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76 साल की उम्र और 25 साल का बेदाग शासन, एक साधारण कार्यकर्ता से प्रधानमंत्री बनकर देश की तकदीर बदलने वाले ‘नरेंद्र दामोदर दास मोदी’ को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं

आज का दिन हिंदुस्तान की राजनीति और इतिहास के लिए एक बहुत ख़ास दिन है। आज 17 सितंबर 2026 है, और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। आज का दिन इसलिए भी बहुत बड़ा है क्योंकि मोदी जी के सार्वजनिक जीवन (Public Life) यानी सत्ता के शिखर पर बैठे हुए […]

76 साल की उम्र और 25 साल का बेदाग शासन, एक साधारण कार्यकर्ता से प्रधानमंत्री बनकर देश की तकदीर बदलने वाले ‘नरेंद्र दामोदर दास मोदी’ को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं Read More »

जिसने दुश्मनों के बीच देश की रक्षा में खपा दी अपनी पूरी जवानी, उस ‘अजीत डोभाल’ को BRICS मीटिंग में थका हुआ देखकर हँस रही ट्रोल्स की फौज, अपने ही देशभक्तों पर कीचड़ उछालने का ये कैसा घिनौना खेल

सच कहूं तो आज सोशल मीडिया इतना गंदा हो चुका है की कभी-कभी लगता है इंसानियत और शर्म नाम की चीज़ लोगों के जमीर से पूरी तरह मर चुकी है। राजनीति में किसी नेता का विरोध करना, उसकी नीतियों से असहमत होना लोकतंत्र का हिस्सा है। आपको सत्ता में बैठे लोगों से चिढ़ हो सकती

जिसने दुश्मनों के बीच देश की रक्षा में खपा दी अपनी पूरी जवानी, उस ‘अजीत डोभाल’ को BRICS मीटिंग में थका हुआ देखकर हँस रही ट्रोल्स की फौज, अपने ही देशभक्तों पर कीचड़ उछालने का ये कैसा घिनौना खेल Read More »

अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर CM योगी के खिलाफ जहर उगलने वाली नेहा बोरा पर UP पुलिस की कार्रवाई में देरी क्यों, अगर खाकी रही खामोश तो लोगसभा की लीगल टीम खुद लड़ेगी कानूनी जंग

गोरखपुर वो शहर है जहाँ के चप्पे-चप्पे में बाबा गोरखनाथ का आशीर्वाद बसता है। ये कोई मामूली ज़िला नहीं है, ये यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मभूमि है, गोरक्षपीठ का सबसे बड़ा गढ़ है। पिछले कुछ सालों में जिस गोरखपुर ने पूरे देश को माफिया-फ्री और भयमुक्त सुशासन का मॉडल दिया है, उसी गोरखपुर

अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर CM योगी के खिलाफ जहर उगलने वाली नेहा बोरा पर UP पुलिस की कार्रवाई में देरी क्यों, अगर खाकी रही खामोश तो लोगसभा की लीगल टीम खुद लड़ेगी कानूनी जंग Read More »

25 साल पुरानी वाजपेयी जी की उस परंपरा को दोहराने का सबसे बड़ा ऐतिहासिक पल, दुनिया के ताकतवर नेताओं के बीच योगी को आगे कर मोदी ने घोषित कर दिया देश के प्रधानमंत्री का अगला उत्तराधिकारी

लंबे समय से देश और दुनिया में एक सवाल गूंज रहा था की “मोदी के बाद कौन?” देश-विरोधी ताकतें इस इंतज़ार में लार टपका रही थीं की जिस दिन नरेंद्र मोदी राजनीति से रिटायर होंगे, भारत में नेतृत्व का ऐसा अकाल पड़ेगा की कोई कमज़ोर सी कठपुतली सरकार सत्ता में आ जाएगी। लेकिन मोदी ने

25 साल पुरानी वाजपेयी जी की उस परंपरा को दोहराने का सबसे बड़ा ऐतिहासिक पल, दुनिया के ताकतवर नेताओं के बीच योगी को आगे कर मोदी ने घोषित कर दिया देश के प्रधानमंत्री का अगला उत्तराधिकारी Read More »

मेडिकल कॉलेजों में SC/ST के भारी आरक्षण की अंधी दौड़, असली पिछड़े OBC की सीटें घटीं लेकिन फिर भी रोने-धोने के बजाय मेरिट की राह पर आगे बढ़ रहा पूरा ओबीसी वर्ग

हमारे देश के सिस्टम का उसूल बड़ा ही अजीब है। जो समाज देश की रीढ़ है, जो सच में ज़मीन पर पसीना बहा रहा है, राजनीति के इस ‘आरक्षण वाले केक’ की वजह से उसी का हिस्सा सबसे पहले और सबसे बेरहमी से काटा जाता है। हम बात कर रहे हैं हमारे ओबीसी (OBC) समाज

मेडिकल कॉलेजों में SC/ST के भारी आरक्षण की अंधी दौड़, असली पिछड़े OBC की सीटें घटीं लेकिन फिर भी रोने-धोने के बजाय मेरिट की राह पर आगे बढ़ रहा पूरा ओबीसी वर्ग Read More »

कश्मीर में फिर 1990 जैसे हालात की आहट, 7000 कश्मीरी पंडितों को आतंकियों का ‘भागो या मरो’ का फरमान, पुरखों की धरती पर बेबस मरने के बजाय अब खुद हथियार उठाकर लड़ने का आ गया समय

कुछ ज़ख्म ऐसे होते हैं जिन पर वक्त कितनी भी मरहम लगा ले, वो कभी भरते नहीं हैं। 1990 का वो खौफनाक दौर… जब कश्मीर में रातों-रात मस्जिदों के लाउडस्पीकरों से चीख-चीख कर ऐलान किया जा रहा था- “रालिव, गालिव, चालिव” (या तो हमारे धर्म में आ जाओ, या मरो, या फिर अपनी औरतों को

कश्मीर में फिर 1990 जैसे हालात की आहट, 7000 कश्मीरी पंडितों को आतंकियों का ‘भागो या मरो’ का फरमान, पुरखों की धरती पर बेबस मरने के बजाय अब खुद हथियार उठाकर लड़ने का आ गया समय Read More »

BRICS के मंच पर भारत मनवा रहा अपना कूटनीतिक लोहा और राहुल गांधी को सता रही शाही डिनर में ‘नॉन-वेज’ की चिंता, विश्व पटल पर देश की इतनी बड़ी जीत के बीच विपक्ष का ये विलाप आखिर क्यों

कभी-कभी मुझे सच में लगता है की विपक्ष के रणनीतिकारों को कोई ‘ऑस्कर-वॉस्कर’ मिलना चाहिए। मतलब, जब पूरा देश एक साथ मिलकर भारत की किसी बड़ी ग्लोबल कामयाबी का जश्न मना रहा होता है, तब ये लोग कोई न कोई ऐसा कॉमेडी शो लेकर आ ही जाते हैं की इंसान अपना सिर पीट ले। 2026

BRICS के मंच पर भारत मनवा रहा अपना कूटनीतिक लोहा और राहुल गांधी को सता रही शाही डिनर में ‘नॉन-वेज’ की चिंता, विश्व पटल पर देश की इतनी बड़ी जीत के बीच विपक्ष का ये विलाप आखिर क्यों Read More »

क्या वाल्मीकि समाज की बेटियों को न्याय का अधिकार नहीं? खुद को दलितों का मसीहा बताने वाले चंद्रशेखर आज़ाद क्यों उठाते सिर्फ जाटव समाज की आवाज़

आजकल की दलित राजनीति में ‘मसीहा’ बनना कितना आसान हो गया है ना? कंधे पर एक नीले रंग का गमछा डाल लो, मंच पर चढ़कर बड़ी-बड़ी और लच्छेदार बातें कर दो, कैमरे के सामने उंगली उठाकर दहाड़ने की एक्टिंग कर लो, और बस… रातों-रात आप एक पूरे दलित समाज के ठेकेदार बन जाते हैं। जनता,

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दुर्गा माँ को गालियां देने वाली निशु आज़ाद को सुप्रीम कोर्ट की VIP सुरक्षा और मामूली विवाद में बेगुनाह पर झूठा SC/ST एक्ट, लेकिन जब ये केस निकलते फर्जी तो इस अंधे बहरे कानून को क्यों सूंघ जाता सांप

हम हमेशा से कोर्ट-कचहरी और कानून की किताबों में न्याय की देवी की वो मूर्ति देखते आए हैं, जिसकी आँखों पर काली पट्टी बंधी होती है। हमें सिखाया गया की ये पट्टी इसलिए है ताकि कानून किसी के साथ भेदभाव न करे। लेकिन आज के इस दौर में सच कहूं तो इस पट्टी का मतलब

दुर्गा माँ को गालियां देने वाली निशु आज़ाद को सुप्रीम कोर्ट की VIP सुरक्षा और मामूली विवाद में बेगुनाह पर झूठा SC/ST एक्ट, लेकिन जब ये केस निकलते फर्जी तो इस अंधे बहरे कानून को क्यों सूंघ जाता सांप Read More »

ससुर अशोक सिद्धार्थ ने दामाद के लिए छोड़ दी राजनीति, लेकिन बुआ के दरबार में फेल हो गई हर तरकीब और आकाश आनंद के हाथ से हमेशा के लिए छिन गया बसपा का साम्राज्य

यूपी की सियासत का ऊंट कब किस करवट बैठ जाए, ये कोई नहीं बता सकता। 2027 के विधानसभा चुनाव का बिगुल बस बजने ही वाला है। ऐसे वक्त में जब हर पार्टी अपने विरोधियों को चित करने के लिए दिन-रात पसीना बहा रही है, तब बहुजन समाज पार्टी (BSP) अपने ही घर के ‘गेम ऑफ

ससुर अशोक सिद्धार्थ ने दामाद के लिए छोड़ दी राजनीति, लेकिन बुआ के दरबार में फेल हो गई हर तरकीब और आकाश आनंद के हाथ से हमेशा के लिए छिन गया बसपा का साम्राज्य Read More »

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