चोल राजाओं के ‘वैभव’ और हमारी ‘सनातन धरोहर’ की ऑस्ट्रेलिया से ‘घर वापसी’, नंदी जी, भगवान कार्तिकेय और माता भद्रकाली के त्रिशूल वापस लौट रहे अपने ‘धाम’
हमारे पूर्वजों ने हज़ारों साल पहले ऐसे-ऐसे भव्य मंदिर और ऐसी अद्भुत मूर्तियां गढ़ी थीं, जिन्हें देखकर आज के बड़े-बड़े विदेशी इंजीनियर और वैज्ञानिक भी दांतों तले उंगलियां दबा लेते हैं। लेकिन सदियों तक विदेशी लूटेरों, अंग्रेजों और आज के इन अंतरराष्ट्रीय स्मगलरों ने हमारी इसी आस्था को सरेआम लूटा। उन्होंने हमारे मंदिरों के ताले […]









