Author name: संदीप (शिवा) | संस्थापक – लोगसभा

“जागो हिंदू जागो” नारा या धोखा? अपने बच्चों को विदेश भेजकर आम हिंदूओं की बलि चढ़ाते हैं नेता…चंदन गुप्ता से कन्हैयालाल तक कई नाम

चंदन गुप्ता से लेकर कन्हैया लाल तक, सड़कों पर आम हिंदू का ही खून बह रहा है। और दूसरी तरफ उनके ‘राजनीतिक ठेकेदार’ अपने बच्चों को विदेश में हार्वर्ड, लीड्स और पेनसिल्वेनिया की यूनिवर्सिटीज़ में भेज रहे हैं- उन सारे ताम-झाम से एकदम दूर, जिनका सामना करने के लिए वे दूसरों को उकसाते हैं। आख़िर […]

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गोंदेश्वर धाम: शिव की कृपा, श्रद्धा और शाश्वत स्थापत्य का दिव्य संगम

आज के समय में, जब अक्सर भारत के प्राचीन वैज्ञानिक ज्ञान को कम आँका जाता है, गोंदेश्वर मंदिर एक अलग सच्चाई सामने रखता है। यादव काल में बना यह मंदिर दिखाता है कि उस समय के शिल्पकारों को उन्नत इंजीनियरिंग का अच्छा ज्ञान था। उन्होंने बिना गारे के पत्थरों को जोड़कर ऐसी मजबूत संरचना बनाई,

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#YogiModelJustice: राजपूत बच्ची के साथ दरिंदगी के बाद हत्या, बिहार चुप? नेताओं का ‘स्वर्ण-दलित’ वोट बैंक का गंदा खेल

11 मार्च 2026 की दोपहर। छपरा (सारण) की रहने वाली 15 साल की एक बच्ची अपने पुराने घर से कुछ सामान लेने निकली थी। किसे पता था की वो कभी ज़िंदा लौटकर नहीं आएगी? पांच दरिंदे पहले से ही घात लगाए बैठे थे। उन्होंने उसे घसीटकर बाथरूम में खींचा, उसके साथ दुष्कर्म किया।  उसकी चीखें

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“मैं पंडित हूँ जो अवसर के अनुसार बदलता हूँ – लेकिन मेरे पूर्वज चाणक्य से हेडगेवार तक राष्ट्र और धर्म के लिए मर मिटे"

“मैं पंडित हूँ जो अवसर के अनुसार बदलता हूँ – लेकिन मेरे पूर्वज चाणक्य से हेडगेवार तक राष्ट्र और धर्म के लिए मर मिटे”

14 मार्च 2026 की बात है। यूपी पुलिस भर्ती की एक परीक्षा अचानक पूरे देश में बवाल का कारण बन गयी। परीक्षा में एक बहुत ही चालाकी भरा सवाल पूछा था: ‘अवसर के अनुसार कौन बदलता है?’ और इसके उत्तर के लिए दिए गए विकल्पों में एक ऐसा शब्द था जिस पर साज़िश की बू

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विंध्याचल की पावन धरती: जहाँ स्वयं विराजती हैं माँ विंध्यवासिनी

विंध्याचल की पावन धरती: जहाँ स्वयं विराजती हैं माँ विंध्यवासिनी

असंख्य श्रद्धालुओं के लिए विंध्याचल सिर्फ एक स्थान नहीं, बल्कि माँ का जीवंत धाम है। श्रद्धा से जुड़े हाथों और विश्वास से भरे मन के साथ भक्त यहाँ माँ का आशीर्वाद पाने आते हैं। जब वे त्रिकोण परिक्रमा करते हुए एक मंदिर से दूसरे मंदिर तक पहुँचते हैं, तो हर कदम, हर मंत्र और हर

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मोरारजी देसाई ने फोन पर PAK को बताया था न्यूक्लियर राज, बदले में मिला निशान-ए-पाकिस्तान, मारे गए थे कई रॉ एजेंट

मोरारजी देसाई ने फोन पर PAK को बताया था न्यूक्लियर राज, बदले में मिला निशान-ए-पाकिस्तान, मारे गए थे कई रॉ एजेंट

देश की सुरक्षा और संप्रभुता की फिक्र करने वाले हर हिंदुस्तानी के ज़ेहन में एक तस्वीर हमेशा के लिए छप चुकी है। भारत का एक पूर्व प्रधानमंत्री, एक ऐसा आदमी जो कभी इस देश की सबसे बड़ी संवैधानिक कुर्सी पर बैठा था, वो पाकिस्तान का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान ‘निशान-ए-पाकिस्तान’ ले रहा है। ये सम्मान

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CAA और किसान आंदोलन में नरमी, UGC पर घर में कैद — BJP को जनरल वोटर से क्या दिक्कत है?

ज़रा सोचकर देखिए: यूपी के एक छोटे से शहर का रहने वाला 28-30 साल का एक नौजवान। एक स्कूल टीचर का बेटा। खूब जी-तोड़ मेहनत की, कोई प्रतियोगी परीक्षा निकाला, और सपना था की किसी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बनेगा। जबसे वोट डालने लायक हुआ, तब से हर चुनाव में पूरे यकीन के साथ उसने बीजेपी

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ओंकारेश्वर, उखीमठ: केदारनाथ की दिव्य उपस्थिति का शीतकालीन धाम

ओंकारेश्वर, उखीमठ: केदारनाथ की दिव्य उपस्थिति का शीतकालीन धाम

गढ़वाल हिमालय की ऊँची पर्वत श्रृंखलाओं के बीच एक ऐसा पवित्र मंदिर स्थित है, जिसका संबंध भगवान शिव की निरंतर उपस्थिति से जुड़ा हुआ है। यहाँ का वातावरण, शांत पहाड़ और ठंडी हवाएँ मानो “महादेव” का स्मरण कराती हैं। जब कठोर हिमालयी शीतकाल में केदारनाथ धाम भारी बर्फबारी से ढक जाता है और वहाँ तक

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हिंदू युवा वाहिनी: योगी महाराज की वो अदृश्य सेना

गोरखपुर स्टेशन से बस कुछ ही कदम की दूरी पर महाराणा प्रताप मार्ग है। वहीं एक साधारण सी दो मंजिला इमारत है। बंद दरवाज़े के ठीक ऊपर योगी आदित्यनाथ का एक धुंधला सा पोस्टर आज भी टंगा है। आस-पास के दुकानदार बताते हैं की पहले रोज़ सुबह कोई न कोई आकर इस दफ्तर को खोलता

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ओंकारेश्वर: नर्मदा के मध्य गूँजता सनातन ‘ॐ’

कुछ मंदिर राजाओं द्वारा बनाए जाते हैं और कुछ श्रद्धा से आकार लेते हैं। लेकिन दुनिया में बहुत कम ऐसे पवित्र स्थान हैं जिन्हें स्वयं प्रकृति ने रचा हो। नर्मदा नदी की धाराओं के बीच स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर ऐसा ही एक अद्भुत स्थान है। यह मंदिर एक द्वीप पर स्थित है, जिसके बारे में

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