“मैं आज़ाद हूं” — चंद्रशेखर तिवारी यूं बने थे ‘आजाद’, छोटी-सी उम्र में उड़ा दिए थे अंग्रेज जज के होश
जब कोई युवक अदालत के कटघरे में खड़ा होकर अपने नाम के स्थान पर दृढ़ स्वर में कह दे – “नाम: आज़ाद, पिता का नाम: स्वतंत्रता, और पता: जेलखाना”, तो समझ लेना चाहिए कि वह सामान्य मनुष्य नहीं, इतिहास की धड़कन है। यह स्वर था चंद्रशेखर आज़ाद का – उस क्रांतिकारी का, जो सचमुच काल […]





























































































































































































































































































































































































