जब आरोप ही सज़ा बन जाए: भारत में न्याय की सबसे बड़ी चुनौती
न कोई मुक़दमा। न कोई सबूत। न कोई बचाव। सिर्फ़ एक वायरल वीडियो—और एक इंसान की ज़िंदगी मिटा दी गई। कोझिकोड ने हमारे सामने एक कठोर सच्चाई रख दी है: आज सार्वजनिक शर्मिंदगी क़ानूनी प्रक्रिया का स्थान लेती जा रही है और सोशल मीडिया बिना जाँच, बिना सुनवाई अंतिम फ़ैसला सुना देता है। झूठे उत्पीड़न […]
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