कमजोर मानसून और एल नीनो की आहट: 2026 सूखे का साल तो नहीं?
कल्पना कीजिए वर्ष 1899 की एक गर्म दोपहर। मध्य भारत के एक गांव में किसान अपनी सूखी ज़मीन को देखकर आंसू पोछ रहा है। जहां कभी हरी-भरी फसलें लहराती थीं, वहां अब सिर्फ फटी धरती और मुरझाए पौधे बाकी हैं। मानसून ने साथ छोड़ दिया था। लाखों परिवार भूख और प्यास की मार झेल रहे […]
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