानी सोनिया गांधी की प्राइवेट मंडली ने कानून मंत्रालय को दरकिनार कर मसौदा कैसे लिखा। अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और तब के गुजरात मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने

बीजेपी अजेय नहीं विपक्ष ही अनाड़ी है, Episode 7: अल्पसंख्यक हमेशा पीड़ित और बहुसंख्यक हिन्दू हमेशा दंगाई, कांग्रेस द्वारा 2011 में पेश किया गया वो ‘हिंसा रोकथाम बिल’ जो बना उनकी भारी रणनीतिक चूक, और डाल गया BJP की झोली में पूरा हिन्दू वोट Read More »

जिस अफसर ने अफवाह पर संख्या लिखी

तुकाराम मुंढे, 11.05 बनाम 325, और दिल्ली को गया पत्र तुकाराम मुंढे को जनता सिंघम कहती है। उपनाम फिल्मी है। काम फाइल वाला है। 2005 बैच के आईएएस। इक्कीस साल में करीब पच्चीस तबादले। मई 2026 के अंत में महाराष्ट्र एफडीए संभाला। पहले महीने खाद्य सुरक्षा पर गए। फिर विभाग के दूसरे अक्षर तक पहुँचे:

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1912 का अखबार, 1914 का भाषण: मौलाना आजाद का छिपा हुआ मुखपत्र

जावेद अख्तर ने स्रोत माँगा क्योंकि 1914 का भाषण उनके नायक से मेल नहीं खाता था, आनंद रंगनाथन ने अल-हिलाल खोलकर बता दिया कि वह भाषण अचानक नहीं गिरा, दो साल की संपादकीय स्याही से निकला था। जब स्रोत आ गया जावेद अख्तर ने स्रोत माँगा क्योंकि 1914 का मौलाना उनके याद किए हुए नायक

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चाणक्य-नीति भी बन जाती घाव, जब सत्ता चल देती गलत दांव Episode 1: ‘सोशल इंजीनियरिंग’ की आड़ में अपनों के ही भरोसे का खात्मा, SC/ST Act को संजीवनी देकर कैसे बीजेपी ने खुद ही तोड़ दी अखंड हिन्दू समाज की एकता

याद रखिए: राजनीति सच में शतरंज की ही एक बिसात है। यहाँ आप कितनी भी बड़ी ‘चाणक्य-नीति’ क्यों न लगा लें, कभी-कभी सत्ता का अति-आत्मविश्वास और ‘सोशल इंजीनियरिंग’ की सनक आपसे एक ऐसा गलत दांव चलवा देती है, जिसका घाव सालों-साल नहीं भरता। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को देश की सबसे कैडर-बेस्ड और अनुशासित पार्टी

चाणक्य-नीति भी बन जाती घाव, जब सत्ता चल देती गलत दांव Episode 1: ‘सोशल इंजीनियरिंग’ की आड़ में अपनों के ही भरोसे का खात्मा, SC/ST Act को संजीवनी देकर कैसे बीजेपी ने खुद ही तोड़ दी अखंड हिन्दू समाज की एकता Read More »

क्या मैं कॉकरोच बन जाऊं? विजय माल्या का वह सवाल जो भारत पूछना नहीं चाहता

उंगली का फर्क भारत दो उंगलियां उठाता है। एक उंगली दस साल से एक आदमी पर टिकी है। दूसरी उंगली चार महीने में भीड़ बन गई और मंत्रालय तक पहुंच गई। पहली उंगली का नाम विजय माल्या है। 9 सितंबर 2026 को लंदन में वह लिखता है कि नाइंसाफी इतनी हो चुकी कि शायद कॉकरोच

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PM Modi ने पुतिन को भेंट की तिरुक्कुरल: 2000 साल पुराने इस ग्रंथ में जीवन, शासन और रिश्तों का वो ज्ञान जो आज भी प्रासंगिक है

शिखर सम्मेलन के कमरे में एक छोटी सी तमिल किताब, और वो ज्ञान जो अब रूसी भाषा में चल निकला किताब पहले, शिखर बाद में कुछ किताबें मेज की सजावट बनती हैं। कुछ किताबें मेज का सवाल बन जाती हैं। तिरुक्कुरल दूसरी तरह की है। दो पंक्तियां। सात मात्राएं। फिर भी पूरा जीवन। घर। राज्य।

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