Author name: संदीप (शिवा) | संस्थापक – लोगसभा

सद्दाम — अरब का ‘हिंदू-राष्ट्रवादी’ तानाशाह

दक्षिण ब्लॉक में वह गर्म दोपहर (1974) मार्च 1974 की एक तपती दोपहर थी। युवा और आत्मविश्वासी सद्दाम हुसैन — जो उस समय इराक़ का राष्ट्रपति नहीं, पर सत्ता का असली केंद्र बन चुका था — नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से मिलने पहुँचा। ख़ाकी सैन्य वर्दी, सलीके से […]

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वीर सावरकर — वह बाग़ी जिसने अपनी क्रांति खुद लिखी

अग्नि से जन्मा एक क्रांतिकारी महाराष्ट्र के नासिक ज़िले के छोटे से गाँव भगूर में 28 मई 1883 को एक ऐसे बालक का जन्म हुआ, जिसने आगे चलकर ब्रिटिश साम्राज्य को बंदूकों से नहीं, बल्कि अपने विचारों से हिला दिया। उसका नाम था — विनायक दामोदर सावरकर। तक़दीर ने इस तर्कशील युवक को एक ऐसी

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🕉️ महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन — अनादि काल के अधिपति

मध्य प्रदेश के उज्जैन में पवित्र शिप्रा नदी के तट पर स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर भगवान शिव के सबसे पूजनीय धामों में से एक है। यह बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है — वे स्थान जहाँ शिव स्वयं अनंत प्रकाश-स्तंभ (ज्योति) के रूप में प्रकट हुए थे। “महाकालेश्वर” शब्द “महान” और “काल” से मिलकर बना

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गोपाल पाठा: वह कसाई जिसने शहर को बचा लिया

एक मांस बेचने वाला आदमी, जो 1946 में कोलकाता और तबाही के बीच दीवार बन गया। शहर में आग — एक डरावनी शुरुआत अगस्त 1946, कोलकाता। हवा में धुआँ और डर दोनों फैले थे। मस्जिदें और मंदिर एक साथ जल रहे थे। जहाँ कभी व्यापारियों की हँसी और ट्राम की घंटियाँ सुनाई देती थीं, वहीं

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लचित बोरफुकन: वह सेनापति जिसने एक ही रात में दीवार खड़ी की और एक साम्राज्य को हरा दिया

ब्रहमपुत्र के किनारे वह रात बिल्कुल शांत थी। नदी किनारे लगी हुई मशालें झिलमिलाती थीं और उनकी रोशनी पानी में हिलते-डुलते प्रतिबिंब बना रही थी। हज़ारों सैनिक बिना आवाज़ किए दौड़-भाग में लगे थे—कहीं खुदाई चल रही थी, कहीं मिट्टी की टोकरियाँ ढोई जा रही थीं और धीरे-धीरे एक मिट्टी का किला आकार ले रहा

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Shadows of Influence — The Untold Story of America’s Grip on Pakistan

अमेरिका की गिरफ्त में पाकिस्तान, जानिए कंगाल पड़ोसी पर अदृश्य नियंत्रण की अनकही कहानी

वॉशिंगटन की महफ़िल में पाकिस्तान का नाच दुनिया की ख़ुफ़िया एजेंसियों के अंधेरे गलियारों में सच शायद ही कभी उजाले में आता है। वह छिपा रहता है – गुप्त संदेशों में, बैकडोर कूटनीति में और अनगिनत पैसों से भरे ब्रीफ़केसों में। कभी-कभी कोई अंदरूनी व्यक्ति परदा हटाता है — किसी एक स्कैंडल को नहीं, बल्कि

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Sarkari Kaam: एफडीआई और भूमि आवंटन के जरिए शासन और विकास का संगम

भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर में, जहाँ शासन, निवेश और विकास मिलकर देश की प्रगति की दिशा तय करते हैं, सरकारी काम (Sarkari Kaam) एक ऐसी संस्था के रूप में उभरा है जो सरकारी प्रक्रियाओं को आसान, पारदर्शी और परिणाममुखी बनाने के लिए समर्पित है। नीतियों और प्रगति के संगम पर स्थित यह संस्था निवेशकों,

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कल्याण सिंह: सत्ता, राजनीति और हिंदुत्व के प्रति अटल विश्वास की कहानी

कल्याण सिंह: सत्ता, राजनीति और हिंदुत्व के प्रति अडिग विश्वास का जीवन

जब राजनीति अक्सर सुविधा और समझौते के आगे झुक जाती थी, उस दौर में कल्याण सिंह ऐसे नेता के रूप में उभरे, जिन्होंने अपने सिद्धांतों और विश्वासों से कभी समझौता नहीं किया। अलीगढ़ के एक छोटे से गाँव के साधारण शिक्षक से लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने तक की उनकी यात्रा आस्था, साहस और

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मंगल पांडे: वह चिंगारी जिसने आज़ादी की लौ जलाई

बैरकपुर की घटना – आज़ादी की पहली लपट मार्च 1857 की एक शांत रविवार दोपहर थी। बैरकपुर की परेड ग्राउंड पर सब कुछ सामान्य लग रहा था, जब अचानक एक सिपाही आगे बढ़ा — हाथ में बंदूक, आँखों में क्रोध, और चेहरे पर अडिग संकल्प। वह थे मंगल पांडे, 29 वर्ष का जवान, जो उत्तर

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केदारनाथ मंदिर: भगवान शिव का अनंत धाम और आस्था की अमर गाथा

उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय की बर्फ़ से ढकी पहाड़ियों में, समुद्र तल से करीब 3,583 मीटर की ऊँचाई पर स्थित केदारनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित हिन्दू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थों में से एक है। यह मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक होने के साथ-साथ चार धाम और पंच केदार यात्रा का भी महत्वपूर्ण

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