गाजियाबाद नगर निगम की बेशर्मी, शमशान में भी ‘शांतिदूतों’ का कब्जा, हिंदुओं की अंतिम यात्रा का टेंडर ‘अली’ के हाथ
ज़िंदगी भर की भागदौड़ और तमाम जद्दोजहद के बाद, एक हिन्दू आख़िरकार क्या चाहता है? बस यही न, की जब उसकी आंखें हमेशा के लिए बंद हों, तो उसकी जुबान पे श्री राम का नाम हो, और वो सनातन विधियों और मंत्रों के बीच अपना शरीर त्यागे। लेकिन क्या हो अगर उसी अंत समय में […]









